रोबोट डॉग विवाद पर गैलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने कहा- छात्रों के शोध के लिए लाया गया था रोबोटिक मॉडल
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान रोबोट डॉग विवाद को लेकर गैलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई दी।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों द्वारा विकसित तकनीक और रोबोटिक क्षमताओं को प्रदर्शित करना था, लेकिन संदेश के गलत अर्थ निकलने से विवाद पैदा हो गया।
प्रोफेसर नेहा सिंह ने बताया कि वह रोबोट की विशेषताओं और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दे रही थीं। इस रोबोट को छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्य के लिए लाया गया था ताकि विद्यार्थी इसे समझकर आगे और बेहतर तकनीक विकसित कर सकें। उनका कहना था कि यह पहल विकसित भारत और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक शैक्षणिक प्रयास है।
उन्होंने स्वीकार किया कि प्रस्तुति के दौरान कुछ बातें संदर्भ से हटकर समझी गईं और सोशल मीडिया पर इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उनके अनुसार, छोटी सी बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो गया।
वहीं, प्रोफेसर ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि इस घटना से उन्हें और उनकी टीम को खेद है, क्योंकि यह मंच छात्रों की उपलब्धियों को दिखाने के लिए था।
प्रोफेसर ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से देश की छवि को प्रभावित करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान देश के विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर रहा है और छात्रों को नवाचार के लिए प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस रोबोट को लेकर चर्चा हुई, उस पर शोध कार्य जारी है और छात्र इसे और उन्नत बनाने पर काम कर रहे हैं।
दरअसल, चाइना पल्स नाम की एक न्यूज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया था कि एक भारतीय यूनिवर्सिटी ने दिल्ली में एआई समिट में चीनी रोबोट को अपने इनोवेशन के तौर पर पेश किया। तब से यह विवाद तुल पकड़ा हुआ है, जिसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने के बजाय, एआई शिखर सम्मेलन एक अव्यवस्थित पीआर तमाशा बन गया है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'ग्रोकिपीडिया' एक अव्यावहारिक विचार है जो काम नहीं करेगा: विकिपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। विकिपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स ने उभरते एआई-आधारित ज्ञान प्लेटफॉर्मों की तुलना विकिपीडिया से किए जाने को खारिज करते हुए कहा कि तथाकथित ग्रोकिपीडिया जैसा विचार अव्यावहारिक है और विकिपीडिया के साथ उसकी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक सत्र के दौरान बोलते हुए वेल्स ने स्पष्ट कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से विकिपीडिया जैसा प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश यह समझने में गलती है कि विकिपीडिया कैसे काम करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विकिपीडिया मानव सहयोग, पारदर्शिता और सत्यापित स्रोतों पर आधारित है, जिसे केवल स्वचालित सिस्टम से बदला नहीं जा सकता।
वेल्स ने एआई प्लेटफॉर्म द्वारा मूल स्रोतों को उचित श्रेय न देने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जानकारी का स्रोत बताना केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि डिजिटल युग में एक नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, अब तक एआई सिस्टम यह ठीक से नहीं बता पा रहे हैं कि जानकारी कहां से ली गई है। साथ ही, वेल्स ने माना कि लोगों के जानकारी प्राप्त करने और पढ़ने का तरीका तेजी से बदल रहा है।
उन्होंने बताया कि विकिपीडिया पर आने वाले मानव ट्रैफिक में 8 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने इसे एक आपदा बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह ऑनलाइन व्यवहार में बड़े बदलाव को दर्शाता है, जहां लोग अब सीधे वेबसाइट पर जाने के बजाय एआई टूल्स और तुरंत मिलने वाले सारांशों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद वेल्स ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में विशेष रूप से अच्छी स्थिति में है। उन्होंने देश के मजबूत आईटी इकोसिस्टम और बड़ी संख्या में कुशल तकनीकी पेशेवरों को एआई युग में बड़ी ताकत बताया।
नौकरियों और ऑटोमेशन के मुद्दे पर वेल्स ने कहा कि एआई कुछ कौशलों को और अधिक मूल्यवान बना देगा, क्योंकि लोग कार्यों को तेजी और दक्षता से पूरा कर सकेंगे।
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। कुछ पेशे कम हो सकते हैं, लेकिन यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि किन-किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
जिमी वेल्स एक अमेरिकी इंटरनेट उद्यमी और पूर्व फाइनेंशियल ट्रेडर हैं। वे दुनिया के सबसे बड़े मुफ्त ऑनलाइन विश्वकोश विकिपीडिया के सह-संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। इसके अलावा, वे फैंडम नामक एक लाभकारी विकी होस्टिंग सर्विस के भी सह-संस्थापक हैं।
--आईएएनएस
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