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डिजिटल रुपया क्या है? यह यूपीआई से कैसे अलग है? इसे बिना इंटरनेट के चलाने के लिए आरबीआई क्या तैयारी कर रही है?

डिजिटल रुपया (e₹) और यूपीआई (UPI) दोनों डिजिटल भुगतान से जुड़े हैं, लेकिन दोनों की प्रकृति अलग है। आइए सबसे पहले जानते हैं कि डिजिटल रुपया क्या है? दरअसल डिजिटल रुपया या e₹ भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जारी करता है, इसलिए यह स्वयं रुपये का डिजिटल रूप है—जैसे ₹100 का नोट भौतिक रूप में है, वैसे ही e₹ डिजिटल रूप में। इसे डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि डिजिटल रुपया अब खुदरा व थोक दोनों क्षेत्रों में पायलट चरण में है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार 'ई' ₹ को बैंकों और गैर-बैंक संस्थाओं के डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है। इससे व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-दुकानदार भुगतान किया जा सकता है। गौरतलब है कि आरबीआई के 'ई'₹ वॉलेट में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है और इसके इस्तेमाल पर अलग से शुल्क नहीं है।

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आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि बिना इंटरनेट से संभव हो सकने वाला 'ई'₹ भुगतान अभी बड़े पैमाने पर आम लोगों के लिए शुरू नहीं हुआ है, क्योंकि इसके अलग-अलग तकनीकी विकल्पों का लगातार परीक्षण किया जा रहा है। इसलिए इसकी अंतिम तकनीक, लेन-देन की सीमा, सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों के लिए लॉन्च की तारीख को लेकर अभी कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक  ने 2022 में जारी ढांचे के तहत कार्ड, वॉलेट और मोबाइल उपकरणों के जरिए बिना इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी के भी कुछ ऑफलाइन भुगतान की अनुमति दी थी, जिसके तहत भुगतान आमने-सामने यानी निकट दूरी पर किया जाता है। बाद में यूपीआई लाइट एक्स के जरिये एनएफसी आधारित ऑफलाइन भुगतान की सुविधा भी विकसित की गई।

# अब आइए जानते हैं कि e₹ और UPI में मुख्य अंतर क्या है?

एक, डिजिटल रुपया (e₹) आरबीआई की डिजिटल मुद्रा है, जबकि UPI भुगतान का आधुनिक डिजिटल माध्यम है।

दो, डिजिटल रुपया (e₹) डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है, जबकि यूपीआई में बैंक खाते से सीधे भुगतान होता है।

तीन, डिजिटल रुपया व्यक्ति और दुकानदार के बीच सीधा भुगतान किया जा सकता है। जबकि यूपीआई क्यूआरकोड, मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी से भुगतान किया जा सकता है।

चार, भविष्य में ब्लू टूथ, एनएफसी के जरिए बिना इंटरनेट भुगतान की सुविधा देने पर काम हो रहा है। जबकि यूपीआई में सीमित ऑफलाइन विकल्प विकसित किए हुए हैं।

पांच, डिजिटल रुपया रुपये का डिजिटल रूप है जो    भुगतान करने का माध्यम/प्रणाली है। इसे आरबीआई जारी करता है। जबकि UPI का संचालन NPCI करता है।

छह, डिजिटल रुपया कहाँ रहता है? e₹ वॉलेट में बैंक खाते से भुगतान होता है। जबकि यूपीआई की भूमिका डिजिटल मुद्रापैसा भेजने का माध्यम है।

सात, डिजिटल रुपया भुगतान का आधार e₹ से e₹ वॉलेट में लेन-देन हो सकता है। बैंक खाते से बैंक खाते में भुगतान हो एकता  है। अब इंटरनेट के बिना RBI इसके लिए ऑफलाइन तकनीकें विकसित/परीक्षण कर रहा है। जबकि UPI में भी UPI Lite X जैसी NFC-आधारित ऑफलाइन सुविधा है।

RBI स्वयं स्पष्ट करता है कि e₹ डिजिटल रुपये का रूप है, जबकि UPI भुगतान का माध्यम है। e₹ को बैंक खाते से निकालकर अलग डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है और CBDC लेन-देन में धन सीधे दो e₹ वॉलेट के बीच स्थानांतरित हो सकता है। चूंकि बिना इंटरनेट e₹ चलाने की RBI की तैयारी है। इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। RBI के अनुसार ऑफलाइन e₹ के लिए अलग-अलग तकनीकी समाधान तलाशे और परीक्षण किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

