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दावा- ईरान पर कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका:ये मिलिट्री ऑपरेशन कई हफ्ते चलेगा, वेनेजुएला से भी खतरनाक कार्रवाई होगी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत तेजी से बढ़ गया है और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि आने वाले दिनों या हफ्तों में बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है। अमेरिकी न्यूज एजेंसी Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करता है तो वह छोटी या प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि कई हफ्तों तक चलने वाला बड़ा ऑपरेशन होगा। एक व्हाइट हाउस अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि आने वाले हफ्तों में हमले की संभावना 90% तक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ऑपरेशन पिछले महीने वेनेजुएला में हुई सीमित कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा और संभव है कि इसे इजराइल के साथ मिलकर अंजाम दिया जाए। इसका निशाना ईरान का परमाणु और मिसाइल ढांचा हो सकता है। इजराइल अधिकारी बोले- संघर्ष की बहुत ज्यादा आशंका इजराइल की सैन्य खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख आमोस यादलिन ने कहा कि टकराव अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, लेकिन एक महाशक्ति कुछ ही दिनों में युद्ध शुरू नहीं करती। कूटनीतिक रास्ता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यादलिन ने यह भी कहा कि कई लोग हमले के खिलाफ हैं और पेंटागन भी पूरी तरह साफ नहीं है कि वह इस कार्रवाई से क्या हासिल करना चाहता है, लेकिन राष्ट्रपति काफी दृढ़ नजर आ रहे हैं। ट्रम्प का 'सभी ऑप्शन खुले हैं' वाला बयान असली सैन्य तैयारी के बारे में बताता है। लड़ाई खत्म करने की डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने परमाणु कूटनीति के साथ-साथ बड़े स्तर पर सैन्य तैयारी भी शुरू कर दी है। मंगलवार को उनके सलाहकार जेराड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से तीन घंटे तक बातचीत की। दोनों पक्षों ने कहा कि बातचीत में कुछ डेवलपमेंट हुआ है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी अब भी कुछ बड़े मुद्दों पर सहमति बनने को लेकर डाउट में हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कुछ मामलों में बातचीत अच्छी रही, लेकिन कई मुद्दों पर राष्ट्रपति ने जो 'रेड लाइन' तय की हैं, उन्हें ईरान मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति समझौता चाहते हैं, लेकिन यह भी संभव है कि कूटनीति अपनी अंतिम सीमा तक पहुंच चुकी हो। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाई रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य-पूर्व में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी काफी बड़ी हो चुकी है। दो एयरक्राफ्ट कैरियर, करीब एक दर्जन युद्धपोत, सैकड़ों फाइटर जेट और कई एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं और और भी सैन्य उपकरण भेजे जा रहे हैं। ओपन-सोर्स ट्रैकिंग के मुताबिक 150 से ज्यादा कार्गो उड़ानें हथियार और गोला-बारूद लेकर क्षेत्र में पहुंची हैं। साथ ही 50 से ज्यादा फाइटर जेट, जिनमें F-35, F-22 और F-16 शामिल हैं, मिडिल ईस्ट की ओर भेजे गए हैं। ट्रम्प के एक एक एडवाइजर ने कहा कि कुछ लोग राष्ट्रपति को ईरान से युद्ध न करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि आने वाले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की संभावना 90% है। इजराइल के दो अधिकारियों ने भी कहा कि देश 'कुछ ही दिनों में' युद्ध की स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है और ऐसी कार्रवाई की वकालत कर रहा है जो ईरान की सत्ता को चुनौती दे सके। रूस ने ईरान के साथ नेवी एक्सरसाइज का ऐलान किया रिपोर्ट में याद दिलाया गया कि जून 2025 में ईरानी मिसाइलों से 32 लोगों की मौत हुई थी और 3,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। लिकुड पार्टी के सांसद बोआज बिस्मुथ ने कहा कि इजराइल का कोई भी नागरिक ऐसा नहीं है जो दिन में कई बार यह न सोचता हो कि ईरान के साथ संघर्ष कब होगा। उन्होंने कहा कि जनता और सरकार दोनों अलग-अलग संभावित हालात के लिए तैयार हैं। इस बीच ईरान और रूस ने ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करने का ऐलान किया है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होरमुज स्ट्रैट के पास सैन्य अभ्यास किया और कुछ घंटों के लिए वहां आवाजाही आंशिक रूप से रोक दी। हॉर्मुज स्ट्रैट दुनिया के तेल कारोबार के लिए अहम रास्ता हॉर्मुज स्ट्रैट अपनी सबसे संकरी जगह पर करीब 33 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान का तेल और गैस यहीं से बाहर जाता है। ज्यादातर खेप एशिया के लिए होती है। अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, इस रास्ते का कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है, हालांकि सऊदी अरब और यूएई ने कुछ पाइपलाइन बनाई हैं जो इस मार्ग को बायपास करती हैं। हालांकि स्ट्रैट को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है और सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन इसके किनारों के क्षेत्रीय पानी पर ईरान और ओमान का नियंत्रण है। ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद अटका ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि ईरान हिजबुल्लाह, हूती जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन देना बंद करे। अमेरिका इस मुद्दे को भी शामिल करना चाहता है, लेकिन ईरान मुख्य रूप से सिर्फ परमाणु मुद्दे पर फोकस रखना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। -------------- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा:पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। पढ़ें पूरी खबर…

