कोटा में Durga idol immersion के दौरान नहर में नाव पलटी, 4 युवक लापता
राजस्थान के कोटा में मंगलवार शाम सात लोगों को ले जा रही एक नाव पलट जाने से चार युवकों के डूबने की आशंका है। यह घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र में स्टील पुल के पास कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई। हालांकि, हादसे के दौरान तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए अधिकारियों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पंचायत चुनाव के लिए अपने प्रचार को बीच में ही रोक दिया और घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी पीयूष समारिया और शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचीं।
मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया से कहा कि सात लोग एक छोटी और लकड़ी वाली असुरक्षित नाव पर सवार हुए थे, जो नहर के बीच में पलट गई। दिलावर ने कहा हादसे वाला स्थान प्रतिबंधित इलाका था और वहां दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) सहित सभी उपलब्ध संसाधन, मशीनरी और टीम सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
Farooq Abdullah ने Election Commission पर लगाया पक्षपात का आरोप, विरोध प्रदर्शन के अधिकार का किया समर्थन
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एक खास राजनीतिक पार्टी को चुनाव जिताने में मदद करने के लिए काम किया है। अब्दुल्ला से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान के बारे में सवाल पूछा गया था कि सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से किए जाने वाले आंदोलन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं करते, ऐसे आंदोलन राजनीतिक हितों का साधन बन सकते हैं और समाधान देने के बजाय समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और संविधान के तहत आपको विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, बशर्ते वे शांतिपूर्ण रहें।
इसलिए अभी यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि निर्वाचन आयोग ने अनियमितताएं की हैं। अब्दुल्ला ने आरोप लगाया, उसने (आयोग ने) एक राजनीतिक पार्टी को चुनाव जिताने में मदद करने के लिए काम किया, जबकि उसे ऐसा करना नहीं था।
निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति की संरचना पर सवाल उठाते हुए नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष ने कहा कि चयन प्रक्रिया से भारत के प्रधान न्यायाधीश को बाहर रखने और समिति में सरकार के दो प्रतिनिधियों की मौजूदगी से मौजूदा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, चयन समिति के तीन सदस्यों में से दो सरकार के हैं और एक विपक्ष का है। इसलिए इस व्यवस्था में बदलाव करना जरूरी है।
अब्दुल्ला ने कहा कि निर्वाचन आयोग स्वतंत्र होना चाहिए और उसे अपनी जिम्मेदारियां स्वतंत्र रूप से निभाने में सक्षम होना चाहिए। डॉ. अब्दुल्ला ने यहां परेड मैदान में दशहरा समारोह में भी हिस्सा लिया।
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