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टाइगर श्रॉफ के समर्थन में आए विद्युत जामवाल:बोले- तुम सबसे निडर हो, मुंबई पुलिस सुनिश्चित करे कि ऐसी घटना दोबारा न हो

टाइगर श्रॉफ पर हमले की घटना के बाद एक्टर विद्युत जामवाल ने उनका हौसला बढ़ाया है। विद्युत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर टाइगर को सबसे निडर इंसान बताया। उन्होंने टाइगर के फैंस से भी सवाल किया कि जब वे अपने पसंदीदा स्टार के लिए इतना प्यार दिखाते हैं, तो इस मुश्किल वक्त में उन्हें भी कुछ करना चाहिए। विद्युत ने मुंबई पुलिस से टाइगर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की और कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। विद्युत ने कहा- 'तुम सबसे निडर इंसान हो विद्युत जामवाल ने वीडियो में टाइगर श्रॉफ को संबोधित करते हुए कहा कि वह उन्हें सबसे निडर इंसान मानते हैं। विद्युत के मुताबिक, उन्होंने जितने भी लोगों को जाना है, उनमें टाइगर बेहद निडर हैं। उन्होंने टाइगर के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि वह उनसे प्यार करते हैं और उनके सबसे बड़े प्रशंसक हैं। विद्युत ने टाइगर के उन फैंस का भी जिक्र किया, जो उन्हें फुटबॉल खेलते देखने जाते हैं और मैदान पर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग खुद को टाइगर का सबसे बड़ा फैन बताते हैं। ऐसे में उन्हें भी इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। विद्युत ने कहा कि इस तरह की घटना में किसी को भाग कर हमलावारों को पकड़ना चाहिए था। उनके इस बयान का मकसद घटना के प्रति नाराजगी जाहिर करना और टाइगर के समर्थन में आवाज उठाना था। मुंबई पुलिस से बोले- ऐसी गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए वीडियो में विद्युत ने मुंबई पुलिस को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस टाइगर को सुरक्षा मुहैया कराएगी, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।विद्युत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसी गलती फिर होती है, तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। उनके बयान से साफ है कि वह टाइगर की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। ‘जब अकेला महसूस करता हूं तो 'बजरंग बाण’ सुनता हूं' वीडियो में विद्युत ने टाइगर से अपने लगाव का एक भावुक पहलू भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जब वह बहुत अकेला महसूस करते हैं, तो बजरंग बाण सुनते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि टाइगर भी इसे सुनते हैं। विद्युत ने प्यार जताते हुए टाइगर को 'भाई' कहा और अपना समर्थन दोहराया। उनके इस संदेश में टाइगर के लिए दोस्ती, अपनापन और चिंता साफ नजर आई। उन्होंने जिस अंदाज में टाइगर को संबोधित किया, उससे यह भी जाहिर हुआ कि वह इस घटना के बाद उनका हौसला बढ़ाना चाहते हैं। भास्कर को दिए इंटरव्यू में टाइगर के साथ फिल्म का किया था खुलासा विद्युत जामवाल ने इससे पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में टाइगर श्रॉफ के साथ फिल्म करने की योजना का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वह टाइगर के साथ एक फिल्म करने वाले हैं। ऐसे में टाइगर के समर्थन में उनका यह वीडियो दोनों के बीच अच्छे रिश्ते और आपसी जुड़ाव के संदर्भ में भी चर्चा में है। विद्युत इन दिनों अपनी फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' को लेकर भी चर्चा में हैं। उनकी यह फिल्म 16 अक्टूबर को रिलीज हुई है। फिल्म की रिलीज के बीच टाइगर के समर्थन में उनका यह संदेश सामने आया है। विद्युत का वीडियो टाइगर के प्रति उनके सम्मान और चिंता को जाहिर करता है। उन्होंने एक तरफ टाइगर को निडर बताते हुए उनका मनोबल बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ उनके प्रशंसकों और मुंबई पुलिस से भी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

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जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं की हिरासत दो दिन बढ़ी, 21 अक्टूबर को अगली सुनवाई

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है. दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होनी है. फिलहाल दोनों को हिरासत में ही रहना होगा.

यह मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने और वहां प्रवेश से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों से संबंधित है. पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने के बाद भी दोनों नेता वहां पहुंचे थे. आरोप है कि उन्होंने बंद गेट को पार करके प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया. पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की थी.

क्या है पूरा मामला? 

CJP नेताओं का यह मामला 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है. उस दिन पार्टी के सदस्यों का एक समूह जंतर-मंतर पहुंचा था. पुलिस के अनुसार, समूह के कुछ सदस्यों ने बंद गेट पार करके प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया. इसके बाद वहां नारे लगाए गए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. पुलिस ने इसे नियमों के खिलाफ प्रवेश का मामला बताया.

इससे पहले 10 अक्टूबर को भी आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली में प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था. उस समय उनके साथ CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी मौजूद थे. बाद में बॉन्ड भरने की प्रक्रिया के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. इन बॉन्ड में शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की शर्तें शामिल थीं.

पुलिस का कहना है कि बाद में दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर फिर से लोगों को जुटाने की अपील की. इसी आधार पर पुलिस ने आरोप लगाया कि पहले दिए गए बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं किया गया. हालांकि, ये पुलिस के आरोप हैं और मामले में संबंधित पक्षों की दलीलें भी महत्वपूर्ण हैं.

पांच दिन की हिरासत के बाद फिर बढ़ी अवधि 

14 अक्टूबर को दोनों नेताओं को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. उस समय उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया. इसके बाद दोनों तिहाड़ जेल में रहे. पुलिस ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं सामने रखी थीं.

पुलिस की दलील थी कि दोनों नेताओं की रिहाई से दोबारा प्रदर्शन होने और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. वहीं, मजिस्ट्रेट के सामने दोनों की पिछली गतिविधियों और शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए बॉन्ड का मुद्दा भी रखा गया.

19 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद दोनों की हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई. इसके चलते फिलहाल उनकी रिहाई नहीं हो सकी है. अब अगली सुनवाई में मामले से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा क्यों अहम है? 

जंतर-मंतर लंबे समय से दिल्ली में धरना और प्रदर्शन करने के लिए जाना जाता रहा है. हालांकि, वहां प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा से जुड़े नियम लागू होते हैं. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए कुछ दूसरे स्थान भी निर्धारित किए हैं, जिनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं.

इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि जब किसी स्थान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगहों की सूची से हटा दिया गया हो, तो वहां प्रदर्शन करने पर किन नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पहले भरे गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन हुआ या नहीं.

 अब आगे क्या होगा? 

आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत बढ़ाए जाने के बाद अब सभी की नजर 21 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है. आगे की प्रक्रिया में पुलिस की दलीलें, बॉन्ड से जुड़े दस्तावेज और दोनों पक्षों का पक्ष अहम रहेगा. इस मामले में अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा. फिलहाल इतना स्पष्ट है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रवेश को लेकर शुरू हुआ मामला अब शांति बनाए रखने के बॉन्ड और हिरासत की अवधि से जुड़े सवालों तक पहुंच गया है. अगली सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत के सामने कौन-से तथ्य और दलीलें रखी जाती हैं और उसके बाद क्या आदेश आता है.

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