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एपस्टीन फाइल्स- 1999 से हयात होटल्स के चेयरमैन का इस्तीफा:2008 से यौन अपराधी के संपर्क में थे; 10 देशों में लोगों ने पद छोड़े

अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों का खुलासा होने के बाद दुनियाभर में इस्तीफों का दौर जारी है। ताजा इस्तीफा हयात होटल्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरबपति थॉमस प्रित्जकर का है। वे इस पद पर 1999 से थे। अमेरिकी न्याय विभाग की फाइल से पता चला है कि 2008 से एपस्टीन और प्रित्जकर लगातार संपर्क में थे। 2018 में एपस्टीन ने प्रित्जकर से अपनी प्रेमिका की दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा की व्यवस्था में मदद का अनुरोध किया था। 2015 का एक अन्य ईमेल बताता है कि एपस्टीन ने दुबई में निवेश बढ़ाने के लिए डीपी वर्ल्ड के सीईओ बिन सुलेयम और प्रित्जकर को जोड़ने की कोशिश की थी। उसने सुलेयम और जेस स्टेली के बीच कारोबारी संबंध बढ़ाने की भी कोशिश की, जो उस समय जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी में वरिष्ठ कार्यकारी थे। हयात होटल्स के उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं प्रित्जकर थॉमस जे. प्रित्जकर, परिवार के 13 अरबपति होटल उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं। संपत्ति 6.2 अरब डॉलर है। 1999 से हयात के अध्यक्ष और 1999 से 2006 तक सीईओ रहे। एपस्टीन विवाद में अब तक ये छोड़ चुके पद एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद 10 देशों के 15 प्रोफेशनल्स, नेता और बैंकर्स इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं… कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर '#MeToo' लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… अपनी नर्सरी में धतूरे का पौधा उगाता था जेफ्री एपस्टीन:नशे में इस्तेमाल होता है, भगवान शिव से जुड़ा है इसका फूल हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ (धतुरा का पौधा) का जिक्र है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में इसके इस्तेमाल का जिक्र था। बताया गया कि इसके असर में व्यक्ति को कहीं भी ‘ले जाया’ जा सकता है, क्योंकि वह पूरी तरह आज्ञाकारी और भ्रमित हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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भारत में शुरू हुआ रमजान, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी मुबारकबाद, कहा – ‘हर तरफ अमन-चैन बना रहे’

इस्लामी कैलेंडर के सबसे पवित्र महीने रमजान की शुरुआत हो गई है। भारत में 18 फरवरी को चांद दिखने की पुष्टि के बाद मुस्लिम समुदाय में उत्साह का माहौल है और 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा। इस मुबारक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम एक खास संदेश जारी किया। चांद … Thu, 19 Feb 2026 08:03:45 GMT

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