Responsive Scrollable Menu

5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में होगा केतु का गोचर, इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

 इस बार साल 2026 के अंत में ग्रहों की चाल में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु गोचर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गोचर से सभी 12 राशियों पर प्रभाव देखने को मिलेगा।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, छाया ग्रह केतु 5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेगा। चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी है। इसलिए केतु का चंद्रमा की राशि में गोचर करने से कुछ राशियों के जातकों को लाभ मिलेगा।  नौकरी से लेकर व्यापार में तरक्की देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं, गाड़ी और सुख-सुविधाओं से जुड़े सपने पूरे होने की उम्मीद भी बढ़ सकती है। चलिए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां जिनकी किस्मत चमकने वाली है।

कर्क राशि

असल में केतु का गोचर कर्क राशि में होने वाला है, इससे इस राशि के जातकों को लाभ प्राप्त होगा। इस अवधि में जातकों को मानसिक रुप से राहत प्राप्त होगी। निवेश क्षेत्र में काम करने वाले जातकों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। वहीं, आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। परिवार के साथ संबंध बेहतर होने वाला है। आपकी मेहनत को पहचान मिलने वाली है। इसके साथ ही आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कुल मिलाकर यह समय आपके लिए बदलाव लेकर आने वाला है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय काफी खास रहने वाला है। इस समय भाग्य का साथ आपके पक्ष में रहेगा। धीरे-धीरे हुए पूरे होने की उम्मीद है। बिजनेस में आप किसी काम को लेकर लंबे समय तक परेशान हैं, तो आप समाधान मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नए रास्ते ओपन होंगे। व्यापार से संबंधित जातकों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। जातकों को मनचाही नौकरी या फिर कोई बिजनेस आपको मिल जाएगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को केतु का गोचर कई मामलों में बेहद खास रहने वाला है। जो लोग काफी समय से नौकरी की तलाश में हैं, तो उन जातकों को नए अवसर मिलने की संभावना है। नई योजनाओं पर काम करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। इस समय आप कोई बड़ा काम करने की योजना भी बनाएंगे, जिसमें सफलता मिलने की पूरी संभालवाएं रहेंगी। इस समय रिश्तों में धैर्य बनाने की जरुरत है। कार्यक्षत्र में आपकी मेहनत रंग लाने वाली है। 

Continue reading on the app

Saraswati Puja पर करें कलम और किताबों की पूजा, 17 अक्टूबर को बन रहा विशेष शुभ Muhurat

हिंदू धर्म में मां सरस्वती को बुद्धि, ज्ञान, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। हर साल छात्र, शिक्षक और कला-संगीत से जुड़े लोग मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। वैदिक पंचांग के मुताबिक साल में मुख्य रूप से दो बार सरस्वती पूजा का विधान मिलता है। पहला माघ शुक्ल पंचमी यानी की बसंत पंचमी और दूसरा आश्विन माह में शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मां सरस्वती की पूजा की सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बिना मां सरस्वती की पूजा अधूरी मानी जाती है।

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक 17 अक्टूबर 2026 को पूजा के लिए समय सबसे शुभ समय 06:22 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है। वहीं ज्योतिष के मुताबिक सुबह 07:00 बजे से 11:00 बजे तक का समय मां सरस्वती की चौकी सजाने और पूजा संपन्न करने के लिए शुभ माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: Durga Puja उत्सव का Kalparambha से होगा आगाज, 21 अक्टूबर को होगा Sindoor Khela

पूजन सामग्री


हल्दी, कुमकुम, सिंदूर और रोली
अक्षत (अन्न के दाने)
लकड़ी की चौकी
आम के पत्ते
पीले फूल और फूलों की माला
पीला वस्त्र या चुनरी / साड़ी
कलश
पके हुए केले की फली और नारियल
भोग के लिए: मालपुआ, तिल के लड्डू, दूध या घी से बनी मिठाई
धूपबत्ती, इत्र और गुलाल
श्रृंगार का सामान

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें। फिर लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद चौकी पर मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। अब मां सरस्वती का आचमन करवाकर स्नान कराएं और फूल-माला अर्पित करें। इसके बाद फूल, माला और आम के पत्ते चढ़ाएं और फिर सिंदूर, अक्षत और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। मां सरस्वती को पीला वस्त्र अर्पित करें और किताबें, कॉपी और कलम की पूजा करें।

फिर जरूरतमंदों को पढ़ाई का सामान दान करें और मां सरस्वती के साथ भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को भोग या प्रसाद अर्पित करें। शाम को भी देवी सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें।

महत्व

मां सरस्वती को विद्या और बुद्धि की देवी हैं। मां सरस्वती की पूजा करने से ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है। पढ़ाई और परीक्षा में सफलता के लिए बेहद शुभ माना जाता है। बच्चों और स्टूडेंट्स के लिए अक्षरज्ञान और विद्यारंभ के लिए अच्छा मौका है। पूजा से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।

Continue reading on the app

  Sports

कौन हैं अराफात मिन्हास? पाकिस्तान के लिए बल्ले-गेंद से मचाया कोहराम, शाहिद अफरीदी के क्लब में हुआ शामिल

त्रिकोणीय सीरीज के दूसरे मैच में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 87 रन से हरा दिया. पाकिस्तान की इस जीत में अराफात मिन्हास की हीरो रहे. अराफात ने सबसे पहले बल्लेबाजी में अपनी टीम के लिए कमाल किया. इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी में 6 विकेट लेकर इंग्लैंड से हारा हुआ मैच पाकिस्तान की झोली में डाल दिया. आइए जानते हैं कौन हैं अराफात मिन्हास. Wed, 21 Oct 2026 05:16:02 +0530

  Videos
See all

Bihar MLC Election: नीरज पर भड़के अनंत सिंह, मचा बवाल! | Anant Singh Statement | JDU Neeraj Kumar #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-21T04:01:49+00:00

क्या Salman Khan थे असली टारगेट? Tiger Shroff केस में नया मोड़ | Firing Case | Breaking #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-21T04:03:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers