सलमान के लिए स्क्रिप्ट लिखने से डरते हैं सलीम खान, जानें किस वजह से नहीं किया बेटे संग काम?
Salim Khan on Working With Salman: आज के समय की यंग जनरेशन या फिर GenZ सलीम खान को बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है. लेकिन अपने दौर में सलीम खान ने एक लेखक के तौर पर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी है. अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना के दौर में सलीम-जावेद की राइटर जोड़ी ने खूब नाम कमाया था और शोले, जनजीर, सीता-गीता जैसी फिल्में बनाई. लेकिन अपने ही बेटे सलमान के लिए सलीम स्क्रिप्ट लिखने से डरते हैं. ऐसा क्यों, जानते हैं-
क्यों सलीम खान ने लिखना छोड़ा?
सलीम खास ने फिल्म इंडस्ट्री में जावेद अख्तर के साथ मिलकर कई फिल्में लिखी. लेकिन खुद अपने बेटे सलमान खान के लिए स्किप्ट नहीं लिखते थे, इस बारे में उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में खुलासा किया था. उन्होंने कहा था- 'अगर मैं किसी के पास जाता हूं और कहता हूं कि साहब मेरे पास बड़ी कमाल की स्क्रिप्ट है प्लीज सुन लीजिए. तब उसके दिमाग में ख्याल आएगा कि अगर इनके पास इतनी ही कमाल की स्क्रिप्ट है तो ये अपने बेटे के साथ फिल्म क्यों नहीं बना रहे हैं? बस इसलिए मैंने स्क्रिप्ट लिखना बंद कर दिया.'
क्यों बेटे के लिए स्किप्ट नहीं लिखी?
वहीं, बेटे सलमान के लिए स्क्रिप्ट ना लिखने पर सलीम खान ने कहा था, 'सलमान खान के साथ फिल्म इसलिए नहीं बनाता हूं क्योंकि उसमें बहुत बड़ा रिस्क होता है. अगर फिल्म हिट हो जाती है तो लोग बोलेंगे सलमान खान की वजह से हो गई. लेकिन, अगर फिल्म फ्लॉप हो गई तो कहेंगे इसके पिता की वजह से इसका करियर खत्म हो गया. हालांकि जब सलमान खान अपने करियर के शुरुआती दौर में थे तो सलीम खान ने उनके लिए पत्थर के फूल लिखी थी, जिसमें एक्टर रवीना टंडन संग नजर आए थे.
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Acharya Balkrishna Health Tips: आचार्य बालकृष्ण ने बताया थाइरॉइड में दूध-दही क्यों खाना चाहिए, जानिए लाभ
Acharya Balkrishna Health Tips: थाइरॉइड के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए. दरअसल, यह बीमारी एक लाइफस्टाइल बेस्ड हेल्थ प्रॉबल्म है जिसके लिए हमारा खान-पान और दिनचर्या का सही होना जरूरी होता है. पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने हाल ही में बताया है कि इन लोगों को दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन करना चाहिए. आइए जानते हैं क्यों.
क्यों खाएं दूध-दही?
पतंजलि के आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में उन्होंने जानकारी साझा की है कि Thyroid रोगियों को दूध अथवा दही का सेवन बढ़ा देना चाहिए. इन फूड्स में मिनरल्स, विटामिन्स और कैल्शियम की मात्रा अधिक होता है. ये न्यूट्रिएंट थाइरॉइड रोगियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो हार्मोन को संतुलित रखते हैं. ये आंतों के स्वास्थ्य को भी सही रखने में मदद करते हैं.
थाइरॉइड कैसे होता है?
थाइरॉइड गले में मौजूद एक ग्रंथि होती है, जिसमें असंतुलन होने से यह शरीर में हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म का कारण बनता है. हेल्थ एक्सपर्ट इसे ऑटोइम्यून डिजीज मानते हैं. शरीर में आयोडीन की कमी होने से, अधिक तनाव लेने से और जेनेटिक कारणों से भी थायरॉइड हो सकता है.
थाइरॉइड के लक्षण कैसे होते हैं?
- थकान और कमजोरी होना.
- वजन बढ़ना.
- सूखी त्वचा.
- बालों का झड़ना.
- कब्ज, ठंड सहन न कर पाना.
- मासिक धर्म में अनियमितता.
- अवसाद और मनोदशा में बदलाव.
थाइरॉइड से बचाव के कुछ उपाय
दूध व दूध से बनी चीजों के अलावा, डाइट में नारियल पानी को शामिल करने से थाइरॉइड से बचा जा सकता है. नमक का सीमित मात्रा में सेवन करें. साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करें और खान-पान का ख्याल रखें.
थाइरॉइड में किन चीजों का करें परहेज?
इस बीमारी में सोया उत्पादों, कच्ची गोभी-ब्रोकोली और अधिक चीनी नहीं लेनी चाहिए. प्रोसेस्ड मीट और अधिक शराब पीने से बचना चाहिए.
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