Indian Coast Guard Recruitment 2026: 365 पदों पर भर्ती का मौका, 10वीं-12वीं पास युवा करें आवेदन, आज है आखिरी तारीख
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स्वर्ग का सपना दिखाकर 190 बच्चों को भूखा मारा:केन्या में धर्मगुरु दोषी करार; जंगल से 400 से ज्यादा शव मिले
केन्या में धर्म के नाम पर बच्चों को भूखा रखकर मारने के मामले में धर्मगुरु पॉल मैकेंजी और उसके करीब 30 साथियों को दोषी ठहराया गया है। रॉयटर्स को मुताबिक, मैकेंजी ने लोगों से कहा था कि दुनिया खत्म होने से पहले भूखे रहने पर वे स्वर्ग पहुंच जाएंगे। इस मामले में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत हुई। अब सजा 6 नवंबर को सुनाई जाएगी। मैकेंजी जिस शाकाहोला जंगल में रहता था, पुलिस को वहां सामूहिक कब्रों की जानकारी मिली। इसके बाद शव निकालने का काम शुरू हुआ। अब तक यहां 400 से ज्यादा शव मिल चुके हैं। सोमवार को अदालत ने 191 मौतों के मामले में फैसला सुनाया, जबकि बाकी मौतों की जांच अभी जारी है। ईसाई धर्म के नाम पर अलग ग्रुप चला रहा था मैकेंजी सरकारी वकीलों के मुताबिक, मैकेंजी गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के जरिए ईसाई धर्म के नाम पर एक ऐसा ग्रुप चला रहा था, जो दुनिया के खत्म होने की बात करता था। रॉयटर्स के मुताबिक, उसने लोगों को भूखा रखकर मारने की योजना तीन चरणों में बनाई थी। इस मामले में मैकेंजी ने हत्या के आरोपों से इनकार किया। उसने कहा कि उसने किसी को भूखा रहने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि, अदालत ने उसकी दलील नहीं मानी। हिरासत में होते हुए 52 लोगों की मौत का निर्देश दिया इस मामले का पता मार्च 2023 में चलना शुरू हुआ। उस समय एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसके भाई और भाभी ने मैकेंजी के आदेश पर जंगल में अपने बच्चों को भूखा रखकर मार दिया था। इसके बाद मैकेंजी को गिरफ्तार किया गया लेकिन जमानत पर रिहा कर दिया गया। उसके रिश्तेदारों का कहना है कि रिहाई के बाद उसने दुनिया खत्म होने की जो तारीख बताई थी उसे और करीब कर दिया। अप्रैल 2023 में पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद अधिकारियों ने जंगल की ज्यादा व्यवस्थित तरीके से तलाशी शुरू की और सामूहिक कब्रों से शव निकालने लगे। जंगल में हुई मौतों को लेकर मैकेंजी पर दूसरे मामले भी चल रहे हैं। इनमें आतंकवाद से जुड़े आरोप भी शामिल हैं, जिनसे उसने इनकार किया है। सरकारी वकीलों का आरोप है कि हिरासत में रहने के दौरान भी मैकेंजी ने जंगल से करीब 30 किलोमीटर दूर एक गांव में 52 लोगों की मौत का निर्देश दिया था। इस मामले में भी मैकेंजी ने खुद को निर्दोष बताया है। कुछ बच्चों को माता-पिता के सामने खाना नहीं दिया जज डायना कावेद्जा मोचाचे ने आठ घंटे से ज्यादा चली सुनवाई में बताया कि कुछ मामलों में बच्चों को उनके परिवारों से अलग कर दिया गया था। उन्हें खाना नहीं दिया गया, जबकि उनके माता-पिता यह सब देखते रहे। मैकेंजी फैसले के समय अदालत में मौजूद था। उसकी पत्नी भी उसके साथ बैठी थी। वह भी इस मामले में आरोपी है। 62 साल के फ्रांसिस वांजे ने इस घटना में अपने परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया। मरने वालों में उनके दो नाती-पोते भी शामिल थे। फैसले से पहले उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि इस घटना के कारण उनका परिवार लंबे समय से मानसिक परेशानी झेल रहा है। वे इस दिन का इंतजार कर रहे थे। बच्चों को स्कूल और अस्पताल जाने से भी रोकता था मैकेंजी लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने से रोकता था। अगर कोई बीमार पड़ता, तो उसे अस्पताल जाने की भी इजाजत नहीं थी। मैकेंजी इन संस्थानों को शैतान से जुड़ा बताता था। उसके फॉलोअर्स प्लास्टिक की चादरों और सूखी घास से बनी अस्थायी झोपड़ियों में रहते थे। मैकेंजी ने जंगल में उनके रहने के इलाकों के नाम बाइबिल से जुड़े रखे थे। इनमें यरुशलम और यहूदिया जैसे नाम शामिल थे। मैकेंजी 2017 से पुलिस की नजर में था इस घटना ने केन्या में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। मैकेंजी 2017 से अधिकारियों की नजर में था। उस साल पुलिस ने उसके ठिकाने की तलाशी ली थी। इसके बावजूद वह लंबे समय तक अपनी गतिविधियां चलाता रहा। पुलिस के मुताबिक, 2019 में अधिकारियों ने उसके चर्च को बंद करा दिया था। इसके बाद वह शाकाहोला जंगल में रहने चला गया। इस घटना के बाद केन्या में चर्च और दूसरे धार्मिक संगठनों पर सख्त निगरानी रखने की मांग उठी। देश में आम लोगों की जिंदगी में धर्म की अहम भूमिका है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे: सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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