गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत में एआई की अपार संभावनाओं पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि कैसे एआई स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में बदलाव लाएगा.
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग की लोकप्रिय टीम रायल चैलेंजर्स बेंगलुरू के मालिकाना हक की जंग तेज हो गई है। खबरों के अनुसार फुटबाल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के सह मालिक अवराम ग्लेजर ने इस फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए लगभग 1.8 अरब डॉलर की बोली लगाई है। यह बोली आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। इसके बाद क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है। सूत्रों के मुताबिक ग्लेजर ने यह प्रस्ताव निजी तौर पर दिया है और इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
डियाजियो बेचना चाहती है अंशिक या पूरा हिस्सा आरसीबी की मौजूदा मालिक कंपनी डियाजियो है, जो टीम का आंशिक या पूरा हिस्सा बेचना चाहती है। डियाजियो इस फ्रेंचाइजी का मूल्यांकन 2 अरब डॉलर तक मान रही है। हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ग्लेजर ने भी कोई आधिकारिक नहीं दिया है। पिछले वर्ष टी20 आईपीएल खिताब जीतने वाली आरसी अब निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक हो गई है। टीम की ब्रांड वैल्यू, फैन फॉलोइंग और व्यावसायिक संभावनाओं ने इसे वैश्विक निवेशकों के लिए लुभावना बना दिया है।
संभावित खरीदारों में देशी-विदेशी बड़े नाम खबरों के अनुसार संभावित खरीदारों में ब्लैकस्टोन आईएनसी, कार्लाइल ग्रुप आईएनसी. और कुछ भारतीय उद्योगपति भी शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में बोली लगाने वालों की सूची को छोटा किए जाने की संभावना है। ग्लेजर परिवार पहले से ही खेल जगत में बड़ा नाम है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के अलावा वे एनएफएल टीम टैम्पा बे बुकेनियर्स के भी मालिक हैं। पिछले कुछ वर्षों से यह परिवार क्रिकेट में निवेश के अवसर तलाश रहा है। वर्ष 2021 में अव्राम ग्लेजर ने आईपीएल की नई फ्रेंचाइजी के लिए बोली लगाई थी।
बोली सफल हुई तो बदलेगा क्रिकेट परिदृश्य पर तब नई टीमों के लिए लगभग 750 मिलियन और 950 मिलियन डॉलर तक की ऊंची बोलियां लगने के कारण वह सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने 2022 में यूएई स्थित डेजर्ट वाइपर्स टीम को लगभग 30 मिलियन डॉलर में खरीदा और क्रिकेट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। साथ ही, पिछले वर्ष उन्होंने इंग्लैंड की द हंड्रेड प्रतियोगिता में भी एक फ्रेंचाइजी के लिए बोली लगाने पर विचार किया था। यदि आरसीबी के लिए 1.8 अरब डॉलर की बोली सफल होती है, तो यह क्रिकेट के व्यावसायिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकती है।