Mata Siddhidatri Ki Aarti: नवरात्रि की महानवमी पर सिद्धिदात्री माता की उपासना से मिलेगा शुभ फल, जरूर पढ़ें उनकी आरती व मंत्र
Mata Siddhidatri Ki Aarti: आज यानी 19 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की महानवमी मनाई जा रही है. इस दिन दुर्गा माता के नौवें स्वरूप की पूजा करते हैं. नौवां स्वरूप माता सिद्धिदात्री का होता है, जो पार्वती का ही रूप माना जाता है. सिद्धिदात्री माता वहीं, माता हैं जिनकी सहायता से ही भगवान शिव को अष्ट सिद्धियां प्राप्त हुई थीं. उन्हीं की वजह से शिव जी अर्ध्दनारेश्वर बने थे. सिद्धिदात्री माता की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त करने के लिए आपको उनकी आरती भी करनी चाहिए. यहां पढ़ सकते हैं सिद्धिदात्री माता की आरती व चालीसा और मंत्र.
सिद्धिदात्री माता की आरती (Siddhidatri Mata Ki Aarti Lyrics)
जय सिद्धिदात्री मां तू सिद्धि की दाता। तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि। तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम। जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम॥
तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है। तू जगदम्बे दाती तू सर्वसिद्धि है॥
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो। तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो॥
तू सब काज उसके करती है पूरे। कभी काम उसके रहे ना अधूरे॥
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया। रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया॥
सर्वसिद्धि दाती वह है भाग्यशाली। जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली॥
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा। महा नन्दा मन्दिर में है वास तेरा॥
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता। भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता॥
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सिद्धिदात्री माता की चालीसा (Siddhidatri Mata Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
नवरात्रि का नौवां दिन, जो सिद्धिदात्री की पूजा है।
उसके कार्य सिद्ध हों और सभी बाधाएं दूर हों।
चौपाई
जय सिद्धिदात्री जगदम्बा, सिद्धि दाता।
जो कोई तुमसे प्रार्थना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।
शक्ति स्वरूपिणी मां अम्बे, जो भी याद दिलाती हो।
तुम दुख दूर करती हो और दीन दुखियों पर दया करती हो, तुम्हारी महिमा अपरम्पार है माँ।
आपकी महिमा चारों दिशाओं में है, आपसे बड़ा कोई नहीं है।
त्रिदेव भी आपके आगे नतमस्तक हैं, सभी आपसे आशीर्वाद मांगते हैं।
जो भी सच्चे मन से आपकी पूजा करेगा, उसके कष्ट दूर होंगे।
आपके जीवन में धन-संपत्ति और समृद्धि आए।
सिद्धिदात्री मां जगदम्बा, तेरे चरणों में शीश नवाता हूं।
तू ही शक्ति है, तू ही प्रेम है, जगत में तेरे गुण गाता हूं।
मां तुम सिद्धियों की दाता हो, तुमसे बड़ा न कोई।
तुम्हारी महिमा अपरंपार है, सब लोग तुम्हारा गुणगान करते हैं।
जो कोई तुम्हारा ध्यान करेगा, वह इस भवसागर से पार हो जाएगा।
मां, तुम्हारे स्मरण मात्र से ही मेरे सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।
आप अपने भक्तों के रक्षक हैं, आप जगत के पालनहार हैं।
आपका गुणगान करते हुए हम भी आप पर अपनी बलि चढ़ाएँ।
नव दुर्गा में है स्थान तुम्हारा, सबका उद्धार तुमसे ही है।
माँ सिद्धिदात्री तुम जगत जननी हो, हम तुम्हें बारम्बार पूजते हैं।
मां सिद्धिदात्री की महिमा का वर्णन कोई नहीं कर सकता।
जो कोई आपके ध्यान में लीन रहता है, वह सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है।
हे सर्वसिद्धि देने वाली मां, मैं आपके चरणों में शीश झुकाता हूं।
जो आपको स्मरण करते हैं, वे भवसागर से पार हो जाते हैं।
दोहा
जो भी मां सिद्धिदात्री का ध्यान करता है, उनका ध्यान करता है।
उसके सभी कष्ट दूर हो जाएं, वह सदैव सुखी रहे।
सिद्धिदात्री माता के मंत्र (Siddhidatri Mata Ke Mantra)
- ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नमः॥
- ऊं ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नमः॥
- ऊं देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
- ऊं सिद्धिदात्र्यै नमः॥
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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