एक, Telecom-assisted offline: ऐसी व्यवस्था जिसमें इंटरनेट उपलब्ध न हो, लेकिन मोबाइल/टेलीकॉम कनेक्टिविटी उपलब्ध हो।

दो, NFC आधारित भुगतान: दो पास-पास रखे NFC-सक्षम उपकरणों के बीच संचार के जरिए लेन-देन। यानी भविष्य में इंटरनेट न होने पर भी बहुत छोटी दूरी में फोन को टैप करके भुगतान संभव बनाने की दिशा में काम हो रहा है। RBI ने इसे e₹ के ऑफलाइन प्रयोगों में शामिल बताया है।

तीन, RBI ने छोटे मूल्य के ऑफलाइन डिजिटल भुगतानों के लिए व्यापक ढांचा बनाया है: इसमें कार्ड, वॉलेट और मोबाइल उपकरणों के जरिए बिना इंटरनेट/टेलीकॉम कनेक्टिविटी के proximity यानी आमने-सामने भुगतान की व्यवस्था का प्रावधान है।

चार, एक आसान उदाहरण: मान लीजिए किसी दूरदराज के गांव में इंटरनेट बंद है। सामान्य UPI भुगतान में बैंक से भुगतान कराने के लिए नेटवर्क की समस्या आ सकती है। भविष्य के ऑफलाइन e₹ मॉडल में फोन के डिजिटल वॉलेट में पहले से मौजूद e₹ का इस्तेमाल स्थानीय रूप से किया जा सकेगा।

NFC जैसे समाधान में दो नजदीकी उपकरण आपस में डेटा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इसका उद्देश्य मूलतः डिजिटल भुगतान को नकदी जैसी उपलब्धता देना है—विशेषकर कमजोर इंटरनेट वाले ग्रामीण, दूरदराज या नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में।

एक पंक्ति में यदि कहूं तो UPI पैसे भेजने का डिजिटल रास्ता है, जबकि e₹ स्वयं डिजिटल रुपया है। RBI की ऑफलाइन रणनीति का लक्ष्य e₹ को इस तरह विकसित करना है कि इंटरनेट न होने पर भी डिजिटल भुगतान के कुछ रूप संभव हों।

- कमलेश पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

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Lord Shiva और मां पार्वती की कृपा के लिए Guru Pradosh Vrat पर करें विशेष मंत्र जाप

आज यानी की 08 अक्तूबर 2026 को गुरु प्रदोष व्रत किया जा रहा है। हिंदू पंचांग क मुताबिक हर साल आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म मं इस व्रत का विशेष महत्व होता है। हर महीन में दो बार प्रदोष व्रत किया जाता है। जिसमें से एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। गुरुवार के दिन यह व्रत पड़ने की वजह से इसको गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। तो आइए जानते हैं कि गुरु प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र आदि के बारे में...

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक 07 अक्तूबर 2026 की रात 11:16 मिनट पर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं आज यानी की 08 अक्तूबर की रात 10:15 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के मुताबिक 08 अक्तूबर 2026 को गुरु प्रदोष व्रत किया जा रहा है।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें और फिर भोलनाथ और मां पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें। फिर शाम को प्रदोष काल के समय शिवलिंग पर गंगाजल और शुद्ध जल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी से अभिषेक करें। फिर शिवलिंग पर धतूरा, बेलपत्र, फूल, अक्षत और चंदन आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान लगातार 'ऊँ नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें। फिर पूजा के अंत में प्रदोष व्रत कथा, शिव चालीसा और आरती करें। इसके बाद पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।

गुरु प्रदोष व्रत मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिव जी का मूल मंत्र

ऊँ नम: शिवाय।।

महादेव के प्रभावशाली मंत्र

ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।

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अभिषेक शर्मा से लेकर सीफर्ट तक... 3 खिलाड़ी, जो भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में अकेले पलट सकते हैं बाजी

3 players can Game Changers: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर 2026 से क्राइस्टचर्च में पांच मैचों की टी20 सीरीज का आगाज हो रहा है. दोनों टीमों के बीच अब तक हुए 29 मुकाबलों में भारत ने 14 और न्यूजीलैंड ने 13 मैच जीते हैं. इस सीरीज में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के शानदार फॉर्म, विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और कीवी स्टार टिम सीफर्ट के हालिया प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी. ये तीनों खिलाड़ी अकेले अपने दम पर बाजी पलटने का दम रखते हैं. Wed, 21 Oct 2026 18:24:39 +0530

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