IND vs NZ : भारत या न्यूजीलैंड कौन जीतेगा टी20 सीरीज? जानिए क्या कहते हैं दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड
IND vs NZ : भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने वाली है. इस सीरीज का आगाज 22 अक्टूबर यानी गुरुवा से होने जा रहा है. इस सीरीज के लिए आज श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली इंडियन क्रिकेट टीम न्यूजीलैंड पहुंच चुकी है. इस सीरीज में भारत के लिए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे तूफानी बल्लेबाजों का जलवा आपको देखने के लिए मिलेगा. वहीं बॉल के साथ अनुभवी भुवनेश्वर कुमार अर्शदीप सिंह के साथ धमाल मचाते हुए नजर आएंगे. उससे पहले आज हम आपको बताने वाले हैं. भारत या न्यूजीलैंड कौन सी टीम इस पांच मैचों की सीरीज जीत सकती है.
इस बारे में हम आपको भारत और न्यूजीलैंड के टी20 हेड टू हेड रिकॉर्ड के आधार पर बाएंगे. हम आपको बताएंगे कि टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड की सरजमीं पर कितने टी20 मुकाबले खेले हैं और उसे अब तक कितनों में जीत मिली है. इसके आधार पर पता चल जाएगा कि, भारत या न्यूजीलैंड कौन सी टीम इस पांच मैचों की टी20 सीरीज को जीत सकती है. तो आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.
कब-कहां और कितने बजे से होगा भारत-न्यूजीलैंड का पहला टी20 मैच
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला टी20 मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा. इन दोनों टीमों के बीच ये मैच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मुकाबले की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12:30 से होगी. वहीं इस मैच का टॉस 12 बजे होगा.
#WATCH | Karnataka | The Indian Cricket team leaves for New Zealand from Bengaluru
— ANI (@ANI) October 19, 2026
The Indian cricket team's tour of New Zealand runs from October 22 to December 1, 2026, featuring 5 T20Is, 5 ODIs, and 2 Tests pic.twitter.com/sA03h27HHL
भारत और न्यूजीलैंड के टी20 हेड टू हेड रिकॉर्ड
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान इंडियन क्रिकेट टीम को कुल 19 मुकाबलों में जीत मिली है. वहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने सिर्फ 11 मैच अपने नाम किए हैं. इस दौरान इन दोनों टीमों के बीच 1 मुकाबला बराबरी पर छूटा है. इन आंकड़ों के हिसाब से भारत का पलड़ा न्यूजीलैंड पर भारी है.
अगर बात टीम इंडिया के न्यूजीलैंड की सरजमीं पर हुए टी20 हेड टू हेड रिकॉर्ड्स की बात करें तो, इंडियन क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड में अब तक कुल 12 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान उसे 5 मैचों में जीत हासिल हुई है. वहीं 4 मुकाबलों में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को हराया है.
इसके अलावा पिछले 10 टी20 मुकाबलों में से 7 भारत ने जीते हैं, जबकि 4 मैच में न्यूजीलैंड को जीत मिली है. इस दौरान एक मैच टाई रहा है. इन आंकड़ों को भी देखें तो यहां भी टीम इंडिया का पलड़ा भारी है और वो न्यूजीलैंड से आगे हैं.
History isn't on their side! ????????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) October 18, 2026
7 Wins. Pure Dominance. Can the Black Caps break the spell, or are we settling the score once and for all? ????️
Watch the HERO VIDA India Tour of New Zealand, starting 22nd Oct, 11:30 AM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV channels, Sony… pic.twitter.com/m54jIxPnHg
कौन जीत सकता है पांच मैचों की टी20 सीरीज?
भारत और न्यूजीलैंड के टी20 हेड टू हेड आंकड़ों के हिसाब से भारतीय क्रिकेट टीम इस पांच मैचों की टी20 सीरीज को जीत सकती है. अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजी टीम इंडिया के लिए बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव बॉल के साथ लगातार विकेट चटका रहे हैं. अब इनके साथ अनुभवी बॉलर भुवनेश्वर कुमार भी जुड़ गए हैं. ये सभी खिलाड़ी चल गए तो भारत न्यूजीलैंड ने न्यूजीलैंड से सीरीज आसानी से जीत सकता है.
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चीन तेजी से बदलते वैश्विक हालातों में लगातार खरीद रहा गोल्ड; रिजर्व 2,400 टन के पार
मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीन वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते आर्थिक ढांचे के बीच लगातार सोना खरीद रहा है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने सितंबर में करीब 23 टन सोना खरीदा है, यह लगातार 23वां महीना था, जब सरकारी बैंक ने खरीद जारी रखी है। इससे चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,410 टन के करीब पहुंच गया है। यह जानकारी नाइल पोस्ट के एक आर्टिकल में दी गई।
आर्टिकल में बताया गया है कि 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद, पश्चिमी देशों की सरकारों द्वारा रूस के विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज किए जाने से बीजिंग ने सबक लिया है, क्योंकि विदेशों में रखी डॉलर और यूरो वाली संपत्तियां प्रतिबंधों की चपेट में आ सकती हैं। इसके विपरीत, देश के भीतर रखा गया सोना किसी विदेशी जारीकर्ता की देनदारी के दायरे में नहीं आता और इस तरह के प्रतिबंधों का उस पर सीधा असर पड़ने की संभावना कम होती है।
साथ ही, इसका मतलब यह नहीं है कि चीन डॉलर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की तैयारी कर रहा है, बल्कि बीजिंग का इरादा उस वित्तीय प्रणाली पर अपनी निर्भरता कम करने का है, जिसमें वाशिंगटन और उसके सहयोगियों का काफी प्रभाव है।
आर्टिकल में कहा गया कि केवल चीन ही सोने की खरीदारी नहीं कर रहा, बल्कि कई अन्य देश भी हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने जुलाई में 23 टन और अगस्त में लगभग 39 टन गोल्ड की शुद्ध खरीदारी की है। यह दिखाता है कि गोल्ड को देश एक अधिक बहुध्रुवीय मौद्रिक प्रणाली और अपने निवेश में विविधता लाने के एक साधन के रूप में देख रहे हैं।
आर्टिकल में यह भी बताया गया है कि रिजर्व एसेट के तौर पर सोने की कुछ सीमाएं हैं। इससे कोई ब्याज नहीं मिलता, इसकी कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है, और यह डॉलर की लिक्विडिटी या अमेरिकी ट्रेजरी बाजारों की गहराई की बराबरी नहीं कर सकता। डॉलर के मजबूत होने या वास्तविक ब्याज दरों के बढ़ने से सोने की कीमतें कम हो सकती हैं, इसलिए सोने पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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