Responsive Scrollable Menu

दिवाली पर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग 8 नवंबर को होगी:दोपहर में 2:20 से 3:30 बजे तक कारोबार होगा, यह परंपरा 70 साल पुरानी

दिवाली और लक्ष्मी पूजन पर 8 नवंबर को शेयर बाजार में स्पेशल मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। BSE-NSE ने सर्कुलर जारी कर बताया कि इस बार 70 मिनट की कंटीन्यूअस ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से शुरू होकर 3:30 बजे तक चलेगी। भारतीय शेयर मार्केट में दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा है। वैसे तो स्टॉक एक्सचेंज में इस दिन छुट्टी होती है, लेकिन छुट्टी के दिन भी इसे विशेष तौर पर एक घंटे के लिए खोला जाता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग के टाइम स्लॉट में इक्विटी, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इक्विटी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस और सिक्योरिटीज लेंडिंग और बॉरोइंग (SLB) जैसे कई सेगमेंट में भी ट्रेडिंग होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग की पूरी टाइमलाइन आम दिनों में बाजार सोमवार से शुक्रवार के बीच सुबह 9:00 बजे से दोपहर के 3:30 तक खुलता है। 9:00 बजे से लेकर 9:15 तक प्री मार्केट सेशन होता है। फिर दोपहर 3:30 तक नॉर्मल सेशन। लगातार दूसरे साल दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग होगी ऑर्डर प्लेसमेंट और ऑर्डर मैचिंग के नियम IPO, रिलिस्टेड और इलिक्विड सिक्योरिटीज के लिए नियम क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और पोस्ट-क्लोज टाइमिंग जिन सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) लागू होता है, उनके लिए रेगुलर मार्केट दोपहर 3:15 बजे बंद हो जाएगा। इसके बाद 3:20 बजे तक ट्रांजिशन और रेफरेंस-प्राइस कैलकुलेशन पीरियड रहेगा। BSE में रेफरेंस प्राइस दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय होगा। क्लोजिंग ऑक्शन ऑर्डर एंट्री दोपहर 3:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगी। शुरुआती 5 मिनट में लिमिट और मार्केट दोनों ऑर्डर्स दिए जा सकेंगे, जबकि आखिरी 5 मिनट में सिर्फ लिमिट ऑर्डर्स ही स्वीकार होंगे। ऑर्डर मैचिंग 3:30 बजे से 3:35 बजे के बीच होगी। NSE ने CAS सिक्योरिटीज के लिए 3:35 बजे से 3:50 बजे तक ट्रांजिशन पीरियड रखा है, जबकि नॉन-CAS सिक्योरिटीज 3:30 बजे बंद होंगी। इसके बाद पोस्ट-क्लोज सेशन दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। एक्सचेंज ने यह स्पष्ट किया है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान एग्जीक्यूट किए गए सभी सौदों का सेटलमेंट नियमों (सेटलमेंट ऑब्लिगेशन) के तहत होगा। मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा करीब 70 साल पुरानी शेयर मार्केट में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा करीब 70 साल पुरानी है। हिंदू कैलेंडर वर्ष के अनुसार, इस साल दिवाली के दिन से हिंदू विक्रम संवत वर्ष 2083 की शुरुआत हो रही है। पूरे भारत में इस उत्सव को धन, समृद्धि और सौभाग्य के स्वागत के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। ठीक इसी तरह इस मुहूर्त ट्रेडिंग के साथ भी ऐसी ही धारणा जुड़ी हुई है। शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स इस दिन को निवेश की शुरुआत के लिए बेहद खास मानते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग को माना जाता है शुभ हिंदू रीति-रिवाजों में मुहूर्त एक ऐसा समय होता है जब ग्रहों की चाल अनुकूल मानी जाती हैं। मुहूर्त में किसी भी काम को शुरू करने से उसका पॉजिटिव रिजल्ट सुनिश्चित होता है। इसीलिए दिवाली के शुभ मुहूर्त पर जब एक घंटे के लिए शेयर बाजार खुलता है तो हिंदू धर्म के कई लोग अपने इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करते हैं। ज्यादातर लोग देवी लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में स्टॉक खरीदना पसंद करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस एक घंटे के दौरान ट्रेडिंग करने वाले लोगों के पास पूरे साल धन कमाने और समृद्धि प्राप्त करने का बेहतर मौका होता है।

Continue reading on the app

ऑस्ट्रेलिया में सांसद को SUV से कुचलने की कोशिश? PM बोले- ‘यह हादसा नहीं’, आतंकी एंगल से जांच

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के वांगाराटा में सांसद हेलेन हेन्स को उनके चुनावी जिला कार्यालय के बाहर टोयोटा लैंड क्रूजर एसयूवी ने टक्कर मार दी. वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने आशंका जताई कि घटना जानबूझकर की गई. आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और राष्ट्रीय आतंकवाद-निरोधक टीम जांच कर रही है.

Continue reading on the app

  Sports

न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका

2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है। Tue, 20 Oct 2026 23:00:00

  Videos
See all

Weather Update : बारिश को लेकर IMD का अलर्ट!, इन राज्यों में रहें सतर्क? | IMD Weather Update | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T23:30:28+00:00

Houthi Saudi Arabia War Update: Yeman का बदला, 24 घंटे ताबड़तोड़ हमले, सऊदी तबाह| Middle East | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T23:00:22+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers