Gut Health सुधारने के चक्कर में ज्यादा Fiber और Probiotics लेना बिगाड़ सकता है पाचन
आज के समय में लोग अपनी गट हेल्थ यानी की पेट और पाचन की सेहत को लेकर काफी ज्यादा जागरुक हो गए हैं। कब्ज, गैस, एसिडिटी या पेट फूलने जैसी समस्याएं होते ही कई लोग प्रोबायोटिक्स, डिटॉक्स ड्रिंक, फाइबर सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि कई बार पेट की सेहत को सुधारने की कोशिश में की गई कुछ गलतियां इस समस्या को ज्यादा बढ़ा सकता है।
जानें Gut Health बिगाड़ने वाली आदतें
अगर आप भी अपनी गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए कुछ खास आदतें अपना रही हैं। तो आपको सही खानपान की आदत समझना जरूरी है और साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि आपको किन आदतों से बचना चाहिए और किन चीजों को अपने रूटीन में शामिल करना चाहिए। पेट की सेहत को खराब करने वाली ऐसी आम गलतियों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
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फाइबर
पेट को स्वस्थ रखने और कब्ज से बचाने में फाइबर मदद करता है। लेकिन अचानक ज्यादा मात्रा में फाइबर खाने से नुकसान हो सकता है। एकदम से ज्यादा कच्ची सब्जियां, चोकर, बीज या फाइबर सप्लीमेंट लेने से पेट में सूजन, गैस और दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए धीरे-धीरे फाइबर की मात्रा बढ़ानी चाहिए और साथ ही में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
प्रोबायोटिक्स
कई लोगों का मानना होता है प्रोबायोटिक्स लेने से हर तरह की पेट की समस्या सही हो जाएगी। जबकि ऐसा जरूरी नहीं होता है। कब्ज, गैस या एसिडिटी की वजह हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर के परामर्श के प्रोबायोटिक्स लेना सही नहीं होता है।
कब्ज पर न दें ध्यान
कब्ज की समस्या होने पर बार-बार लोग दवा या घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। लेकिन कब्ज की समस्या होने के पीछे फिजिकल एक्टिविटी की कमी, कम पानी पीना या गलत खानपान जैसी वजहें हो सकती हैं। वहीं अगर लंबे समय तक यह समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
डिटॉक्स ड्रिंक
आज के समय में डिटॉक्स ड्रिंक का चलन भी बढ़ गया है। लेकिन बार-बार शरीर को डिटॉक्स करने की जरूरत नहीं होती है। पेट को हेल्दी रखने के लिए सब्जियां, फल, पर्याप्त पानी, साबुत अनाज और रेगुलर एक्सरसाइज व अच्छी नींद ज्यादा जरूरी होती है।
Navratri व्रत में मिलावटी Kuttu Atta से बचें, वरना बिगड़ जाएगी तबयित! चिकनाई और महक से तुरंत पहचानें असली आटा
नवरात्रि के मौके पर हर कोई देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। ऐसे में कई लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। व्रत रखने वाले ज्यादातर लोग फलाहर के रुप में कुट्टू के आटे से बनीं हुई पूड़ी, पकौड़ी या चीला खाना पसंद करते हैं।
हालांकि, आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला कुट्टू का आटा आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है। फेस्टिल सीजन के समय मुनाफे की लालच में इसमें काफी मिलावट की जाती है। आइए आपको बताते हैं कुट्टू आटे की शुद्धता को कैसे पहचानें।
नकली कुट्टू का आटा कैसे पहचानें?
पानी का टेस्ट
इसके लिए आप एक पारदर्शी गिलास में पानी लें और उसमें चम्मच कुट्टू का आटा को मिला लें। असल में यह आटा धीरे-धीरे नीचे बैठ जाए और पानी का रंग सामान्य रहे, तो यह शुद्ध है। लेकिन पानी का रंग बहुत ज्यादा बदल जाए या ऊपर कुछ तैरता नजर आए, तो इसमें मिलावट हो सकती है।
नींबू का रस
एक कटोरी में थोड़ा-सा कुट्टू का आटा लें और उस पर नींबू का रस की कुछ बूंदें डालें। यदि आटे में से बुलबुले उठने लगे, तो समझ जाए कि इसमें चॉक पाउडर या बेकिंग सोडा मिलाया गया है। इस तरह का आटे का सेवन काफी हानिकारक है।
छूकर और सूंघकर देखें
अगर आप असली कुट्टू का आटा छूते हैं, तो आपको हल्का-सा दरदरा महसूस होगा। यह टेलकम पाउडर की तरह बहुत ही चिकना लगे , तो यह मिलावटी कुट्टू का आटा है। वहीं, आप आटे को सूंघकर देखें। इसमें से सीलन, जाले या कड़वी महक आ रही है, तो यह पुराना है और खराब हो चुका है।
आटा गूंथते समय ध्यान दे
इस बात का ध्यान रखें कि कुट्टू के आटे में ग्लूटेन नहीं होता है। इसलिए यह आसानी से गुंधता या बंधता नहीं है। यदि आपको आटा गूंथते समय गेहूं के आटे की तरह ज्यादा खिच रहा है या आसानी से लोई बन रही है, तो इसका मतलब है कि इसमें मिलावट की गई है।
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