मिडटर्म चुनावों से पहले रिकॉर्ड निचले स्तर पर ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग, मध्यावधि चुनावों में झेलनी पड़ सकती है करारी हार
US Mid-Term Elections 2026: मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में गजब की गिरावट आई है. उनकी रेटिंग में रिकॉर्ड 31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. गिरावट का यह आंकड़ा सोमवार को पूरे हुए अमेरिकी मीडिया के नए पोल में सामने आया है. आशंका है कि ट्रंप मिडटर्म इलेक्शन में करारी हार झेल सकते हैं.
3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से ठीक पहले ईरान युद्ध, पेट्रोल की आसमान छूती कीमतें और बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताएं आम नागरिकों की राजनीतिक राय पर गहरा असर डाल रही है. 4 दिनों तक हुए इस सर्वे में पता चला कि राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में दो सप्ताह पहले की तुलना में 1 प्रतिशत की और गिरावट हुई है. वहीं, यह रिकॉर्ड उनके पूरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सबसे निचले स्तर पर है.
लोगों से पूछा गया यह सवाल
पोल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रजिस्टर्ड मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी से 12 अंकों की बढ़त पक है. यह वर्तमान चुनावी दौर का अब तक का सबसे बड़ा अंतर है. सर्वे के दौरान, जब मतदाताओं से पूछा गया कि अगर आज कांग्रेस के चुनाव हों तो वह किस दल को वोट देंगे. इस सवाल का जवाब देते हुए 47 प्रतिशत मतादाताओं ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में जवाब दिया. वहीं महज 35 प्रतिशत लोग ही रिपब्लिकन्स के साथ खड़े दिखाई दिए.
महिलाओं ने डेमोक्रेट्स का किया समर्थन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के यह पोल राज्य-स्तरीय सीनेट चुनावों और जिला-स्तरीय हाउस चुनावों की उन बारीकियों को पूरी तरह नहीं दिखाते. जहां रिपब्लिकन्स को कुछ पारंपरिक संरचनात्कम लाभ हासिल हैं. डेमोक्रेट् की इस बढ़ती लोकप्रियता के पीछे महिला मतदाताओं का बड़ा योगदान है. सर्वे के अनुसार, करीब 50 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने डेमोक्रेट्स का समर्थन किया है. वहीं, 32 प्रतिशत महिलाओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की इच्छा जताई है. पुरुष मतादाताओं का झुकाव भी डेमोक्रेट्स की तरफ देखा गया है. हालांकि, पुरुषों के मामले में दोनों प्रमुख दलों के बीच अंतर अपेक्षाकृत कम था.
इस वजह से रेटिंग में गिरावट
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गिरावट के पीछे फरवरी की वह घटना है. जब ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगी इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य हमले का आदेश दिया था. भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है. अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे आम अमेरिकी परिवारों के बजट पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा है. इसके अलावा, आयात पर भारी टैरिफ लगने की वजह से अमेरिका में बिकने वाला सामान भी महंगा हो चुका है.
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