सतत् सांस्कृतिक विरासत के साथ नव वर्ष का जश्न मनाएं
बीजिंग, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अश्व नव वर्ष के आगमन के साथ ही चीन की धरती लालटेन और सजावट से सज गई, और आनंद व शांति से भर गई।
वसंत उत्सव से पहले, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पेइचिंग में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से मुलाकात की और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश भर के सभी जातीय समूहों के लोगों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और मातृभूमि की समृद्धि और शक्ति की कामना की।
वसंत उत्सव चीनी राष्ट्र की सांस्कृतिक स्मृति को संजोए रखता है और चीनी जनता की सामूहिक भावनाओं का प्रतीक है। राष्ट्रपति शी वसंत उत्सव संस्कृति सहित उत्कृष्ट पारंपरिक चीनी संस्कृति को विरासत में लेने और बढ़ावा देने को बहुत महत्व देते हैं। फू(भाग्य) अक्षर चिपकाना, लकड़ी के ढोल बजाना, और चीनी नव वर्ष के लिए स्टीम्ड बन्स बनाना... जैसे-जैसे वसंत उत्सव नजदीक आता है, शी हमेशा लोगों के साथ नव वर्ष का जश्न मनाते हैं और शुभकामनाएं भेजते हैं।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा, “मेरी सबसे बड़ी कामना है कि सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं और समृद्धि मिले। उन्होंने आगे कहा कि हजारों वर्षों से चली आ रही त्योहार मनाने की सांस्कृतिक परंपराएं चीनी राष्ट्र, चीनी जनता और सभी चीनी पुत्र-पुत्रियों को जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक बंधन हैं। उन्होंने निर्देश दिया, वसंत उत्सव के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों में जनता के बीच लोकप्रिय सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकता है, ताकि त्योहार को और अधिक उत्सवपूर्ण और आनंदमय बनाया जा सके।”
उत्साहपूर्ण माहौल चीनी संस्कृति के निरंतर विकास का एक जीवंत प्रमाण है। राष्ट्रपति शी ने गहराई से कहा, “उत्कृष्ट पारंपरिक चीनी संस्कृति चीनी राष्ट्र की आध्यात्मिक जीवनरेखा है और उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के बिना चीनी शैली का आधुनिकीकरण संभव नहीं है।”
चीन की विशाल भूमि पर नजर डालते हुए, हम अपनी आध्यात्मिक भूमि को संस्कृति से पोषित करते हैं। परंपरा और आधुनिकता के मेल से चीनी संस्कृति और भी अधिक चमकती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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अब भारत में ही बनेंगे राफेल फाइटर जेट, राष्ट्रपति मैक्रों ने 'मेक इन इंडिया' पर लगाई मुहर
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही है. उन्होंने एलान किया कि अब राफेल जेट 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारत में ही तैयार किए जाएंगे. मैक्रों का कहना है कि दोनों देश इस प्रोग्राम को मिलकर आगे बढ़ाना चाहते हैं और भविष्य के सभी सौदों के लिए यही तरीका अपनाया जाएगा. इंडिया AI समिट के दौरान उन्होंने इसे एक खास वैश्विक साझेदारी बताया.
नए विमानों में 'मेक इन इंडिया' होगा सबसे खास
मैक्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत ने हाल ही में 114 नए राफेल विमानों का ऑर्डर देने की इच्छा जताई है. उन्होंने बताया कि भारत चाहता है कि ये विमान न सिर्फ खरीदे जाएं, बल्कि इनका उत्पादन भी यहीं हो. इस नए सौदे में 'मेक इन इंडिया' को सबसे ऊपर रखा जाएगा. फ्रांस के राष्ट्रपति के मुताबिक, यह कदम मौजूदा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाएगा.
पनडुब्बियों और एयरोस्पेस में भी बढ़ेगी साझेदारी
सिर्फ हवाई जहाज ही नहीं, फ्रांस अब दूसरे बड़े रक्षा क्षेत्रों में भी भारत का साथ देने को तैयार है. मैक्रों ने कहा कि राफेल जैसा ही मॉडल पनडुब्बियों और एयरोस्पेस (अंतरिक्ष तकनीक) के लिए भी अपनाया जा सकता है. फ्रांस इस बात के लिए पूरी तरह तैयार है कि इन विमानों और मशीनों को बनाने में ज्यादा से ज्यादा भारतीय सामान और लोकल पुर्जों का इस्तेमाल हो. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ज्यादा से ज्यादा जरूरी डिवाइस भारत में ही तैयार किए जाएंगे.
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