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देश का सबसे बड़ा IPO आज से ओपन होगा:Jio ₹30,188 करोड़ जुटाएगी, 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे; ₹13,428 मिनिमम इन्वेस्टमेंट, 22% रिटर्न संभव

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का देश का सबसे बड़ा IPO आज, 21 अक्टूबर से ओपन होगा। इसके जरिए कंपनी 30,188 करोड़ रुपए जुटाएगी। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह IPO 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी 27 करोड़ शेयर जारी करेगी। कंपनी ने एक शेयर की कीमत यानी प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹10.30 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। कर्मचारियों और शेयरहोल्डर्स के लिए ₹3,000 करोड़ के शेयर्स रिजर्व मिनिमम 12 शेयर्स खरीद सकते हैं रिटेल इनवेस्टर्स IPO में रिटेल निवेशक मिनिमम एक लॉट यानी 12 शेयर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इश्यू के अपर प्राइज बैंड ₹1,119 के हिसाब से 1 लॉट के लिए अप्लाय करते हैं, तो आपको ₹13,428 का इन्वेस्टमेंट करना होगा। वहीं रिटेल इनवेस्टर्स IPO के मैक्सिमम 14 लॉट यानी 168 शेयर्स के लिए बिडिंग कर सकते हैं। जिसके लिए इनवेस्टर्स को मैक्सिमम ₹1,87,992 का इन्वेस्टमेंट करना होगा। IPO में इन्वेस्ट करने पर मिल सकता है 22.5% रिटर्न लिस्ट होने के पहले कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में 22.52% यानी ₹252 प्रति शेयर के प्रीमियम पर पहुंच गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के हिसाब से देखें तो अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के लिहाज से इसकी लिस्टिंग (1119+252=₹1371) ₹1371 पर हो सकती है। इश्यू में किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व किन्हें मिलेगा शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का फायदा? एलिजिबल रिलायंस शेयरहोल्डर्स में वे व्यक्ति और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) शामिल हैं, जिनके पास कंपनी के रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल करने की तारीख यानी 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक इक्विटी शेयर थे। यह छूट लागू एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और रेगुलेटरी नियमों के अधीन होगी। देश में अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा जियो प्लेटफॉर्म्स देश में अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इसके जरिए कंपनी लगभग 30,200 करोड़ रुपए जुटाएगी। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,858 करोड़ रुपए का IPO देश का सबसे बड़ा IPO था। IPO के जरिए 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी होंगे RHP के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए कंपनी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27.5 करोड़ तक फ्रेश यानी नए शेयर जारी करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस जियो का टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज बिजनेस शामिल है। यह बिजनेस रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू अनलॉकिंग स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है। भारत के तेजी से बढ़ते डिजिट ल इकोसिस्टम और बड़े टेलीकॉम नेटवर्क को देखते हुए बाजार के निवेशकों की नजर इस लिस्टिंग पर टिकी है। जुटाई गई रकम से कर्ज चुकाएगी कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी की प्रमुख सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्जों के पेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा जनरल कॉर्पोरेट परपज के लिए भी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह जाएगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी। IPO से पहले एंकर इन्वेस्टर्स से ₹8,110 करोड़ जुटाए IPO से पहले कंपनी ने 212 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹8,110 करोड़ जुटाए। कंपनी की एंकर बुक को 30 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। यानी एंकर बुक के मुकाबले एंकर इन्वेस्टर्स ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की बोलियां लगाई थीं। एंकर इन्वेस्टर्स यानी बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए बिडिंग की तारीख 19 अक्टूबर थी। यह किसी भी भारतीय IPO के लिए अब तक की सबसे बड़ी इंस्टीट्यूशनल बोली है। इस एंकर बुक में दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर्स, सोवरेन वेल्थ फंड्स, भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड्स शामिल हुए थे। IPO के लिए SEBI से अगस्त में मिली थी मंजूरी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया था कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने इससे पहले 19 जून को ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। इसके बाद 28 अगस्त को मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर यानी मंजूरी मिली थी। जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर, 53.3 करोड़ यूजर्स जियो प्लेटफॉर्म्स इस समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। 30 जून 2026 कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ है। इसमें 28.49 करोड़ 5G यूजर्स हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा 5G कस्टमर बेस है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है। इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और AI टूल्स मौजूद हैं। इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है। कंपनी ने 14 अक्टूबर को RHP दाखिल किया था IPO के लिए कंपनी ने बुधवार, 14 अक्टूबर को रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल किया था। गुजरात के अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास RHP फाइल किया गया था। रिलायंस ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी थी। इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग या IPO क्या होता है? जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है। IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या होता है? IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ये बताता है कि लिस्टिंग से पहले अनऑफिशियल मार्केट में लोग उस IPO के शेयर को कितने रुपए ज्यादा देकर खरीदने को तैयार हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल तरीका है, जिसमें कुछ ट्रेडर लिस्टिंग से पहले ही शेयर खरीदते-बेचते हैं। चूंकि GMP ये दिखाता है कि लोग कितना प्रीमियम देने को तैयार हैं, इसलिए ज्यादातर निवेशक इसी से अंदाजा लगाते हैं कि शेयर लिस्टिंग के दिन कितने रुपए पर खुलेगा। कई बार ग्रे मार्केट प्रीमियम बिल्कुल सटीक साबित होता है, कई बार थोड़ा ऊपर-नीचे भी हो जाता है। लेकिन ये लिस्टिंग गेन का अंदाजा लगाने का सबसे पॉपुलर तरीका है। क्या होता है रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP)? यह एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई कंपनी IPO लाने से पहले SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, फाइनेंशियल कंडीशन, प्रमोटर्स और रिस्क फैक्टर्स का पूरा ब्यौरा होता है। इसमें शेयरों की फाइनल कीमत (इश्यू प्राइस) या प्राइस बैंड और शेयर्स की संख्या की जगह अनुमानित दायरा होता है, जिसे बाद में तय किया जाता है।

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कौन हैं अराफात मिन्हास? पाकिस्तान के लिए बल्ले-गेंद से मचाया कोहराम, शाहिद अफरीदी के क्लब में हुआ शामिल

त्रिकोणीय सीरीज के दूसरे मैच में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 87 रन से हरा दिया. पाकिस्तान की इस जीत में अराफात मिन्हास की हीरो रहे. अराफात ने सबसे पहले बल्लेबाजी में अपनी टीम के लिए कमाल किया. इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी में 6 विकेट लेकर इंग्लैंड से हारा हुआ मैच पाकिस्तान की झोली में डाल दिया. आइए जानते हैं कौन हैं अराफात मिन्हास.

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  Sports

न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका

2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है। Tue, 20 Oct 2026 23:00:00

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