भारी उद्योग मंत्रालय ने Ethanol वाहनों पर नीति को लेकर स्पष्ट की स्थिति
नयी दिल्ली, चार अगस्त भारी उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 20 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिश्रित ईंधन पर चलने वाले ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने अलग से कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के संबंध में कोई अध्ययन नहीं कराया है। केंद्र सरकार ने अपने एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि व्यापक परीक्षण और बड़े पैमाने पर व्यावहारिक अनुभव में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि ई-20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल से इंजन में असामान्य घिसावट, जंग लगने या वाहन की आयु कम होने जैसी समस्या होती है।
सरकार का यह भी कहना है कि इस कार्यक्रम ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर से उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद की है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें जल संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।’’ मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत एथनॉल का उत्पादन कई स्वीकृत कच्चे माल से किया जाता है। इनमें गन्ना आधारित कच्चा माल, मक्का, टूटे चावल, मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्यान्न, राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति (एनबीसीसी) द्वारा अनुमोदित अधिशेष खाद्यान्न और अन्य स्वीकृत कृषि कच्चा माल शामिल हैं।
Durga Puja से पहले सरकारी कर्मचारियों को सौगात, 1 अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ DA
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) तथा महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी। संशोधित दरें दुर्गा पूजा उत्सव से पहले एक अक्टूबर से प्रभावी होंगी। मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी की ओर से पूर्व में यह घोषणा की गई थी, जिसके बाद अब यह अधिसूचना जारी की गई।
इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनधारकों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों, वैधानिक निकायों, सरकारी उपक्रमों, पंचायतों, नगरपालिकाओं, नगर निगमों तथा अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को मिलेगा। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित मूल वेतन का 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं, पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों को संशोधित पेंशन पर इसी दर से महंगाई राहत दी जाएगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि पांचवें वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता एक अक्टूबर से मौजूदा के 171 प्रतिशत से बढ़ाकर 223 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, जिन पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों की पेंशन अभी तक आरओपीए-2009 के तहत संशोधित नहीं हुई है, उन्हें संशोधित पेंशन लागू होने तक 223 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि महंगाई भत्ते की गणना संशोधित मूल वेतन और जहां लागू हो, गैर-व्यावसायिक भत्ते (एनपीए) के आधार पर की जाएगी।
इसमें अन्य किसी भत्ते को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार ने उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए दैनिक मजदूरी में 110 रुपये की तदर्थ बढ़ोतरी की भी घोषणा की है, जिनका पारिश्रमिक न्यूनतम मजदूरी अधिनियम जैसे वैधानिक प्रावधानों के दायरे में नहीं आता। यह बढ़ोतरी भी एक अक्टूबर से लागू होगी।
राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना के जरिये मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू कर दिया गया है।
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