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ये हैं देश की 5 सबसे पॉवरफुल 4x4 SUV, कीमत मात्र ₹12.59 लाख से शुरू

5 Most Affordable 4X4 SUVs in India: क्या आप ऐसी SUV खरीदना चाहते हैं, जो शहर की सड़कों से लेकर पहाड़ों और कठिन ऑफ-रोड रास्तों तक आसानी से चल सके? भारतीय बाजार में Maruti Jimny से लेकर Mahindra Thar Roxx तक कई दमदार 4x4 SUV मौजूद हैं. इनकी कीमत करीब 12.74 लाख रुपये से शुरू होती है. जानिए देश की 5 सबसे किफायती 4x4 SUV कौन-सी हैं, इनमें कितनी ताकत है और आपके लिए कौन-सी बेहतर रहेगी.

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Fiber और Protein के मामले में Quinoa vs Brown Rice क्या बेहतर, कैसे करें डाइट में शामिल

आजकल हर कोई सेहत को लेकर काफी जागरुक है और अपनी डाइट में चावल के ऑप्शन को तलाश रहे हैं। वेट लॉस और बेहतर पाचन के लिए अक्सर ब्राउन राइस और क्विनोआ का नाम सबसे ऊपर आता है। लेकिन जब बात फाइबर की आए, तो मन में सवाल यह आता है कि इन दोनों में से कौन सा अनाज ज्यादा फायदेमंद है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपकी सेहत के लिए क्या बेहतर है।

जानिए किसमें कितना होता है फाइबर

अगर 100 ग्राम पके हुए अनाज के आधार पर तुलना की जाए, तो दोनों के पोषक तत्वों में काफी फर्क देखने को मिलता है।

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100 ग्राम पके हुए क्विनोआ में करीब 2.8 ग्राम फाइबर प्रदान करता है।

वही 100 ग्राम पके हुए ब्राउन राइस में करीब 1.6 से 1.8 ग्राम फाइबर देता है।

इसका मतलब है कि ब्राउन राइस की तुलना में क्विनोआ में करीब 50 से 75% तक ज्यादा फाइबर होता है। वहीं दोनों ही अनाज शरीर की दैनिक फाइबर जरूरतों को पूरा करने में सहायता करता है। लेकिन उतनी बराबर मात्रा में खाने पर क्विनोआ से आपका अधिक फाइबर मिलेगा।

शरीर के लिए फाइबर क्यों जरूरी

फाइबर युक्त भोजन न सिर्फ पेट को साफ करने बल्कि पाचन दुरुस्त करने तक सीमित नहीं बल्कि इसके अन्य कई बड़े फायदे हैं।

एक शोध के मुताबिक फाइबर से भरपूर भोजन को पचने में थोड़ा अधिक समय लगता है। इससे आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और आप भी बार-बार अनहेल्दी खाने से बचते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिक फाइबर के सेवन से दिल की बीमारियों और कोलन के कैंसर का खतरा और टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

फाइबर के अलावा प्रोटीन में भी आगे क्विनोआ

ब्राउन राइस और क्विनोआ के बीच का लेवल सिर्फ फाइबर तक सीमित नहीं है। प्रोटीन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों के मामले में भी क्विनोआ काफी आगे है।

100 ग्राम पके क्विनोआ में प्रोटीन की मात्रा करीब 4.4 ग्राम होती है। वहीं 100 ग्राम ब्राउन राइस में सिर्फ 2.3 से 2.7 ग्राम प्रोटीन मिलता है।

इसके साथ ही क्विनोआ को 'कम्प्लीट प्रोटीन' माना जाता है। क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 एसेंशियल एमीनो एसिड मौजूद होते हैं। पारंपरिक अनाज होने की वजह से ब्राउन राइस में कुछ एमीनो एसिड की कमी होती है।

वहीं क्विनोआ में आयरन, मैग्नीशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

किसे खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी

अगर आप ऐसा खाना चाहते हैं, जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहे, तो क्विनोआ एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें प्रोटीन और फाइबर दोनों की अधिक मात्रा होती है, जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है। हालांकि पेट भरा रहना सिर्फ अनाज पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप इसको किस तरह से और किन दालों, सब्जियों या हेल्दी फैट्स के साथ पकाकर खाते हैं।

डाइट में किसे करें शामिल

अगर आप क्विनोआ को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं, तो भोजन में प्रोटीन की अधिक मात्रा, सभी जरूरी एमीनो एसिड्स से भरपूर प्लांट प्रोटीन, पोषक तत्वों से भरपूर नया ऑप्शन और प्रति सर्विंग ज्यादा फाइबर होता है।

अगर आपके लिए ब्राउन राइस सही है और आप इसको डाइट में शामिल करना चाहते हैं। तो बता दें कि इसका रोजमर्रा के खाने में आसानी से घुल-मिल जाने वाला स्वाद है। भारतीय दाल और करी के साथ खाया जाने वाला एक जाना-पहचाना ऑप्शन, होल-ग्रेन कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत होने से अलावा बजट के अनुकूल और किफायती अनाज होता है।

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  Sports

न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका

2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है। Tue, 20 Oct 2026 23:00:00

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