West Asia में अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह, सुरक्षा परामर्श जारी
(हरेन्द्र मिश्रा) यरुशलम, 19 अक्टूबर पश्चिम एशिया स्थित अमेरिका के मिशनों ने सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों और ईरान व उसके सहयोगियों की ओर से अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की आशंका के बीच सुरक्षा परामर्श जारी कर अपने नागरिकों को “अधिक सतर्क रहने” की सलाह दी है। परामर्श में कहा गया है, “उड़ानें रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावट की आशंका को ध्यान में रखें।” इसमें यह भी कहा गया है कि “इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के कारण स्थिति पश्चिम एशिया क्षेत्र से बाहर भी तेजी से बिगड़ सकती है।” परामर्श के अनुसार, “ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेश में अमेरिकी प्रतिष्ठानों या अमेरिका व उसके नागरिकों से जुड़े स्थानों को निशाना बना सकते हैं।” यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए ड्रोन व मिसाइल हमलों के बाद चिंताएं बढ़ गई हैं। इनमें 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया गया एक घातक हमला भी शामिल है, जिसमें एक भारतीय नागरिक समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी।
अमेरिका हूतियों को ईरान समर्थित एक प्रमुख सशस्त्र समूह मानता है, जो क्षेत्र में तेहरान के सहयोगी नेटवर्क का हिस्सा है। ईरान हूतियों को हथियार, धन और प्रशिक्षण मुहैया करता है।
ChatGpt में आया कमाल का अपडेट, अब मिनटों में पूरे होंगे मुश्किल काम
ChatGpt Updated: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में काम करने के तौर-तरीके बहुत तेजी से बदल रहे हैं. स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई से लेकर दफ्तर के भारी-भरकम प्रोजेक्ट्स और रिसर्च रिपोर्ट तैयार करने में लोग एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ओपनएआई ने चैटजीपीटी के लिए एक नया और बड़ा अपडेट पेश किया है. कंपनी ने अपने सबसे ताकतवर मॉडल जीपीटी-6 एस्ट्रा प्रो में कई अहम तकनीकी सुधार किए हैं. इस नए अपडेट का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को तुरंत सटीक जवाब देना और घंटों में पूरे होने वाले मुश्किल कामों को बहुत कम वक्त में निपटाना है.
क्या है नया मल्टी-एजेंट सिस्टम
इस पूरे अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण मल्टी-एजेंट फीचर है. आसान शब्दों में कहें तो अब तक जब आप चैटजीपीटी से कोई सवाल करते थे या कोई काम करने को कहते थे, तो वह अकेले ही सारे निर्देशों का पालन करता था. नए मल्टी-एजेंट फीचर के आने से अब एक ही मुख्य काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर अलग-अलग वर्चुअल एजेंट्स को सौंपा जा सकेगा.
यह बिल्कुल किसी दफ्तर में काम करने वाली एक छोटी टीम की तरह काम करता है. मान लीजिए कि किसी बड़ी कंपनी का विस्तृत मार्केट रिसर्च पेपर तैयार करना है. इस स्थिति में एक एजेंट इंटरनेट और पुराने डेटाबेस से जरूरी आंकड़े इकट्ठा करेगा. वहीं दूसरा एजेंट उन सभी आंकड़ों की बारीकी से पड़ताल और जांच करेगा. इसके बाद तीसरा एजेंट उन जानकारियों को सही ढंग से सजाकर एक मुकम्मल रिपोर्ट के रूप में तैयार करेगा. जब ये सारे हिस्से एक साथ समानांतर रूप से चलेंगे, तो पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगने वाला वक्त अपने आप घट जाएगा.
हाल ही में सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन एआई एजेंट्स की मिली-जुली मदद से एक बेहद जटिल ऑडिट का काम महज पच्चीस मिनट में पूरा कर लिया गया. हालांकि जानकारों का कहना है कि हर काम में इतनी ही बचत होगी, ऐसा मान लेना सही नहीं है. समय की वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि आपका काम कितना बड़ा है और उसमें कितनी तकनीकी पेचीदगियां शामिल हैं.
एक ही जगह दिखेगी काम की तरक्की
कई बार जब किसी बड़े काम के लिए अलग-अलग टूल्स चलाए जाते हैं, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर ढेरों विंडोज या टैब्स खुल जाते हैं. इससे यूजर के लिए सभी चीजों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है. ओपनएआई ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए नया इंटरफेस तैयार किया है. अब यूजर को अपनी चैट स्क्रीन छोड़कर कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
एक ही चैट टैब के भीतर साफ दिखाई देगा कि कौन सा एजेंट इस वक्त किस हिस्से पर काम कर रहा है और उसने कितना काम निपटा लिया है. अगर किसी एक एजेंट का काम बीच में पूरा हो गया है, तो यूजर तुरंत उस पर क्लिक करके नतीजे देख सकेगा, भले ही बाकी के एजेंट्स अपना काम अभी कर ही रहे हों. इस पारदर्शी व्यवस्था से पूरे काम की समीक्षा करना और जरूरत पड़ने पर बीच में दिशा-निर्देश देना बहुत सरल हो जाता है.
कैशिंग और बाहरी टूल्स से बढ़ेगी स्पीड
सिस्टम की रफ्तार बढ़ाने के लिए सिर्फ एजेंट्स की फौज खड़ी करना ही काफी नहीं होता, बल्कि अंदरूनी तकनीक का दुरुस्त होना भी जरूरी है. इसके लिए ओपनएआई ने आधुनिक कैशिंग तकनीक और डेटा के दोबारा उपयोग पर जोर दिया है.
अक्सर किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करते समय कुछ बुनियादी जानकारियां बार-बार इस्तेमाल होती हैं. कैशिंग की मदद से सिस्टम ऐसी जानकारियों को सुरक्षित रख लेता है. लिहाजा हर नए कदम पर सिस्टम को पुराने डेटा को दोबारा प्रोसेस करने में वक्त बर्बाद नहीं करना पड़ता. इसके अलावा बाहरी सॉफ्टवेयर और थर्ड-पार्टी टूल्स के साथ जुड़ने की क्षमता में भी पहले से काफी सुधार किया गया है. इससे एआई बिना किसी अड़चन के बाहरी टूल्स से जरूरी आंकड़े उठाकर तुरंत चैट में ला सकता है.
किन लोगों के लिए फायदेमंद होगा यह फीचर
यह अत्याधुनिक मल्टी-एजेंट फीचर फिलहाल चैटजीपीटी प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है. यह उन पेशेवरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है जिनका रोजाना बड़े डेटा, जटिल कोडिंग, लंबी ऑडिट रिपोर्ट्स और कई तरह के टूल्स से पाला पड़ता है.
तकनीक के जानकारों का मानना है कि मल्टी-एजेंट सिस्टम आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की पूरी परिभाषा बदल देगा. एआई अब सिर्फ सामान्य सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वतंत्र रूप से कई चरणों वाले काम करने वाला सहयोगी बनता जा रहा है. इसके बावजूद विशेषज्ञों की सलाह है कि एआई भले ही काम की रफ्तार बढ़ा दे, लेकिन अंतिम नतीजों की मानवीय जांच करना हमेशा जरूरी रहेगा.
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