'यूक्रेन को खुद करना होगा समझौता', ट्रंप ने जेलेंस्की पर साधा निशाना; रूस के कब्जे वाले इलाकों को लेकर दी चेतावनी
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब साढ़े चार साल से जंग जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच शांति समझौता करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन यूक्रेन अपनी शर्तों पर जंग खत्म करने पर अड़ा हुआ है. ऐसे में अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में भी तल्खी बढ़ने लगी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर युद्ध खत्म करने के लिए दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि यूक्रेन को रूस के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कीव को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने यूक्रेन को दी गई अमेरिकी आर्थिक सहायता पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि अमेरिकी करदाताओं को इस मदद के बदले कोई ठोस लाभ नहीं मिला है.
खबर अभी अपडेट हो रही है....
फ्रांस में सड़कों पर उतरेगी आर्मी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला, PM-गृह मंत्री ने मानी नाकामी
France Protest: फ्रांस में सड़कों पर भड़की हिंसा ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पेरिस से लेकर मार्सिले और ल्योन तक हुई तोड़फोड़ और लूटपाट के बाद अब सरकार ने अगले प्रदर्शन के लिए पुलिस के साथ सेना उतारने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने खुद माना है कि हिंसा से निपटने में प्रशासन से चूक हुई. लेकिन सवाल यह है कि क्या सैनिकों की तैनाती से हालात संभल पाएंगे, या महंगाई, घटती सार्वजनिक सुविधाओं और सरकारी नीतियों से नाराज लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा?
फ्रांस में पिछले सप्ताहांत हुई हिंसा और लूटपाट के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मंगलवार को माना कि हिंसा रोकने में प्रशासन से गलतियां हुईं. उन्होंने कहा कि शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे. पुलिस की मदद के लिए सैनिकों को भी लगाया जाएगा. सरकार ने माना कि पिछली बार कई शहरों में हिंसा रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस नाकाम रही.
17 अक्टूबर को हुई थी घटना
17 अक्टूबर को पेरिस, मार्सिले, ल्योन और दूसरे शहरों में दंगे, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं. इसके बाद सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा कि इस बार सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया जाएगा, ताकि शहरों के प्रमुख इलाकों को असुरक्षित न छोड़ा जाए.
PM और गृहमंत्री ने मानी अपनी नाकामी
हिंसा प्रभावित कई इलाकों में रात के समय कर्फ्यू लगाया गया है. सरकार का कहना है कि इससे स्थिति को नियंत्रण में लाने में मदद मिली. पुलिस ने बताया कि कुछ इलाकों में कर्फ्यू मंगलवार रात तक बढ़ा दिया गया. इनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों पर लागू प्रतिबंध भी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताहांत सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों को भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी जुटाने में कमियां रहीं और अलग-अलग इलाकों में पुलिस की तैनाती का तरीका भी सही नहीं था. इसके अलावा, पुलिसकर्मियों की पहले से तय छुट्टियां रद्द न करना भी एक गलती थी. गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने भी गलतियों के लिए माफी मांगी. उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ, उसके लिए उन्हें अफसोस है और वह इसकी जिम्मेदारी लेते हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









