ओवरसाइट बोर्ड ने मेटा की आलोचना की, कहा- चुनाव से जुड़े नियमों को लागू करने में पारदर्शिता लाना जरूरी
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडिपेंडेंट ओवरसाइट बोर्ड ने मंगलवार को मेटा की आलोचना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया कंपनी को चुनाव से जुड़े नियमों को लागू करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता लानी चाहिए।
बोर्ड की ओर से यह आलोचना अमेरिका और ब्राजील में राजनीतिक खातों से जुड़ी कंटेंट मॉडरेशन की कई विफलताओं के बाद की गई है।
बोर्ड ने एक बयान में कहा कि मेटा के चुनाव एकरूपता प्रयासों में बार-बार सामने आ रही कमियों को लेकर वह चिंतित है। बोर्ड ने चेतावनी दी कि कंटेंट मॉडरेशन में होने वाली गलतियों से वैध राजनीतिक बातचीत दब सकती है या चुनावी प्रक्रियाओं में जनता का भरोसा कम हो सकता है।
बोर्ड ने उदाहरण के तौर पर अमेरिका में नो किंग्स आंदोलन से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अकाउंट हटाए जाने और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से जुड़े अकाउंट्स पर चुनाव के दौरान लगाई गई पाबंदियों का जिक्र किया। बोर्ड के अनुसार, ऐसी कार्रवाइयों ने चुनावों में दखलंदाजी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बोर्ड के अनुसार, नो किंग्स इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ की गई गलत कार्रवाई का पता मेटा के उन सुरक्षा उपायों से लग जाना चाहिए था, जिन्हें मॉडरेशन संबंधी गलतियों को रोकने के लिए बनाया गया है।
साथ ही, बोर्ड ने यह सवाल भी उठाया कि इन अकाउंट्स को मेटा के क्रॉस-चेक प्रोग्राम में क्यों शामिल नहीं किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत, प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी को प्रभावित कर सकने वाली कोई भी कार्रवाई करने से पहले, हाई-प्रोफाइल नागरिक और राजनीतिक हस्तियों के अकाउंट्स की इंसानों द्वारा अतिरिक्त समीक्षा की जाती है।
बोर्ड ने कहा कि ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान लूला से जुड़े विज्ञापन खातों के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ी नीतियों को लागू करने में मेटा की कार्रवाई एक तरह की विफलता थी। इस मामले को स्पेशलिस्ट रिव्यूअर्स के पास भेजा जाना चाहिए था।
ये टिप्पणियां उन चिंताओं को फिर से सामने लाती हैं जिन्हें बोर्ड ने ब्राजील के 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद उठाया था। उस समय बोर्ड ने मेटा से कहा था कि वह अपने इलेक्शन इंटीग्रिटी प्रोग्राम्स की प्रभावशीलता को मापने के लिए स्पष्ट मानक तय करे और इससे जुड़े प्रदर्शन के आंकड़े सार्वजनिक करे।
हालांकि मेटा नियमित रूप से कुछ सामान्य आंकड़े जारी करता है, जैसे कि कितने विज्ञापनों को आर्काइव किया गया या कितने खातों को हटाया गया, लेकिन बोर्ड का कहना है कि कंपनी ने अभी तक ऐसे सार्वजनिक आंकड़े नहीं दिए हैं जिनसे उसकी प्रवर्तन प्रणालियों की प्रभावशीलता को ठीक से मापा जा सके या उनकी बड़ी कमियों की पहचान की जा सके।
इसके अलावा, बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी कि चुनावों से पहले राजनीतिक सामग्री को गलत तरीके से हटा देने से राजनीतिक भागीदारी पर बुरा असर पड़ सकता है और इससे चुनावी एकरूपता भी कमजोर हो सकती है।
ओवरसाइट बोर्ड के अनुसार, ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट टूल्स को भाषा, बारीकियों और राजनीतिक संदर्भ को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि ऐसी राजनीतिक अभिव्यक्ति को बेहतर ढंग से सुरक्षित रखा जा सके जिससे हिंसा न भड़कती हो।
मेटा ने 2025 में यह वादा किया था कि वह मॉडरेशन से जुड़ी गलतियों को कम करेगा, और साथ ही चुनावों तथा राजनीतिक बहसों के दौरान अभिव्यक्ति की अधिक स्वतंत्रता देगा।
बोर्ड का कहना है कि हाल की घटनाएं बताती हैं कि इस वादे को पूरा करने के लिए कंपनी को अभी और सुधार करने की जरूरत है।
--आईएएनएस
एबीएस
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2026 के मिडकैप चैंपियन: Sona BLW 67% और Solar Industries 62% चढ़े, जानिए किन 5 शेयरों ने गिरावट में भी कमाया मुनाफा
Midcap Performers of 2026: सोना BLW प्रिसिजन फोर्जिंग्स, सोलर इंडस्ट्रीज, अरबिंदो फार्मा, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर, और CG पावर एंड इंडस्ट्रियल्स 2026 में मिडकैप स्पेस में सबसे मजबूत परफॉर्मर के तौर पर उभरे हैं. ये स्टॉक्स इस साल निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में टॉप गेनर्स में से हैं, जबकि इंडेक्स खुद इसी दौरान लगभग 3% नीचे है.
मार्केट पर प्रेशर क्यों है?
इस साल बेंचमार्क इंडेक्स पर भी प्रेशर है. इसके कारणों में US-ईरान वॉर, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली, कमजोर रुपया और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें शामिल हैं. इस साल अब तक सेंसेक्स 13% और निफ्टी 12.46% गिरा है. आइए देखते हैं कि इस गिरावट के दौरान किन 5 मिडकैप स्टॉक्स ने मार्केट से बेहतर परफॉर्म किया है.
