19 साल बाद भारत में परफॉर्म करेंगी ग्लोबल स्टार शकीरा:अप्रैल में मुंबई और दिल्ली में ग्रैमी अवॉर्ड विनर के लाइव शो होंगे
ग्लोबल पॉप स्टार और कई ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुकीं सिंगर शकीरा अप्रैल में 19 साल बाद भारत में परफॉर्म करेंगी। वह 10 अप्रैल को मुंबई और 15 अप्रैल को दिल्ली में लाइव शो करेंगी। यह जानकारी फीडिंग इंडिया और डिस्ट्रिक्ट बाय जौमैटो ने दी। फीडिंग इंडिया एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है, जो भूख और कुपोषण के मुद्दों पर काम करती है। बता दें कि शकीरा ने आखिरी बार भारत में 2007 में मुंबई में 'ओरल फिक्सेशन' टूर के दौरान परफॉर्म किया था। आयोजकों के अनुसार, कॉन्सर्ट का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भूख और कुपोषण जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना भी है। शकीरा मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स और दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में परफॉर्म करेंगी। एक प्रेस नोट में शकीरा ने कहा, “भारत में परफॉर्म करना मेरे लिए हमेशा खास रहा है। मैं मुंबई और दिल्ली के फैंस से मिलने के लिए उत्साहित हूं। फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट सिर्फ म्यूजिक नहीं, बल्कि बच्चों के पोषण के लिए साथ खड़े होने का संदेश है।” शकीरा उनके सुपरहिट गानों "हिप्स डोंट लाइ", "व्हेनएवर, वेयरएवर" और "वाका वाका" के लिए जाना जाता है। वह अपनी एनर्जेटिक स्टेज परफॉर्मेंस और दमदार परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती हैं। म्यूजिक के अलावा शकीरा उनके बेयरफुट फाउंडेशन के जरिए शिक्षा और बच्चों की भलाई के लिए भी काम करती हैं। यह पहल फीडिंग इंडिया के लक्ष्य से मेल खाती है, जो भूख और कुपोषण के खिलाफ काम करता है। प्रेस नोट के अनुसार, फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट एक कम्युनिटी इनिशिएटिव है। इसका मकसद यूनाइटेड नेशंस के जीरो हंगर 2030 लक्ष्य में योगदान देना है।
बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट-सत्य परेशान हो सकता पराजित नहीं:उदयपुर से जेल से बाहर आते ही शिव के दर्शन किए, मै वहीं रहा जहां श्रीकृष्ण पैदा हुए थे
फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट आज उदयपुर की सेंट्रल जेल से बाहर आए। सबसे पहले उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए। मीडिया बाइट में बोले कि मेवाड़ की तासीर में कहते हे सत्य परेशान हो सकता पराजित नहीं और यहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नियमित जमानत (रेगुलर बेल) देने के बाद 2 महीने 11 दिन जेल में रहने के बाद विक्रम भट्ट आज सेंट्रल जेल से बाहर आए। उन्होंने बाहर आते ही सबसे पहले जेल कैंपस में शिव मंदिर में मत्था टेका। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि करीब ढाई महीने तक उदयपुर की जेल में काटे और मुझे उम्मीद नहीं यकीन था कि सच्चाई जरूर सामने आएगी। जेल में मेरे एक दोस्त बने उन्होंने मुझे मेवाड़ की मिट्टी की तासिर के बारे में बताया कि ये मेवाड़ है और यहां सत्य परेशान हो सकता पराजित नहीं हो सकता है। वहीं मेवाड़ का टीका लगाकर जा रहा हूं कि सत्य पराजित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि में कृष्ण का भक्त हूं, मै वहीं रहा जहां श्रीकृष्ण पैदा हुए थे। मै उससे बेहतर और दो गुणा इंसान बाहर निकल रहा हूं। एक नया संघर्ष करने के लिए श्री कृष्ण की तरह, श्रीकृष्ण मेरे अंदर है। इस देश के कानून पर मुझे पूरा भरोसा है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट से उनको जमानत मिली थी। इससे पहले 13 फरवरी को श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत दी गई थी। वह जेल से बाहर आ चुकी हैं। विक्रम भट्ट को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। कोर्ट का सुझाव- आपसी समझौते से सुलझाएं मामला सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुझाव भी दिया है। कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को मिडिएशन सेल (मध्यस्थता केंद्र) में जाने को कहा है। कोर्ट का मानना है कि दोनों पक्षों को वहां उपस्थित होकर आपसी समझौते से इस मामले को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- यह कमर्शियल विवाद है विक्रम भट्ट के वकील कमलेश दवे ने कोर्ट में अपनी दलील पेश की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह एक तरह का कमर्शियल डिस्प्यूट (व्यापारिक विवाद) है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस मामले को मुंबई कोर्ट ट्रांसफर करने के लिए बेवजह मजबूर न किया जाए। भट्ट के वकील तर्क दिया कि इस फिल्म और प्रोजेक्ट से जुड़े ज्यादातर वेंडर और लोग मुंबई के ही रहने वाले हैं। ऐसे में मामले की कानूनी बारीकियों को समझते हुए कोर्ट ने जमानत की अर्जी स्वीकार कर ली। उदयपुर पुलिस मुंबई से पकड़कर लेकर आई थी 7 दिसंबर को उदयपुर डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। यहां भट्ट के सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को रोका भी था। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस से कहा था कि साहब व उनकी पत्नी घर पर नहीं हैं। हालांकि पुलिस को हकीकत पता थी और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए थे। व्यापारी की पत्नी की बायोपिक बनाने के नाम पर रुपए लिए राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। ये खबर भी पढ़े…. उदयपुर जेल में बंद बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट को जमानत:सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- समझौते से सुलझाएं मामला; 30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दोनों को नियमित जमानत (रेगुलर बेल) दे दी। (पूरी खबर पढ़े…)
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