Delhi Traffic Advisory: राजधानी में आज लगेगा जाम ही जाम, इन रास्तों के रूट डायवर्ट, पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी
Delhi Traffic Advisory: दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit 2026 के चलते राजधानी में स्पेशल ट्रैफिक व्यवस्था की गई है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार यानी आज के दिन ट्रैफिक के बदलावों को मानना होगा. दरअसल, यह समिट भारत मंडपम में चल रहा है जिस वजह से VVIP मूवमेंट काफी बढ़ गया है. इसलिए, भारत मंडपम, एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई गई है.
आज के लिए खास इंतजाम
ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, आज यानी 20 फरवरी 2026 को सुबह 8 से 10 बजे तक और शाम 5 बजे से रात के 9 बजे तक खास ट्रैफिक व्यवस्था और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं. केंद्रीय दिल्ली और डिप्लोमैटिक एरियाज में कई अहम सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. इनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, विंडसर पैलेस, पृथ्वीराज रोड, राजेश पायलट मार्ग और सुब्रमण्यम भारती मार्ग शामिल हैं.
Traffic Advisory
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) February 19, 2026
Special traffic arrangements will be in place on 20 Feb, 2026 from 08:00–10:00 AM & 05:00–09:00 PM in view of AI Impact Summit–2026.
Commuters are advised to plan their journeys in advance, avoid affected stretches, and follow directions of traffic personnel… pic.twitter.com/UjGoChy7gf
इन मार्गों का रूट डायवर्जन
साथ ही मथुरा रोड, भैरों मार्ग, शांति पथ, अफ्रीका एवेन्यू, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग पर भी ट्रैफिक रेगुलेशन को लागू किया गया है. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं. इन्हीं में सैन मार्टिन मार्ग, पंचशील मार्ग, डॉ. एपीजे अब्दूल कलाम रोड, औरोबिंदो मार्ग, लोधी रोड, बारापुल्ला रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग, रिंग रोड और तिलक मार्ग शामिल हैं.
ट्रैफिक पुलिस ने दी लोगों को जरूरी सलाह
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्लीवासियों को समय से ऑफिस पहुंचने के लिए सलाह दी है कि अतिरिक्त समय लेकर आएं. तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा दिए निर्देशों का पालन करें और हो सके तो मेट्रो का इस्तेमाल करें. बता दें कि एआई समिट के लिए दुनियाभर से नेता, टेक कंपनियों के एक्सपर्ट और सीईओ दिल्ली पहुंचे हैं.
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ऑरोरा लाइट्स : हरी से बैंगनी तक, आसमान में फैली ये रंग-बिरंगी रोशनी क्या है?
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। रात के समय आसमान में हरा, बैंगनी, गुलाबी, लाल और नीले रंगों की रोशनी को देखकर मन में जिज्ञासा होना लाजमी है। इस कमाल के जादू को ऑरोरा लाइट्स कहते हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ऑरोरा लाइट्स के बारे में विस्तार से जानकारी देती है।
ऑरोरा लाइट्स को उत्तरी इलाकों में नॉर्दर्न लाइट्स या ऑरोरा बोरेलिस और दक्षिणी इलाकों में सदर्न लाइट्स या ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस कहते हैं। यह प्रकृति का सबसे खूबसूरत नजारा है, जो चार्ज्ड पार्टिकल्स से बनता है। वैज्ञानिक इसे स्पेस वातावरण का बेहतरीन उदाहरण मानते हैं।
सूरज से लगातार चार्ज्ड कणों से प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन का एक प्रवाह निकलता है, जिसे सोलर विंड कहते हैं। जब यह सोलर विंड पृथ्वी के पास आती है, तो पृथ्वी का चुंबकीय ढाल यानी मैग्नेटोस्फीयर इससे टकरा जाता है। इस टक्कर से ऊर्जा जमा होती है। जब यह ऊर्जा अचानक निकलती है, तो कण वायुमंडल में घुस जाते हैं और ऑक्सीजन, नाइट्रोजन जैसी गैसों से टकराते हैं। इन टक्करों से गैसें एक्टिव हो जाती हैं और रंगीन रोशनी छोड़ती हैं, यही ऑरोरा है।
अब सवाल उठता है कि इनके रंग अलग-अलग क्यों होते हैं? यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सी गैस टकराई और वह कितनी ऊंचाई पर थी। हरा रंग सबसे ज्यादा दिखता है, जो 100-200 किमी ऊंचाई पर ऑक्सीजन से बनता है। लाल रंग ज्यादा ऊंचाई यानी 200 किमी से अधिक पर ऑक्सीजन से आता है। वहीं, नीला और बैंगनी नाइट्रोजन गैस से बनते हैं, खासकर 100-200 किमी ऊंचाई पर। गुलाबी या लाल-बैंगनी तब दिखता है जब नाइट्रोजन कम ऊंचाई या 100 किमी से नीचे पर उत्तेजित होता है।
कभी-कभी ये रंग मिलकर सफेद, बैंगनी या गुलाबी चमक भी बनाते हैं, जिससे आसमान में रंगों का जादू साफ दिखता है। जब सूरज बहुत सक्रिय होता है, जैसे सोलर फ्लेयर या बड़े विस्फोट से तो जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म यानी चुंबकीय तूफान आते हैं। इन तूफानों में ज्यादा ऊर्जा वायुमंडल में गिरती है, जिससे बहुत दूर के इलाकों में भी शानदार ऑरोरा दिखाई देता है।
वैज्ञानिक ऑरोरा का अध्ययन जमीन पर लगे उपकरणों से करते हैं, जो मैग्नेटोमीटर चुंबकीय बदलाव मापते हैं, रडार ऊपरी वायुमंडल को देखते हैं और स्पेशल कैमरे रीयल-टाइम तस्वीरें लेते हैं। दुनिया भर की कई एजेंसियां मिलकर इसकी रिसर्च करती हैं।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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