Semifinal में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को सुपर-8 में कितने मैच जीतने होंगे?
T20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के मुकाबले शनिवार से शुरू होने वाले हैं. टीम इंडिया दूसरे राउंड का अपना पहला मैच 22 मार्च को साउथ अफ्रीका के साथ खेलने मैदान पर उतरेगी. सुपर-8 में पहुंची 8 टीमों को 2 ग्रुपों में बांटा गया है और अपने ग्रुप में टॉप-2 में रहने वाली टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. ऐसे में सवाल उठता है कि भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सुपर-8 के कितने मैच जीतने होंगे? आइए इस बारे में जानते हैं...
22 फरवरी को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से भिड़ेगा भारत
सुपर-8 के मुकाबले 21 फरवरी से शुरू हो रहे हैं, जिसमें टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला 22 मार्च को साउथ अफ्रीका के साथ खेलेगी. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अब तक 35 टी-20 मैच खेले गए हैं, जिसमें 21 मैच भारत ने जीते हैं और 13 मैचों में अफ्रीकी टीम ने जीत दर्ज की है. वहीं, एक मैच बेनतीजा रहा है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि हेड टू हेड में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहने वाला है.
Presenting the Super 8️⃣ at the #T20WorldCup 2026 ????
— ICC (@ICC) February 18, 2026
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कितने मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचेगी टीम इंडिया?
सुपर-8 में पहुंचने वाली टीमों को 2 ग्रुपों में बांटा गया है. दोनों गुपों की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. हर टीम को 3-3 मुकाबले खेलने हैं. ऐसे में उस टीम का सेमीफाइनल में जाना पक्का हो जाएगा, जो सभी 3 मैच जीतती है या फिर 2 मैच जीतने के साथ ही अपना नेट रन रेट बेहतर रखने में कामयाब होती है.
इसलिए ये कहना सही होगा कि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को कम से 2 मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, ताकि वह 4 अंकों के अलावा अच्छे नेट रन रेट के साथ अगले राउंड में पहुंच जाए.
सुपर-8 में ऐसा है भारत का शेड्यूल
टी-20 विश्व कप 2026 में विजयरथ पर सवार टीम इंडिया ने सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया है. नीदरलैंड्स के साथ खेले जाने वाले आखिरी लीग मैच के बाद टीम इंडिया को सुपर-8 में 3 मैच खेलने होंगे. पहला मैच 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के साथ, दूसरा जिम्बाब्वे के साथ 26 फरवरी को और तीसरा मुकाबला वेस्टइंडीज के साथ 1 मार्च को खेलना होगा.
| 22/02/2026 | Sunday | Ahmedabad | South Africa |
| 26/02/2026 | Thursday | Chennai | Zimbabwe |
| 01/03/2026 | Sunday | Kolkata | West Indies |
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दवाओं की कीमत को लेकर ट्रंप ने मैक्रों पर बनाया दबाव, फ्रेंच वाइन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी थी धमकी
वॉशिंगटन, 20 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ग्लोबल दवा की कीमतों में बदलाव के लिए फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
जॉर्जिया के रोम में एक स्टील प्लांट में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिका में दवाओं की कीमतों को दूसरी जगहों पर मिलने वाली सबसे कम कीमतों के बराबर करने की नीति की घोषणा के बाद उन्होंने विदेशी नेताओं के साथ फोन पर बातचीत की।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी उपभोक्ता विदेशों में खरीदने वालों से कहीं ज्यादा पैसे दे रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कुछ मामलों में अमेरिकियों को यह बाकी दुनिया के लोगों की तुलना में 13 गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को फोन किया और कीमतों में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं, मैं ऐसा नहीं करूंगा। वर्ना मेरा बिजनेस बंद हो जाएगा।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे बताया, “मैंने कहा, कहानी ये है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो मैं अमेरिका में आपके द्वारा बेची जाने वाली सभी वाइन और शैंपेन पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दूंगा। और आप जानते हैं उन्होंने क्या कहा? मैं यह करूंगा। मैं खुशी-खुशी यह करूंगा।”
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जर्मनी और स्पेन समेत दूसरे देशों से भी ऐसी ही बात की और कहा, “और उन सबने कहा कि हम यह करना पसंद करेंगे। हमें यह करके गर्व होगा।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटना को इस बात का सबूत बताया कि टैरिफ अभी भी उनका सबसे असरदार बातचीत का तरीका है।
उन्होंने भाषण में पहले वर्कर्स से कहा, “मैंने कहा था कि पूरी डिक्शनरी में मेरा पसंदीदा शब्द टैरिफ है। ट्रेड उपायों ने अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को फिर से पटरी पर ला दिया है।”
उन्होंने दवा की कीमतों को बढ़ाने को अपनी बड़ी टैरिफ रणनीति से जोड़ा और कहा कि बदलाव टैरिफ से भी हुए। यह बात तब आई जब ट्रंप ने कहा कि वह कुछ ट्रेड ड्यूटी लगाने के अपने अधिकार पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “टैरिफ के बिना, यह देश अभी बहुत मुश्किल में होता।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सरकार में बड़े आर्थिक फायदे का भी दावा किया और कहा कि अमेरिका ने 11 महीनों में 18 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के निवेश के लिए कमिटमेंट हासिल किए हैं और स्टॉक मार्केट ने चुनाव के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड बनाया है।
हालांकि, वाइन टैरिफ की धमकी ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप कैसे ट्रेड, हेल्थकेयर और जियोपॉलिटिकल असर को एक ही बातचीत के फ्रेमवर्क में मिलाते हैं, एक ऐसा स्टाइल जिसका असर यूरोप से आगे भी हो सकता है।
यूरोप और दूसरे डेवलप्ड मार्केट की तुलना में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की ज्यादा कीमतों को लेकर यूनाइटेड स्टेट्स को लंबे समय से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इंटरनेशनल रेट के मुकाबले यूएस की कीमतों को बेंचमार्क करने की कोशिशें राजनीतिक रूप से विवादित रही हैं, जिसमें फार्मास्युटिकल कंपनियों का तर्क है कि कम कीमतें इनोवेशन और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर डाल सकती हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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