'भारत में रहने वाले सभी लोग प्रभु श्रीराम के वंशज':गिरिराज सिंह बोले- चुनाव आयोग को डिस्टर्ब कर रही हैं ममता बनर्जी, सरिया कानून नहीं चलेगा
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि भारत में रहने वाले सभी लोग प्रभु श्री राम के वंशज हैं, इसलिए कोई गलतफहमी में नहीं रहे। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर जोरदार तंज कसा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के मुस्लिमों की घर वापसी वाले बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की प्रतिक्रिया का जोरदार खंडन किया है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि जो लोग भारत में रहते हैं, वह भारतवंशी ही कहलाते हैं, कोई यहां बाबर-औरंगजेब का औलाद नहीं है। भारत में जो रहते हैं सब प्रभु श्री राम के ही वंशज हैं, चाहे वह मदनी हो या अदनी हो। जो लोग गलतफहमी के शिकार हो रहे हैं, यह सोचते हैं कि यहां गजवा ए हिंद करूंगा। वह ध्यान से सुन लें कि जब-जब इस देश में कोई औरंगजेब बनने की कोशिश करेगा तो महाराणा प्रताप भी उसके साथ खड़े दिखाई देंगे। राहुल गांधी सदन में विपक्ष के नेता की भूमिका नहीं निभाते AI समिट पर सवाल उठाए जाने पर गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को भारत विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह का भारत विरोधी व्यवहार, भारत के विकास के प्रति आलोचना करते हैं, यह बताता है कि उनकी मानसिकता क्या है। यह बताता है कि वह भारत विरोधी मानसिकता के नेता बन गए हैं। कुछ समझ में नहीं आता है कि वह भारत के हैं या भारत के विरोधी हैं। देश के विकास के प्रति राहुल गांधी की सोच नहीं हैं। यह देश और दुनिया में जाकर देश की शिकायत करते हैं तो उन्हें बदनाम कौन करेगा। वह सदन के अंदर विपक्ष के नेता की भूमिका नहीं निभाते हैं, ऐसा लगता है कि उनकी जुबान भारत को बदनाम करने की है। बंगाल में सरिया कानून नहीं चलेगा पश्चिम बंगाल में SIR के मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी पर जोरदार निशाना साधा है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग को काम नहीं करने दे रही हैं। यह अब चलने वाला नहीं है, सरिया कानून नहीं चलेगा। फिल्म 'द केरल स्टोरी-टू' पर कहा कि देश को सच दिखाने का अधिकार फिल्मों के निर्माता को है, निर्देशकों को है। अगर वह सच नहीं दिखाएंगे तो आज के युवा दिग्भ्रमित हो जाएंगे।
शोले का वो हिट गाना, जो 10 दिनों तक हुआ शूट, खूब उड़ा प्यार का रंग, लता-किशोर कुमार ने सुरों से घोली मिठास
हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिकल फिल्म शोले के गीत होली के दिन दिल खिल जाते हैं से जुड़ा है. शोले बॉलीवुड की सबसे शानदार मूवीज में से एक है. 50 साल बाद भी इसका गाना 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं'आज भी रंगों के त्योहार की पहचान बना हुआ है. इस गाने को पर्दे पर उतारने में पूरे 10 दिन लगे थे, जो उस दौर में किसी गाने के लिए लंबा शेड्यूल माना जाता था. रमेश सिप्पी ने फिल्म को बल्कि बड़ी बारीकी से तैयार किया और इसके हर एक सीन को लेकर विशेष तैयारी है. टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में रमेश ने शोले के होली सॉन्ग की मेकिंग को लेकर खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया था कि हमारे सामने इस गीत को खास तरह से तैयार करने की चुनौती थी. क्योंकि यहीं से फिल्म की कहानी में टर्निंग प्वाइंट आना था.10 दिनों तक होली के दिन दिल खिल जाते हैं कि शूटिंग चलती रही. गाने को भव्य तरीके से बनाने के लिए सभी इतने समय तक रंग से सने कपड़ों को पहनकर सेट पर घूमते रहे और होली खेलते रहे. इस दौरान हमारे पास रंग की भारी खपत हो गई और इसके लिए हमें देश के अलग-अलग शहरों से रंग मंगाना पड़ा था. लता मंगेशकर और किशोर कुमार की जोड़ी ने इस गाने में अपनी जादुई आवाज का जलवा बिखेरा था. इसके अलावा संगीतकार आर डी बर्मन और गीतकार आनंद बख्शी ने इसमें चार चांद लगाए.
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