भारत में बदलाव की रफ्तार प्रभावित करने वाली, एआई अरबों लोगों की जिंदगी में ला सकती है परिवर्तन : सुदंर पिचाई
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने गुरुवार को कहा कि वह भारत में बदलाव की रफ्तार से प्रभावित हैं। साथ ही, कहा हमें एआई को लेकर रुख साहसिक रखना चाहिए, क्योंकि यह अरबों लोगों की जिंदगी में बदलाव ला सकती है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बोलते हुए, पिचाई ने कहा कि कंपनी इंडिया-अमेरिका कनेक्ट पहल के तहत अमेरिका और भारत के बीच चार नई प्रणालियों सहित सब-सी फाइबर ऑप्टिक केबलों का एक विशाल नेटवर्क भी बना रही है।
उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “भारत में, हम किसानों को उनकी आजीविका की रक्षा करने में मदद कर रहे हैं। पिछले साल भारतीय सरकार ने एआई-आधारित पूर्वानुमान लाखों किसानों को भेजे, जिससे उन्हें खराब मौसम के बारे में चेतावनी मिली।
पिचाई ने आगे कहा, “जब तक हम मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक हम एआई के पूरे लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, हम हाईपर-प्रगति के कगार पर हैं और हमें एआई को साहसपूर्वक अपनाना चाहिए, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है।
उन्होंने बताया, “50 वर्षों के लिए प्रोटीन संरचनाओं की भविष्यवाणी करना एक बड़ी चुनौती और एक ऐसी खामी थी जिसने दवा खोज को बाधित किया। आज, 190 देशों में 30 लाख से अधिक शोधकर्ता मलेरिया के टीके विकसित करने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं।”
गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर के अवसंरचना निवेश के तहत एक पूर्ण-स्तरीय एआई हब स्थापित कर रहा है।
पिचाई के अनुसार, गूगल भारत में स्वास्थ्य सेवा में सुधार, स्टार्टअप्स को समर्थन देने, कृषि और अन्य क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का व्यापक उपयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा, देश को एआई अनुसंधान में और सभी क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त निवेश सुनिश्चित करना चाहिए।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हो रहा है। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नीति निर्माता, उद्योगपति, शिक्षाविद, नवप्रवर्तक और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक साथ आए हैं।
इसका उद्देश्य एआई के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना है। इस समिट में 110 से अधिक देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग ले रहे हैं। लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख और लगभग 45 मंत्री इस समिट में शामिल हो रहे हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
FIFA World Cup 2030 की मेजबानी से पहले मोरक्को पर लगे गंभीर आरोप, 30 लाख कुत्तों को मारने का मामला आया सामने
FIFA World Cup 2030: फीफा वर्ल्ड कप 2030 मोरक्को में खेला जाने वाला है. इसके लिए वहां पर तैयारी अभी से शुरू कर दी गईं हैं. लेकिन इन तैयारियों के बीच अब एक विवाद खड़ा हो गया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दरअसल, तमाम रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों से पहले मोरक्को में करीब 30 लाख आवारा कुत्तों को मारा गया है. इन आरोप से दुनियाभर में आक्रोश फैल गया है.
कुत्तों को मारने की घटना आई सामने
अब इस मामले से पशु अधिकार संगठन काफी आक्रोश में हैं. इन संगठनों द्वारा दावा किया गया है कि, कुत्तों को गोली मारकर, जहर देकर और अमानवीय तरीकों से हत्या की जा रही है. ताकि शहर साफ और पर्यटकों के लिए आकर्षक दिख सके. हालांकि मोरक्को सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है. इस नॉर्थ अफ्रीकी देश को 2023 में स्पेन और पुर्तगाल के साथ को-होस्ट के तौर पर कन्फर्म किया गया था.
इस पूरे मामले पर एक एक्टिविस्ट्स ने कहा है कि, शहरों और टूरिस्ट स्पॉट्स को ज्यादा साफ और सुरक्षित दिखाने के लिए कुत्तों को मारा जा रहा है. एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन्स ने तस्वीरें भी साझा की हैं. उन्होंने आरोप लगाया गया है कि मोरक्को के अधिकारी सख्त तरीके अपना रहे हैं, जिसमें कुत्तों की गर्दन पकड़ना, उन्हें ट्रकों में भरना और उनके शवों को सामूहिक कब्रों में फेंकने से पहले उन्हें जहर देना या गोली मारना शामिल है.
Heartbreaking scenes from Morocco: stray dogs poisoned, howling in pain, and left to die in pools of blood.
— Vidit Sharma ???????? (@TheViditsharma) January 24, 2025
Reports reveal a brutal plan to cull 3 million dogs ahead of the 2030 FIFA World Cup, leaving the world in shock and anger.
Even conservationist Jane Goodall has… pic.twitter.com/nCOEkHXSZD
फीफा पर भी लगे गंभीर आरोप
इन रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि कुत्तों को कूड़े के डिपो पर जिंदा जलाने से पहले कई दिनों तक भूखा रखा जाता था. इंटरनेशनल एनिमल वेलफेयर एंड प्रोटेक्शन कोएलिशन (IAWPC) ने कहा कि, मोरक्को में बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स से पहले बड़े पैमाने पर जानवरों को मारने का एक पैटर्न है और कहा कि FIFA जैसे संगठन ऑर्डर नहीं दे रहे हैं, बल्कि असल में इस काम को बढ़ावा दे रहे हैं.
फीफा की ओर से आया बड़ा बयान
FIFA के एक स्पोक्सपर्सन ने मीडिया को बताया कि 2030 फीफा वर्ल्ड कप के लिए अपनी बिड के दौरान मोरक्को ने जानवरों की भलाई के लिए अपने कमिटमेंट पर जोर दिया था और आवारा कुत्तों के लिए क्लीनिक बढ़ाने और प्रोग्राम को सपोर्ट करने की सरकारी कोशिशों का जिक्र किया था. हम एनिमल वेलफेयर ग्रुप IAWPC के साथ काम कर रहा है और इस मामले को सुलझाने के लिए पैनल बुलाया गया है. लंदन में मोरक्को की एम्बेसी ने कहा है कि, आवारा कुत्तों को नहीं मारा जा रहा है.
ये भी पढ़ें : पहली ही मुलाकात में जॉर्जीना को दिल दे बैठे थे रोनाल्डो, किसी फिल्म से कम नहीं है दोनों की लव स्टोरी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