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Sona BLW Precision: 67% की बढ़त, एलारा का टारगेट ₹919
एलारा कैपिटल ने इस स्टॉक पर 'बाय' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹919 रखा है. एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक ने भी ₹814 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' कॉल दिया है. स्टॉक 2026 में पहले ही 67% बढ़ चुका है. यस सिक्योरिटीज ने ₹832 के टारगेट प्राइस के साथ 'ऐड' कॉल दिया है. यस सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि रेलवे बिजनेस समेत रेवेन्यू, दूसरी तिमाही में साल-दर-साल 20.6% (तिमाही-दर-तिमाही 5.5%) बढ़कर ₹1,370 करोड़ हो जाएगा. ब्रोकरेज का अनुमान है कि US और यूरोप में कम डिमांड के कारण बेस बिजनेस से रेवेन्यू साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही दोनों में घटेगा.
बढ़ती लागत, कमजोर प्रोडक्ट मिक्स और ज्यादा ऑपरेटिंग खर्च की वजह से EBITDA मार्जिन साल-दर-साल 280 बेसिस पॉइंट घटकर 22.1% रह सकता है. एडजस्टेड प्रॉफिट साल-दर-साल 7.1% बढ़कर ₹184 करोड़ होने की उम्मीद है. सोमवार को यह स्टॉक 0.80% गिरकर ₹792.40 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का मार्केट कैप ₹49,459 करोड़ हो गया. कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सप्लाई चेन में एक अहम प्लेयर है, जो इलेक्ट्रिफाइड और कन्वेंशनल पावरट्रेन दोनों के लिए जरूरी ऑटोमोटिव सिस्टम और कंपोनेंट बनाती है.
Solar Industries: 62% की बढ़त, जेफरीज का टारगेट ₹28,160
डिफेंस कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार को 1.49% गिरकर ₹19,780 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का मार्केट कैप ₹1.78 लाख करोड़ हो गया. 2026 में स्टॉक में 62% की बढ़त हुई है. PL Capital ने ₹23,124 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' कॉल दिया है. यह वैल्यूएशन सितंबर 2028 की अनुमानित कमाई पर 62 गुना के P/E पर आधारित है, जबकि इंप्लाइड EV/EBITDA 34 गुना है. MOFSL ने भी ₹23,000 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' कॉल दिया है. Jefferies का सबसे ज्यादा टारगेट प्राइस ₹28,160 है. यह इस ग्रोथ का क्रेडिट कंपनी के बढ़ते डिफेंस बिजनेस को देता है, जिसमें एम्युनिशन, एक्सप्लोसिव, रॉकेट और ड्रोन शामिल हैं.
ब्रोकरेज के अनुसार, FY26 और FY30 के बीच कमाई 31% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकती है, क्योंकि कुल सेल्स में डिफेंस सेक्टर का हिस्सा 27% से बढ़कर 40% हो जाएगा. कंपनी ने एक्सप्लोसिव की ट्रेडिंग से अपना बिज़नेस शुरू किया और फिर Economic Explosives नाम की एक सब्सिडियरी बनाकर मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा. पहले इसे सोलर एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, फरवरी 2009 में इसका नाम बदलकर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड कर दिया गया.
Oracle Financial Services: 33% का फायदा, ₹11,750 का टारगेट
यह सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी सोमवार को 1.42% गिरकर ₹10,195 पर बंद हुई, जिसका मार्केट कैप ₹88,808 करोड़ था. इस साल अब तक इसमें 33% की बढ़त हुई है. चॉइस इक्विटीज का टारगेट प्राइस ₹11,750 है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट क्रमशः 12.6%, 17.1% और 18.1% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेंगे. ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर (OFSS) एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन कंपनी है जो फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री को सर्विस देती है. यह रिटेल, कॉर्पोरेट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, ट्रेजरी ऑपरेशन और डेटा वेयरहाउसिंग के लिए ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग और कम्प्लायंस से जुड़े बैंकिंग प्रोडक्ट और सर्विसेज देती है.
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Aurobindo Pharma: 35% ऊपर, JM फाइनेंशियल खरीदने पर
अरबिंदो फार्मा के शेयर इस साल 35% बढ़े हैं. पिछले सेशन में यह 2.71% की गिरावट के साथ ₹1,615 पर बंद हुआ था. JM फाइनेंशियल ने ₹1,893 के टारगेट प्राइस के साथ 'खरीदें' की सलाह दी है. UBS का टारगेट प्राइस ₹1,800 है, लेकिन उसने 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखी है. ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी का ग्रोथ आउटलुक बेहतर हो रहा है, लेकिन अभी रिस्क-रिवॉर्ड बैलेंस्ड लग रहा है. इसका अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच कंपनी का रेवेन्यू और EBITDA क्रमशः 13% और 14% के CAGR से बढ़ेंगे.
CG Power: 34% ऊपर, नुवामा और नोमुरा पॉजिटिव हैं
CG पावर के शेयर इस साल 34% बढ़े हैं. पावर सेक्टर का यह स्टॉक पिछले सेशन में 1% बढ़कर ₹854.10 पर बंद हुआ. नुवामा ने ₹1,000 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' कॉल किया है. ब्रोकरेज ने FY27 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) एस्टिमेट में 4% की कटौती की है, लेकिन पावर, एक्सपोर्ट और OSAT में मजबूत ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव है. स्टॉक FY27 के 87 गुना और FY28 के EPS के 59 गुना पर ट्रेड कर रहा है. नोमुरा ने CG पावर के लिए अपना टारगेट ₹1,050 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दिया है. इसके अनुसार, कंपनी की पूरी ट्रांसफॉर्मर कैपेसिटी मजबूत घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए डेडिकेटेड है.
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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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