PAK vs NAM: सुपर-8 में पहुंचा पाकिस्तान, नामीबिया को 102 रनों से रौंदा, शाहिबजादा फरहान के बाद उस्मान तारिक का धमाल
PAK vs NAM: पाकिस्तान ने नामीबिया को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के लिए क्वलीफाई कर लिया है. कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया को 102 रनों से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए शाहिबजादा फरहान के शतक के दम पर पाकिस्तान ने 199 रनों का स्कोर खड़ा किया. जवाब में नामीबिया की पूरी टीम सिर्फ 97 रनों पर सिमट गई.
पाकिस्तान के दिए 200 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद खराब रही. 49 रन के स्कोर पर नामीबिया ने 4 विकेट गंवा दिए थे. जान फ्रिलिंक (9), निकोल लॉफ्टी-ईटन (5), लोरेन स्टीनकैंप (23) और कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (7) रन बनाकर चलते बने.
पाकिस्तान ने खड़ा किया 199 रनों का स्कोर
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 199 रन बनाए. टीम के लिए साहिबजादा फरहान ने शानदार शतक लगाया. साहिबजादा फरहान ने 58 गेंदों पर 100 रनों की नाबाद पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 4 छक्के लगाए. कप्तान सलमान आगा 23 गेंद पर 38 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 3 चौका और 2 छक्का निकला. वहीं शादाब खान 22 गेंद पर 36 रन बनाए, जिसमें एक चौका और 3 छक्का शामिल रहा. नामीबिया के लिए जैक ब्रासेल ने 2 विकेट चटकाए. जबकि गेरहार्ड इरास्मस को एक सफलता मिली.
35 बच्चों ने ब्लेड से काटे अपने हाथ, आखिर खुद को क्यों पहुंचाया नुकसान?
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. आपको जानकार हैरानी होगी कि कुरुद ब्लॉक के दहदहा मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले करीब 35 बच्चों ने अपने ही हाथों को ब्लेड या किसी नुकीली चीज से काटकर जख्मी कर लिया. जब यह बात सामने आई, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. फिलहाल डॉक्टर और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जड़ तक जाने की कोशिश कर रहे हैं.
कैसे खुला यह राज?
यह मामला कुछ हफ्ते पहले शुरू हुआ था, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब एक बच्चे के हाथ पर कटे के निशान देखकर उसके घरवाले दंग रह गए. बच्चे से जब इसकी वजह पूछी गई, तो उसने कुछ नहीं बताया. परेशान होकर पालक स्कूल पहुंचे, जहां पता चला कि सिर्फ उनके बच्चे ने ही नहीं, बल्कि उसके साथ पढ़ने वाले कई और बच्चों के हाथों पर भी वैसे ही निशान हैं. धीरे-धीरे गिनती बढ़ी और पता चला कि कुल 35 बच्चों ने अपने बाएं हाथ को नुकसान पहुंचाया है.
डरे हुए हैं माता-पिता
इतनी बड़ी तादाद में बच्चों के हाथ काटने की खबर से स्कूल प्रबंधन के भी हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में स्कूल में पालकों की मीटिंग बुलाई गई. माता-पिता इस बात से डरे हुए हैं कि आखिर उनके मासूम बच्चों के दिमाग में ऐसा क्या चल रहा है कि वे खुद को चोट पहुंचा रहे हैं. बच्चे पूछने पर भी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं, जिससे रहस्य और गहरा गया है.
जांच और काउंसलिंग शुरू
खबर फैलते ही मेडिकल टीम और मनोवैज्ञानिकों का दल स्कूल पहुंचा. 16 फरवरी को बच्चों और उनके माता-पिता की खास काउंसलिंग की गई ताकि उनके मन के डर या तनाव को समझा जा सके. बीईओ (BEO) चंद्रकुमार साहू ने स्कूल के टीचरों को कड़ी हिदायत दी है कि वे हर बच्चे की छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखें. स्कूल प्रबंधन भी यह समझने की कोशिश कर रहा है कि यह किसी ऑनलाइन गेम का असर है या कोई आपसी चुनौती (Challenge).
सुरक्षा पर बड़े सवाल
यह घटना सिर्फ 'हाथ काटने' तक सीमित नहीं है, इसने स्कूल की सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चे ऐसा करने के लिए क्यों मजबूर हुए? क्या वे किसी अदृश्य दबाव में थे? इन सवालों के जवाब हर कोई जानना चाहता है। फिलहाल शिक्षा विभाग की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आ पाएगी.
ये भी पढ़ें- लंदन में फर्टिलिटी मरीजों को हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत, क्लिनिक की गलती से होने वाला था नुकसान, जानें मामला
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















