Responsive Scrollable Menu

225 की रफ्तार वाली आफत गई तो 155 KMPH की स्‍पीड से आई नई मुसीबत, घर-मकान सब उड़ जाएंगे, दहशत से दुबके लोग

Hurricane Trudy 155 KMPH Speed: अल नीनो इस बार काफी मजबूत है. मौसम विज्ञानियों ने इसके कई दुष्‍प्रभाव बताए हैं. अल नीनो की वजह से समंदर की सत‍ह सामान्‍य से काफी गर्म हो जाती है. वेदर एक्‍सपर्ट की मानें तो मौसम में इस बदलाव की वजह से बेहद शक्तिशाली तूफान आने की आशंका भी बढ़ गई है. दक्षिण पूर्व एशिया के साथ ही प्रशांत महासागर से लगते देशों में पिछले 3 से 4 महीनों के दौरान कई शक्तिशाली समुद्री तूफान दस्‍तक दे चुके हैं.

Continue reading on the app

Shardiya Navratri 2026 Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन पर माता सिद्धिदात्री की कथा जरूर पढ़ें, मिलेगा पूरा फल

Shardiya Navratri 2026 Day 9: शारदीय नवरात्रि का समापन आज यानी 19 अक्टूबर को हो रहा है. नवरात्रि के आखिरी दिन पर महानवमी को मां सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाती है. यह दुर्गा मां का नौवां स्वरूप हैं. माता सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान होती है, उनकी चार भुजाओं वाली हैं. वे लाल साड़ी में विराजित रहती है और उनके चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, कमल और गदा रहता है. सिर पर ऊंचा मुकूट और चेहरे पर मंद मुस्कान रहती है. इस दिन कई भक्त अपने घरों में कन्या बिठाते हैं और उन्हें भोजन करवाते हैं.

कौन हैं सिद्धिदात्री माता?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव ने सिद्धिदात्री मां की कृपा से ही आठ सिद्धियों की प्राप्ति होती है. इन सिद्धियों में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व शामिल होता हैं. इन्हीं देवी की वजह से ही महादेव को अर्ध्दनारीश्वर नाम दिया गया था क्योंकि सिद्धिदात्री के कारण ही शिव जी का आधा शरीर देवी का बना था. हिमाचल का नंदा पर्वत इस देवी का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल होता है. मान्यता है कि जिस प्रकार इस देवी की कृपा से भगवान शिव को आठ सिद्धियों की प्राप्ति होती है. उसी तरह इनकी उपासना करने से अष्ट सिद्धि और नव निधि, बुद्धि और विवेक भी मिलता है.

पढ़ें माता सिद्धिदात्री की कथा (Maa Siddhidatri Vrat Katha)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब ब्रह्मांड पूरी तरह से अंधेरे से भरा हुआ एक विशाल शून्य था. दुनिया में कहीं भी किसी प्रकार का कोई संकेत नहीं था तब उस अंधकार से भरे हुए ब्रह्मांड में ऊर्जा का एक छोटा सा पुंज प्रकट हुआ. देखते ही देखते उस पुंज का प्रकाश चारों ओर फैलने लगा, फिर उस प्रकाश के पुंज ने आकार लेना शुरू किया और अंत में वह एक दिव्य नारी के आकार में विस्तृत होकर रुक गया. वह प्रकाश पुंज देवी महाशक्ति के आलवा कोई और नहीं था.

ये भी पढ़ें- Navratri 2026 Ashtami: आज या कल, कब करें अष्टमी का कन्या पूजन? जानें सही नियम

सर्वोच्च शक्ति ने प्रकट होकर त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी) को अपने तेज से उत्तपन्न किया और तीनों देवों को इस सृष्टि को सुचारु रूप से चलाने के लिए अपने-अपने कर्तव्यों के निर्वाहन के लिए आत्मचिंतन करने को कहा.

देवी के कथनानुसार तीनों देव आत्मचिंतन करते हुए जगतजननी से मार्गदर्शन हेतु कई युगों तक तपस्या में लीन रहें. अंततः उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर महाशक्ति 'माँ सिद्धिदात्री' के रूप में प्रकट हुई. देवी 'मॉ सिद्धिदात्री ने ब्रह्माजी को सरस्वती जी, विष्णुजी को लक्ष्मी जी और शिवजी को आदिशक्ति प्रदान किया. मां सिद्धिदात्री ने ब्रह्माजी को सृष्टि की रचना का भर सौंपा, विष्णु जी को सृष्टि के पालन का कार्य दिया और महादेव को समय आने पर सृष्टि के संहार का भार सौंपा. 'मां सिद्धिदात्री' ने तीनों देवों को बताया की उनकी शक्तियों उनकी पत्नियों में हैं जो उनके कार्यनिर्वाहन मे उनकी सहायता करेंगी. उन्होने त्रिदेवों को दिव्य-चमत्कारी शक्तियां भी प्रदान की जिससे वो अपने कर्तव्यों को पूरा करने में सक्षम हो सकें. देवी ने उन्हें आठ अलौकिक शक्तियां प्रदान की. इस तरह दो भागों नर एवं नारी, देव-दानव, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे तथा दुनिया की कई और प्रजातियों का जन्म हुआ. आकाश असंख्य तारों, आकाशगंगाओं और नक्षत्रों से जगमगा उठा. पृथ्वी पर महासागरों, नदियों, पर्वतों, वनस्पतियों और जीवों की उत्पत्ति हुई. इस प्रकार 'मां सिद्धिदात्री' की कृपा से सृष्टि की रचना, पालन और संहार का कार्य संचालित हुआ.

एक अन्य कथा के अनुसार जब पृथ्वी पर दानव महिषासुर का उत्पात बहुत बढ़ गया था तब सभी देवता ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शरण में जाते हैं, तत्पश्चात सभी देवों के तेज से माता सिद्धिदात्री प्रकट होली हैं और 'दुर्गा रूप मे महिषासुर का वध करके समस्त सृष्टि की रक्षा करती हैं.

ये भी पढ़ें- Mahagauri Mata Ki Aarti: शारदीय नवरात्रि की दुर्गाष्टमी पर पढ़ें माता महागौरी की आरती, दूर होगी हर बाधा

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Continue reading on the app

  Sports

WCL 2026: वेस्टइंडीज चैंपियंस ने जीता खिताब, क्रिस गेल ने 11 छक्कों के साथ ठोके 142 रन, ब्रावो ने लिए 8 विकेट

West Indies Champions, World Championship of Legends 2026: इंग्लैंड चैंपियंस को फाइनल में हराकर वेस्टइंडीज चैंपियंस ने WCL 2026 का खिताब जीता. Mon, 19 Oct 2026 06:52:07 +0530

  Videos
See all

Firing on Tiger Shroff: गोली लगने के बाद भी टाइगर ने कार चलाकर बचाई जान #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-19T02:58:36+00:00

Tiger Shroff Firing Case: 'आंखों के सामने चली गोलियां',चश्मदीद सलमा का बड़ा खुलासा | Mumbai |Bishnoi #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-19T02:57:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers