Dussehra पर Delhi Police का कड़ा पहरा, राजधानी में 10000 सुरक्षाकर्मी तैनात
दिल्ली में दशहरा उत्सव के दौरान कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा और भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों और बड़े सार्वजनिक समारोहों वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी, जबकि वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और पर्याप्त बल सुनिश्चित करने के लिए तैनाती स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
अधिकारियों को उत्सव के दौरान भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और इसके मद्देनजर भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख मंदिरों, पंडालों और दशहरा आयोजन स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मध्य दिल्ली में त्योहारों में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है, जिसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में मध्य जिले में बहुत भारी भीड़ रहती है और नवरात्रि के दौरान झंडेवालान में भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं तथा कई स्थानों पर एक साथ दुर्गा पूजा का आयोजन भी चल रहा है।
उन्होंने कहा, लिहाजा, मध्य जिले में व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहां महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी भी तैनाती स्थलों का नियमित दौरा करते हैं। हमने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए रणनीतिक स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस टीमें किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए रखेंगी। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षाकर्मियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस अधिकारी को देने का आग्रह किया है।
Sri Ganganagar: हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई पर बिरधवाल हेड से हटे किसान
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर बिरधवाल हेड पहुंचे किसानों ने हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद सोमवार सुबह अपना पड़ाव समाप्त कर दिया और घड़साना लौट गए। हालांकि, किसानों ने आंदोलन जारी रखने और घड़साना में दोबारा धरना देकर आगे की रणनीति तय करने की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हटने के बाद प्रशासन ने सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग से बैरिकेड और ट्रकों को हटाया।
मार्ग को सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई का पानी देने की मांग को लेकर रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के चार से पांच हजार किसान रविवार रात बिरधवाल हेड के पास जमा रहे। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से वहां पहुंचे थे।
पुलिस ने उन्हें नहर के गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, किसानों की शनिवार को जयपुर में प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद उन्होंने रविवार को बिरधवाल हेड की ओर कूच किया था। उन्होंने बताया कि किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने गोपालसर चौराहे से पहले 330 आरडी के पास सड़क पर बैरिकेड लगाए थे और ट्रक खड़े कर रास्ता बंद कर दिया था।
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों ने बिरधवाल हेड के पास सड़क पर पड़ाव डाल दिया और रातभर वहीं डटे रहे। मौके पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस, संभागीय पुलिस बल और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) के जवान तैनात रहे।
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिशंकर यादव भी रातभर मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद उन्होंने पड़ाव समाप्त किया है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि घड़साना में फिर से धरना देकर आंदोलन की आगामी दिशा तय की जाएगी।
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