रेडिको खेतान के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अमर सिन्हा ने दिया इस्तीफा
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। शराब निर्माता कंपनी रेडिको खेतान के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अमर सिन्हा ने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स में नए मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।
सिन्हा इससे पहले बीडीए (अब एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स लिमिटेड) के कार्यकारी निदेशक और सीईओ के रूप में कार्य कर चुके हैं।
उन्होंने अपने त्यागपत्र में कहा, निजी कारणों से मैं रेडिको खेतान लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं 31 मार्च तक अपने दायित्वों से मुक्त होना चाहता हूं।
सिन्हा ने मार्च 2017 में रेडिको खेतान में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने कहा, इस पद पर सेवा करना और कंपनी की विकास यात्रा में योगदान देना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। मैं इस अवसर पर अपने कार्यकाल के दौरान बोर्ड और संगठन भर में अपने सहयोगियों के समर्थन, सहयोग और विश्वास के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।
पिछले साल मई में रेडिको खेतान ने अपने नवनिर्मित व्हिस्की ब्रांड त्रिकाल को वापस लेने की घोषणा की थी, क्योंकि ब्रांड के नाम और छवि को लेकर गंभीर विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बारे में कई लोगों का दावा था कि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
कंपनी ने आईएएनएस के साथ साझा किए गए आधिकारिक बयान में कहा था कि वह भारतीय नागरिकों की आवाज का सम्मान करती है और एक जिम्मेदार संगठन के रूप में आंतरिक समीक्षा के बाद ब्रांड को बंद करने का विकल्प चुना है।
कंपनी ने कहा, त्रिकाल सिर्फ एक नाम नहीं था। इसका उद्देश्य भारत की शाश्वत भावना को श्रद्धांजलि देना था और यह भी बताना था कि यह शब्द संस्कृत से आया है और अतीत, वर्तमान और भविष्य को संदर्भित करता है।
ब्रांड की नीले रंग की बोतल के लेबल पर बंद आंखों वाले चेहरे का एक सरल रेखाचित्र बना हुआ था और माथे पर एक गोलाकार निशान था, जिसके बारे में आलोचकों ने कहा कि यह भगवान शिव की तीसरी आंख जैसा दिखता है।
8पीएम, मैजिक मोमेंट और रामपुर इंडियन सिंगल माल्ट जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के लिए मशहूर रेडिको खेतान ने त्रिकाल को अपनी प्रीमियम रणनीति के तहत पेश किया, जिसकी कीमत 3,500 रुपए से 4,500 रुपए के बीच है।
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी, कहा- 'प्रोफेसर को जानकारी नहीं थी'
ग्रेटर नोएडा, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ी भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हुई विवादास्पद घटना को लेकर विवाद जारी है। इस बीच बुधवार को यूनिवर्सिटी ने इस घटना के लिए माफी मांगी।
समिट स्थित यूनिवर्सिटी पवेलियन में एक प्रतिनिधि द्वारा चीनी कंपनी यूनिट्री के रोबोटिक डॉग ओरियन (यूनिट्री गो2) को यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित उत्पाद बताकर पेश करने से सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैला। यहां तक कि यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो क्षेत्र से स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया।
यूनिवर्सिटी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, हम हाल ही में एआई समिट में हुई कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगते हैं। पवेलियन में मौजूद हमारे एक प्रतिनिधि को गलत जानकारी थी। उन्हें प्रोडक्ट के टेक्निकल ऑरिजिन के बारे में पता नहीं था और कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था।
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि इस इनोवेशन को गलत तरीके से दिखाने का कोई संस्थागत इरादा नहीं था। वे एकेडमिक इंटीग्रिटी, ट्रांसपेरेंसी और जिम्मेदारी से काम दिखाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आयोजकों की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने परिसर खाली कर दिया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब कम्युनिकेशंस की प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक इंटरव्यू में ओरियन को यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया। वीडियो वायरल होने पर यूजर्स ने इसे यूनिट्री गो2 बताया, जो चीन में निर्मित कमर्शियल प्रोडक्ट है और भारत में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर इसे मिसरिप्रेजेंटेशन और इंडियन एआई प्रोग्रेस पर झूठ कहकर ट्रोल किया गया।
इससे पहले यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा था, हम गलगोटिया में, फैकल्टी और स्टूडेंट्स, हमारी यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रोपेगेंडा कैंपेन से परेशान हैं। हम साफ-साफ कहना चाहते हैं कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग हमारी कोशिश का हिस्सा है, ताकि छात्र एआई प्रोग्रामिंग सीख सकें और दुनिया भर में मौजूद टूल्स और रिसोर्स का इस्तेमाल करके रियल वर्ल्ड स्किल्स डेवलप और डिप्लॉय कर सकें, क्योंकि एआई टैलेंट डेवलप करना आज की जरूरत है।
यूनिवर्सिटी ने बताया था, हमारी यूनिवर्सिटी का विजन छात्रों की लर्निंग व इनोवेशन पर है और हम छात्रों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक एक्सेस देते हैं, ताकि वे प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस ले सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। नकारात्मकता फैलाने से छात्रों का हौसला टूट सकता है, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इनोवेट करने, सीखने और अपनी स्किल्स बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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