Bihar News: 'बीमारी से परेशान हूं, एग्जाम नहीं दे पाऊंगी…' ; आरा में इंटर की छात्रा ने फंदे से लटकर दी जान
आरा में गुरुवार रात को बारहवीं छात्र ने आत्महत्या कर ली. आज उसका फिजिक्स का एक्जाम था. यह घटना नवादा थाना क्षेत्र के क्लब रोड मोहल्ला की है. लड़की का नाम अनन्या कुमारी है. उसकी उम्र 17-18 के करीब है. रेलवे कर्मचारी सतीश कुमार पांडेय की पुत्री थी. बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से वह परीक्षा की तैयारियों को लेकर परेशान थी. वह इंटरमीडिएट सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा दे रही थी. उसके कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है.
दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला
परिजनों के अनुसार, गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अनन्या कमरे में सोने चली गई थी. देर रात जब काफी देर हो गई तो किसी तरह की हलचल नहीं हुई. परिवार के लोगों ने इसके बाद दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया, मगर अंदर से किसी तरह का जवाब नहीं मिला. संदेह होने के बाद परिवारवालों ने दरवाजा तोड़ दिया. परिजनों ने देखा कि दुपट्टे के सहारे छात्रा ने पंखे से फांसी लगा ली.
परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव था
कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें लिखा था, "बीमारी से परेशान हूं, एग्जाम नहीं दे पाऊंगी. मम्मी-डैडी ध्यान रखिएगा." ऐसा बताया जाता है कि अनन्या बीते कुछ दिनों से जॉन्डिस से परेशान थी. वह शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गई थी. इसके साथ परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव में थी.
परिजनों ने बताया कि वह अक्सर कहती थी कि बीमारी के कारण उसकी तैयारी पूरी नहीं हो सकी और वह परीक्षा नहीं दे पाएगी. परिवार ने उसे समझाया भी. इसके बाद भी उसने इस तरह का कदम उठा लिया. घर वालों ने ऐसा सोचा भी नहीं होगा.
सुसाइड नोट को पुलिस ने किया जब्त
घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त किया है. बताया जाता है कि अनन्या दो बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी. पिता रेलवे विभाग में सिग्नल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं. घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है.
'एआई किड ऑफ इंडिया' राउल जॉन अजु ने कहा- एआई का सही इस्तेमाल ही तय करेगा भविष्य
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में केरल के युवा एआई इनोवेटर राउल जॉन अजु ने अपनी प्रतिभा और अनुभवों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
एआई किड ऑफ इंडिया के नाम से पहचाने जाने वाले राउल ने बताया कि वे कई एआई टूल्स विकसित कर रहे हैं और कंटेंट क्रिएशन के साथ-साथ बड़े कॉलेजों और स्कूलों में भी एआई की शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे छह बार टेडएक्स स्पीकर रह चुके हैं।
राउल ने आईएएनएस से कहा कि बचपन से ही वे अलग-अलग क्षेत्रों में हाथ आजमाते रहे। उन्होंने अभिनय किया, शास्त्रीय नृत्य सीखा और कई नई चीजें सीखने की कोशिश की। उनका मानना है कि यही विविध अनुभव उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आए हैं।
उन्होंने बताया कि वे अपनी पढ़ाई, स्टार्टअप गतिविधियों, कंटेंट क्रिएशन और शिक्षण, इन सबको एक साथ संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में परीक्षाओं के कारण वे समिट के पहले दिन ही पूरी तरह शामिल हो पाए। एआई के उपयोग और दुरुपयोग पर बात करते हुए राउल ने स्पष्ट कहा कि हर तकनीक की तरह एआई भी अच्छे और बुरे दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने कहा, मुद्दा यह नहीं है कि तकनीक क्या है, बल्कि यह है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।
राउल ने बताया कि वे समिट में अपने सत्र में एआई के जिम्मेदार उपयोग, उसके लाभ उठाने के तरीकों और संभावित जोखिमों पर चर्चा करेंगे। एआई जटिल समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है, लेकिन गलत इस्तेमाल होने पर गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है।
समिट के दौरान एक प्रमुख हस्ती से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए राउल ने कहा कि वह क्षण उनके लिए यादगार रहा। उन्होंने बताया कि कुछ मिनट की बातचीत में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और उन्होंने आयोजन में आमंत्रित किए जाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
केरल से आने वाले इस युवा प्रतिभाशाली नवप्रवर्तक का मानना है कि भारत की नई पीढ़ी तकनीक को सही दिशा में इस्तेमाल कर भविष्य को बेहतर बना सकती है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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