दिल्ली : एक्यूआई में सुधार के बाद एनसीआर में स्टेज 2 ग्रैप प्रतिबंध हटाए गए
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत स्टेज 2 प्रतिबंधों को रद्द कर दिया।
यह फैसला ग्रैप की सब-कमेटी ने लेटेस्ट एयर क्वालिटी डेटा और मौसम के अनुमानों को रिव्यू करने के बाद लिया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का एवरेज एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 214 था, जिससे यह ‘खराब’ कैटेगरी में आ गया, लेकिन पॉल्यूशन लेवल में साफ गिरावट दिख रही है।
मौसम के अच्छे हालात की वजह से एक्यूआई 16 फरवरी को रिकॉर्ड किए गए 261 से सुधरकर 17 फरवरी को 249 और 18 फरवरी को 214 हो गया था।
इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (आईआईटीएम) के अनुमानों के आधार पर, आने वाले दिनों में एक्यूआई के ‘खराब’ से ‘मध्यम’ कैटेगरी में रहने की उम्मीद है।
कमीशन ने एक बयान में कहा, दिल्ली के एवरेज एक्यूआई में सुधार के ट्रेंड को देखते हुए, सब-कमेटी ने एकमत से पूरे एनसीआर में मौजूदा ग्रेप के स्टेज 2 को तुरंत रद्द करने का फैसला किया।
हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि ग्रैप के स्टेज 1 के तहत सभी उपाय लागू रहेंगे। एनसीआर में लागू करने वाली एजेंसियों को हवा की क्वालिटी में किसी भी नई गिरावट को रोकने के लिए स्टेज 1 की कार्रवाई को तेज करने और सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रेप मैकेनिज्म, जो प्रदूषण के लेवल के आधार पर ग्रेडेड पाबंदियां तय करता है, ने पहले 19 अक्टूबर, 2025 को स्टेज 2 लागू किया था, जब एक्यूआई लेवल में बढ़ोतरी का ट्रेंड दिखा था।
कमीशन ने इस बात पर जोर दिया कि सख्त मॉनिटरिंग जारी रहेगी, और एजेंसियों को यह पक्का करने के लिए सतर्कता बनाए रखनी चाहिए कि प्रदूषण का स्तर फिर से न बढ़े। नागरिकों को भी सुधार बनाए रखने में मदद के लिए स्टेज 1 के तहत गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी गई है।
सब-कमेटी हवा की क्वालिटी की स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी और रियल-टाइम डेटा और अनुमानों के आधार पर आगे के फैसलों के लिए समय-समय पर स्थिति का रिव्यू करेगी।
--आईएएनएस
एससीएच
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: वैश्विक साझेदारी और नई तकनीकों से बदलेगा एआई का भविष्य
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर के विशेषज्ञ और कंपनियां हिस्सा ले रही हैं और एआई के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा कर रही हैं। इसी कड़ी में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के वाइस-प्रोवोस्ट (अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहभागिता) गेरेंट रीस ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि एआई समिट का उत्साह और पैमाना बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने बताया कि यूसीएल और टेक महिंद्रा के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी से रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं पर काम करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों के लिए यह बेहद उत्साहजनक समय है। भारत एक आधुनिक और उद्यमशील अर्थव्यवस्था है, जहां लोग एआई, उन्नत चिकित्सा, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली, एम्स और आईआईसी बेंगलुरु जैसे भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर वैश्विक स्तर की रिसर्च को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
वहीं, स्विट्जरलैंड पवेलियन से डॉ. लीना रोबरा ने कहा कि उनका देश पारदर्शिता और खुलेपन के सिद्धांत पर एआई को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि स्विस एआई पहल के तहत एपर्टस नाम का ओपन-सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल पेश किया गया है, जिसमें डेटा और मॉडल की कार्यप्रणाली पारदर्शी रहती है, जिनका उद्देश्य एआई का उपयोग सार्वजनिक हित में, जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ करना है।
इसके अलावा, फ्रांस की ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमिश्नर एस्टेल डेविड ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि फ्रांस इस समिट में भाग लेकर बेहद खुश है। उन्होंने बताया कि इस बार फ्रांस का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन है, जिसमें करीब 30 फ्रेंच एआई कंपनियां शामिल हैं। साथ ही इस सप्ताह लगभग 120 फ्रेंच कंपनियां भारत आई हैं, जो भारत-फ्रांस साझेदारी को और मजबूत बनाएंगी।
वही, फुजीत्सु के जंगो ओकाई ने बताया कि उनकी कंपनी एआई सॉफ्टवेयर के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और सुपरकंप्यूटिंग तकनीक लेकर आई है। क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक कंप्यूटर से बिल्कुल अलग और अधिक शक्तिशाली तकनीक है, जो सिमुलेशन, ऑप्टिमाइजेशन और वैज्ञानिक खोजों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और एआई के लिए मजबूत डेटा सेंटर और स्वदेशी कंप्यूटिंग क्षमता जरूरी होगी।
वहीं, ओरिसर्व के सह-संस्थापक माज अंसारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि उनकी कंपनी पिछले सात वर्षों से ब्रांड और ग्राहकों के बीच बातचीत को ऑटोमेट कर रही है। उनकी तकनीक बिना इंतजार के सटीक जवाब देने में सक्षम है और भारत की विभिन्न बोलियों को समझ सकती है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोग फोन के जरिए ही बैंक या अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे, बिना शाखा में जाए।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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