Responsive Scrollable Menu

Fact Check: अंबाला हाईवे पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागती पुलिस का वीडियो पुराना है, हालिया नहीं

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद 15 अक्टूबर 2026 को पंजाब में बंद का आह्वान किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसबल को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागते […]

The post Fact Check: अंबाला हाईवे पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागती पुलिस का वीडियो पुराना है, हालिया नहीं appeared first on Vishvas News.

Continue reading on the app

128kmph की टॉप स्पीड और 400KM तक की रेंज, खरीदने से पहले देखें ये इलेक्ट्रिक स्कूटर

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और कम खर्च में सफर करने की चाहत के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि, इन्हें खरीदने से पहले ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल बैटरी रेंज को लेकर रहता है। लंबी दूरी के सफर में बैटरी खत्म होने और चार्जिंग स्टेशन न मिलने की चिंता कई लोगों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से रोकती है। ऐसे में आइए जानते हैं पांच ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के बारे में, जिनकी कंपनी द्वारा दावा की गई रेंज 265 किलोमीटर से लेकर 418 किलोमीटर तक है।

1. Komaki SE Ultra: 418KM तक की दावा की गई रेंज

Komaki SE Ultra लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.11 लाख रुपये बताई गई है। इसमें 7.2kWh का बैटरी पैक मिलता है, जिसके साथ कंपनी 418 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा है। सामान रखने के लिए 50 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज स्पेस और 160mm का ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है।

इसे भी पढ़ें: AWD या 4WD, आपकी ड्राइविंग के लिए कौन-सा सिस्टम रहेगा बेस्ट?

2. Simple Ultra: दमदार रेंज और 115kmph की स्पीड

Simple Ultra उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है, जो लंबी रेंज के साथ बेहतर रफ्तार चाहते हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.35 लाख रुपये है। इसमें 6.5kWh की बैटरी दी गई है और कंपनी 400 किलोमीटर तक चलने का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 115 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें 26 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 172mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है।

3. Komaki XR7: बजट में लंबी रेंज का विकल्प

Komaki XR7 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 91,499 रुपये है। इसमें 4.68kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जिसकी दावा की गई रेंज 322 किलोमीटर तक है। इसकी अधिकतम रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटा है। स्कूटर में 30 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 165mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। कम शुरुआती कीमत में लंबी रेंज तलाश रहे ग्राहकों के लिए इसके फीचर्स पर विचार किया जा सकता है।

4. Ola S1 Pro Plus: हाई स्पीड के साथ लंबा सफर

Ola S1 Pro Plus भी लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सूची में शामिल है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.74 लाख रुपये है। इसमें 5.3kWh का बैटरी पैक मिलता है और कंपनी 320 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 128 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा, 34 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 160mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है।

5. Simple One: रेंज और स्टोरेज का अच्छा संयोजन

Simple One की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.04 लाख रुपये है। इसमें 5kWh की बैटरी मिलती है, जिसके साथ 265 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज दी गई है। इसकी टॉप स्पीड 115 किलोमीटर प्रति घंटा है। स्कूटर में 35 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 172mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। यह उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है, जो लंबी रेंज के साथ पर्याप्त सामान रखने की सुविधा चाहते हैं।

खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

इन पांचों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में बैटरी क्षमता, रेंज, रफ्तार और स्टोरेज के लिहाज से अंतर है। ध्यान रखें कि कंपनियों द्वारा बताई गई रेंज आदर्श परिस्थितियों पर आधारित हो सकती है। वास्तविक रेंज सड़क की स्थिति, राइडिंग स्टाइल, गति, वजन और मौसम के अनुसार कम हो सकती है। स्कूटर खरीदने से पहले बैटरी वारंटी, चार्जिंग समय, सर्विस नेटवर्क और अपने शहर में उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच करें।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

Continue reading on the app

  Sports

न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका

2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है। Tue, 20 Oct 2026 23:00:00

  Videos
See all

Weather Update : बारिश को लेकर IMD का अलर्ट!, इन राज्यों में रहें सतर्क? | IMD Weather Update | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T23:30:28+00:00

Houthi Saudi Arabia War Update: Yeman का बदला, 24 घंटे ताबड़तोड़ हमले, सऊदी तबाह| Middle East | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T23:00:22+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers