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IND vs SL Test: रवींद्र जडेजा का श्रीलंका में धमाका; 350 विकेट लेकर रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने दूसरे भारतीय

Ravindra Jadeja: श्रीलंका बनाम भारत गॉल टेस्ट मुकाबले की पहली पारी में 'सर' रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लिए। इस दौरान जडेजा ने अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड भी कर लिया।

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अमेरिका बोला- पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, उससे बातचीत जरूरी:रुबियो बोले- विदेश नीति के लिए ये जरूरी, भारत भी ईरान से दोस्ती रखता है

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी ऐसी है कि अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। नेटवर्क18 को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि अमेरिका को उन देशों के साथ भी राजनयिक संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे उसके मतभेद हैं। रुबियो ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी ईरान के साथ संबंध रखता है और वहां के नेताओं से मुलाकात करता है। उनके मुताबिक, विदेश नीति में अलग-अलग देशों के साथ रिश्तों का संतुलन बनाए रखना मुश्किल है, लेकिन ऐसा करना जरूरी है। रुबियो बोले- अमेरिका आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रहने से अमेरिका को उन गतिविधियों को रोकने की कोशिश करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता होती है। रुबियो ने कहा, ये मुश्किल फैसले हैं, लेकिन विदेश नीति के तहत हमें ऐसा करना पड़ता है। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक भी हो सकता है। अगर हमारे पाकिस्तान के साथ संबंध हैं और हम उससे बात कर सकते हैं, तो इससे हमें उन गतिविधियों को हतोत्साहित करने में मदद मिल सकती है, जिनसे भारत चिंतित है। रुबियो बोले- ईरान पर कट्टरपंथी शिया धर्मगुरुओं का कंट्रोल रुबियो ने ईरान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि वहां की सरकार के साथ किसी समझौते पर पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, वे समझौता करना नहीं जानते। वहां कट्टरपंथी शिया धर्मगुरुओं का नियंत्रण है। मैं सभी शिया धर्मगुरुओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि उन कट्टरपंथी धर्मगुरुओं की बात कर रहा हूं, जो धार्मिक विचारधारा से प्रेरित हैं। ऐसे लोगों के साथ समझौता करना बहुत मुश्किल है। होर्मुज में तेल की आवाजाही 80 से 100% हुई रुबियो ने कहा कि होर्मुज से तेल और दूसरे ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई जारी है। उनके मुताबिक, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही और तेल की सप्लाई संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर की 80 से 100% तक बनी हुई है। रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह उन व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन जहाजों पर सवार नाविकों की जान भी खतरे में पड़ रही है। रुबियो ने दुनिया के देशों से ऐसे हमलों की निंदा करने की अपील की। उन्होंने ईरान के इन हमलों की तुलना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की नाजी सेना की पनडुब्बियों से की। रुबियो के मुताबिक, उस दौर में भी पनडुब्बियों से व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे हमलों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। फैक्ट चेक: स्ट्रैटेजिक एनर्जी मैप वेबसाइट के मुताबिक 20 अक्टूबर को होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 99% घट गई थी। यानी, अगर युद्ध से पहले एक दिन में 100 टैंकर गुजरते थे, तो इस आंकड़े के मुताबिक अब केवल 1 टैंकर गुजर रहा था। भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से समुद्री जहाजों की रक्षा कर रहा है। उनके मुताबिक, जहाजों को निशाना बनाने के लिए दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि इन हमलों में कई भारतीय नाविकों की जान गई है। इसकी एक वजह यह भी है कि समुद्री व्यापार में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। नोट- पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान अब तक 11 भारतीय नाविकों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं 2 भारतीय नाविक लापता बताए गए हैं। ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाता रहेगा अमेरिका रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने संसाधनों का इस्तेमाल आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के बजाय आतंकवाद को समर्थन देने और मिसाइल-ड्रोन बनाने में करता है। रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान को मिलने वाले पैसे और संसाधनों का इस्तेमाल देश के विकास के बजाय आतंकवाद को समर्थन देने और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने वाले हथियार तैयार करने में किया जाता है। रुबियो के बयान के तीन बड़े संकेत

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  Sports

T20 में Vaibhav Suryavanshi को Playing XI में जगह मिलना आसान नहीं, बोले कप्तान Shreyas Iyer

 भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अंतिम एकादश में आसानी से जगह नहीं मिल सकती क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन सलामी बल्लेबाज के रूप में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि इस किशोर बल्लेबाज को सही समय पर उचित मौके जरूर मिलेंगे। सूर्यवंशी को इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टीम में चुना गया था। भारत ने तब से जो 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं उनमें से सूर्यवंशी ने केवल आठ में हिस्सा लिया है, क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज अभिषेक और सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

 इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के पहले मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि उनके (सूर्यवंशी) जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में हमेशा खुश रहें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह बहुत युवा है और उसे आगे काफी मौके मिलेंगे। ऐसा नहीं है कि उसे सीधे अंतिम एकादश में जगह मिल जाएगी, क्योंकि हमारे सलामी बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने विश्व कप जीता है।’’ एशियाई खेलों में सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत करने का मौका मिला था और सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। 

अय्यर ने कहा कि सूर्यवंशी को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव हासिल करने से भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी वह विदेश की यात्रा करेगा तो उसे इस तरह के विकटों पर खेलने का अच्छा अंदाजा हो जाएगा। ऐसे में अगली बार जब वह विदेश दौरे पर आएगा तो वह पूरी तरह से तैयार होगा और वह पहली बार दौरा करने वाले खिलाड़ियों के साथ भी अपना अनुभव साझा कर सकता है।’’ भारतीय टीम का हाल का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा है। उसने अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाएं खेली और एशियाई खेलों में भाग लिया। अब टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने के लिए यहां पहुंची है। अय्यर ने कहा, ‘‘हम पहले भी लगातार मैच खेलते रहे हैं।

 हम आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर भी गए थे। यात्रा करना और खेलना तथा नई परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना मजेदार होता है। हम कारणों को एक तरफ रखकर यह देखना चाहते हैं कि हम जीतने की रणनीति कैसे तैयार कर रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में भी इसी पर चर्चा चल रही है। घरेलू मैदानों पर सपाट पिचों पर बल्लेबाजी करने की आदी भारतीय टीम को न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों और ठंडे मौसम से जल्द से जल्द सामंजस्य बिठाना होगा। अय्यर ने कहा, ’’यहां की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल हैं। ऐसा नहीं है कि परिस्थितियां पूरी तरह से अलग हैं। 

हम इंग्लैंड में खेले थे और उन्होंने हमारी बल्लेबाजी को देखकर विकेट तैयार किए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन किसी भी दिन विकेट कैसा होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए हम जल्द से जल्द खुद को उस माहौल में ढालने की कोशिश करेंगे। अच्छे अभ्यास सत्र के बाद प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी रणनीति तैयार करने का अंदाज़ा हो जाएगा।’’ 

अय्यर ने स्वीकार किया कि न्यूजीलैंड को घरेलू परिस्थितियों में खेलने का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अगर घरेलू परिस्थितियों की बात करें तो उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों की जानकारी होने का फायदा मिलेगा। दोनों टीम में बस यही अंतर है।’’ अपने बल्लेबाजी क्रम के बारे में अय्यर ने कहा, ‘‘यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मैं किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता हूं। यह उसे समय की स्थिति पर निर्भर करेगा।’’

Wed, 21 Oct 2026 14:06:00 +0530

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