अजित अगरकर का कार्यकाल खत्म, प्रज्ञान ओझा बने नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार समेत 5 सदस्यीय कमेटी करेगी टीम का चयन
BCCI ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की सिलेक्शन कमेटी में बदलाव किया है। दरअसल पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। स्पिनर प्रज्ञान ओझा अजित अगरकर की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि अजित अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गया था। वहीं पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर सिलेक्शन कमेटी में शामिल किया गया है। नई कमेटी में अब प्रज्ञान ओझा, शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार होंगे।
दरअसल प्रज्ञान ओझा सितंबर 2025 में BCCI की पुरुष चयन समिति में शामिल हुए थे। वहीं अब उन्हें कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। अजित अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद चयन समिति में बदलाव की जरूरत थी। इसी के साथ रमेश पोवार को भी कमेटी में जगह मिली है। पोवार ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और महिला टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाली है। उनके पास घरेलू क्रिकेट और कोचिंग का अनुभव है।
प्रज्ञान ओझा का क्रिकेट करियर कैसा रहा?
वहीं प्रज्ञान ओझा भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं। उन्होंने 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। बाएं हाथ के स्पिनर ओझा ने टेस्ट क्रिकेट में 113 विकेट लिए हैं जबकि वनडे में उनके नाम 21 और टी-20 इंटरनेशनल में 10 विकेट हैं। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 47 रन देकर 6 विकेट रहा। घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। दरअसल फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 108 मैचों में उन्होंने 424 विकेट लिए हैं। उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच 2018 में बिहार की ओर से उत्तराखंड के खिलाफ खेला था।
IPL में भी प्रज्ञान ओझा का शानदार प्रदर्शन
दरअसल IPL में प्रज्ञान ओझा डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस की टीमों के लिए खेले हैं। उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट लिए। 2015 के बाद वह IPL की किसी टीम का हिस्सा नहीं रहे। सितंबर 2025 में उन्हें BCCI की पुरुष चयन समिति में शामिल किया गया था। अब उन्हें कमेटी की अध्यक्षता सौंपी गई है। उनका अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का अनुभव चयन से जुड़े फैसलों में काम आएगा। चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, टीम की जरूरत और अलग-अलग फॉर्मेट के लिए सही संयोजन पर विचार करना शामिल होता है। ओझा अब चार अन्य सदस्यों के साथ मिलकर भारतीय पुरुष टीम के चयन में भूमिका निभाएंगे।
रमेश पोवार का भी रिकॉर्ड देखिए
वहीं रमेश पोवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले हैं। मुंबई के इस पूर्व स्पिनर का अंतरराष्ट्रीय करियर 2004 से 2007 के बीच रहा। उन्होंने 10 नवंबर 2015 को सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया था। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग में जिम्मेदारी संभाली। 2018 में वह पहली बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच बने। मई 2021 में उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया। इसके अलावा वह मुंबई और गुजरात की टीमों के कोच रहे और BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं।
दरअसल महिला टीम के साथ पोवार के कार्यकाल में भारत ने एशिया कप का खिताब जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया। हालांकि, महिला टीम के कोच रहते हुए उनका नाम मिताली राज के साथ विवाद को लेकर भी चर्चा में आया था। 2018 महिला टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान मिताली ने उन पर भेदभाव करने, अपमानित करने और अपने करियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में मिताली को टीम से बाहर रखने के फैसले के बाद विवाद और बढ़ गया था। इसके बाद पोवार को कोच पद से हटा दिया गया था। अब वह पुरुष टीम की सीनियर चयन समिति में शामिल होंगे।
अजित अगरकर के कार्यकाल में भारत ने जीते तीन ICC खिताब
दरअसल अजित अगरकर जुलाई 2023 में पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष बने थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 और 2026 के टी-20 वर्ल्ड कप तथा 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती। भारतीय टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक भी पहुंची थी लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार गई। इसके अलावा भारत ने दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते। अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंट में खिताब अपने नाम किए। 4 अक्टूबर 2026 को उनका कार्यकाल खत्म हो गया जिसके बाद चयन समिति की कमान प्रज्ञान ओझा को सौंप दी गई है।
एशियन पैरा गेम्स में सौम्या ने जीता गोल्ड, राधा ने सिल्वर पर जमाया कब्जा, भारत की झोली में दो मेडल
Asian para games 2026: एशियाई पैरा खेलों में भारत के रिंकू ने भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया, जबकि अजीत सिंह को रजत से संतोष करना पड़ा. दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच गोल्ड के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला. रिंकू ने 65.11 मीटर का थ्रो किया, जबकि अजीत का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 65.02 मीटर रहा. एफ46 वर्ग में हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन अथवा इसी तरह की शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.
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