खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार बम हमला, अब तक 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत
क्वेटा, 17 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में एक संयुक्त चेकपोस्ट पर लक्षित आत्मघाती कार बम हमले में करीब 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग की पुष्टि के हवाले से यह जानकारी दी।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा जारी बयान के अनुसार, 16 फरवरी को अफगानिस्तान सीमा के निकट बाजौर में फ्रंटियर कॉर्प्स की एक सुरक्षा चौकी पर विस्फोटकों से लदी गाड़ी से हमला किया गया।
अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि यह चेकपोस्ट बाजौर में एक पूर्व धार्मिक विद्यालय की इमारत में स्थित थी, जो विस्फोट में पूरी तरह ध्वस्त हो गई। मलबे के नीचे से बाद में शव निकाले गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, पास के एक घर में रहने वाले एक बच्चे की भी मौत हो गई, जबकि कम से कम तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। धमाके की तीव्रता से आसपास के कई घरों को नुकसान पहुंचा। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में स्थानीय लोग अंधेरे में मलबे से लोगों को निकालते हुए बचाव प्रयास करते नजर आए। आशंका जताई जा रही है कि नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
हाल के महीनों में पाकिस्तान में आत्मघाती और उग्रवादी हमलों में तेजी देखी गई है। इससे पहले इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए घातक बम विस्फोट में दर्जनों नमाज़ियों की मौत हो गई थी।
सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में मिरयान पुलिस स्टेशन के पास हुए एक विस्फोट में कम से कम दो लोगों की मौत और 14 अन्य घायल हो गए थे। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक पदार्थ के फटने से यह धमाका हुआ। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, धमाका पुलिस स्टेशन के सामने स्थित दुकानों के पास हुआ। पुलिसकर्मी इस विस्फोट में सुरक्षित रहे, लेकिन आसपास मौजूद नागरिक इसकी चपेट में आ गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
7 फरवरी को भी बन्नू जिले में पुलिस को निशाना बनाकर किए गए दो अलग-अलग हमलों में दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
जनवरी में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति में तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह लगातार पांचवां वर्ष है जब देश में हिंसा और संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज (पीआईपीएस) की ‘पाकिस्तान सिक्योरिटी रिपोर्ट 2025’ के मुताबिक, वर्ष 2025 में कुल 699 हमले दर्ज किए गए, जो 2024 की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक हैं। इन हमलों में 1,034 लोगों की मौत हुई और 1,366 लोग घायल हुए, जो मृतकों की संख्या में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले, आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमा झड़पों और अपहरण सहित संघर्ष से जुड़ी हिंसा की कुल घटनाएं बढ़कर 1,124 हो गईं, जो 2024 की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट : डीएफपीडी और डब्ल्यूएफपी की संयुक्त प्रदर्शनी में फूड डिस्ट्रीब्यूशन को अधिक प्रभावी बनाने पर फोकस
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट और एक्सपो 2026 में भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन (डीएफपीडी) ने यूनाइटेड नेशंस वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के साथ मिलकर एक विशेष प्रदर्शनी की मेजबानी की।
यह प्रदर्शनी एआई के माध्यम से खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता और रिस्पॉन्सिवनेस बढ़ाने पर केंद्रित है।
डीएफपीडी और डब्ल्यूएफपी का यह सहयोग 20 वर्षों से अधिक पुराना है, जो अब एआई इनोवेशन के जरिए फूड डिस्ट्रीब्यूशन को ज्यादा प्रभावी बनाने पर फोकस कर रहा है।
डीएफपीडी के सचिव संजीव चोपड़ा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, फूड सेक्टर को हमेशा रूटीन माना जाता रहा है, जहां एआई जैसी तकनीक की उम्मीद नहीं की जाती। लेकिन यहां हम ट्रांसपेरेंसी से आगे बढ़कर ज्यादा रिस्पॉन्सिवनेस हासिल कर रहे हैं। एआई के इंटीग्रेशन से ऑपरेशंस में सुधार हो रहा है, जिससे लाभार्थियों तक बेहतर सेवा पहुंच रही है। आज यहां आकर यह देखना अच्छा लग रहा है कि हम फूड सेक्टर में क्या इनोवेशन दिखा पाए हैं।
यूनाइटेड नेशंस के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर ने समिट की संगठन क्षमता और इनोवेशन प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा, नए यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर के रूप में इस एआई समिट के स्केल से मैं बहुत प्रभावित हूं। यह कितनी अच्छी तरह ऑर्गनाइज्ड है और इनोवेशन कितनी खूबसूरती से पेश किए गए हैं। खासकर डीएफपीडी और डब्ल्यूएफपी के बीच फूड डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने के लिए मजबूत सहयोग देखकर गर्व हो रहा है।
डब्ल्यूएफपी इंडिया की कंट्री डायरेक्टर एलिजाबेथ फॉरे ने इस सहयोग को शानदार बताया। उन्होंने कहा, डब्ल्यूएफपी और डीएफपीडी के बीच 20 साल से अधिक की पार्टनरशिप है। एआई समिट में दिखाए जा रहे सॉल्यूशन्स असल में लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के बारे में हैं। यह सहयोग खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यह प्रदर्शनी इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट का हिस्सा है, जो जिम्मेदार एआई के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें एआई को मानवता, समावेशी विकास और सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए आकार देने पर फोकस है। यह आयोजन भारत को एआई इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां फूड सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में तकनीक का उपयोग आम आदमी की भलाई के लिए हो रहा है।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















