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Fuel crisis in Cuba prevents rubbish pickups | BBC News

President Trump says the US's top diplomat Marco Rubio is talking to Cuba as the Caribbean island faces a shortage of fuel amid a US-led oil embargo. Speaking to reporters on Air Force One, Trump called Cuba a "failed nation" and said it should make a deal with the US. Cuba's energy crisis is deepening, with state media reporting that fewer than half of Havana's waste disposal trucks are able to operate. The shortage has been causing power cuts on the island and has resulted in a shortage of aviation fuel, leading several airlines to suspend services there. Some countries, including the UK, have warned against non-essential travel to the island. Subscribe here: http://bit.ly/1rbfUog For more news, analysis and features visit: www.bbc.com/news #BBCNews

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PM बोले-2047 तक भारत को AI सुपरपावर बनाने का लक्ष्य:इससे रोजगार खत्म नहीं पैदा होगा; तकनीक का मकसद सबका हित, सबकी खुशी

भारत में 16 फरवरी से दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद आज उन्होंने AI को लेकर न्यूज एजेंसी ANI को इंटरव्यू दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एआई का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि एआई नौकरियां छीनेगा नहीं, बल्कि क्षमता बढ़ाएगा। पीएम ने कहा की उनका लक्ष्य 2047 तक भारत को टॉप-3 एआई सुपरपावर बनाना है। सवाल: भारत पहली बार 'एआई इम्पैक्ट समिट' की मेजबानी कर रहा है, इसका मोटो 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' क्यों चुना गया? जवाब: एआई आज एक अहम मोड़ पर है। यह इंसान की क्षमता बढ़ा सकता है, लेकिन सही दिशा जरूरी है। इसलिए हमारा फोकस सिर्फ इनोवेशन पर नहीं, बल्कि उसके 'इम्पैक्ट' (प्रभाव) पर है। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का मतलब है तकनीक का मकसद सबका कल्याण हो; वह इंसान की मदद करे, उसे रिप्लेस न करे। हमारा विजन साफ है एआई विकास की रफ्तार बढ़ाए, लेकिन पूरी तरह मानव-केंद्रित रहे। सवाल: 'विकसित भारत 2047' में आप एआई की क्या भूमिका देखते हैं? जवाब: 'विकसित भारत 2047' के लिए एआई एक बड़ा मौका है। हम इसका इस्तेमाल दूरियां मिटाने और सुविधाएं हर गांव तक पहुंचाने के लिए कर रहे हैं: हेल्थ: टीबी और डायबिटीज जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान में एआई मदद कर रहा है। शिक्षा: गांव के बच्चों को अपनी भाषा में एआई से पढ़ाई में मदद मिल रही है। खेती-डेयरी: अमूल 36 लाख महिला किसानों को एआई से पशुओं की सेहत की जानकारी दे रहा है। 'भारत विस्तार' से किसानों को मौसम और फसल की सटीक सलाह मिल रही है। धरोहर: एआई पुरानी पांडुलिपियों को डिजिटल कर हमारी विरासत बचा रहा है। सवाल: आधार और यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और AI का मेल पब्लिक सर्विस को कैसे बेहतर बनाएगा? जवाब: DPI और AI का संगम विकास की अगली सीढ़ी है। भारत का सबक साफ है डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निजी नहीं, बल्कि 'पब्लिक गुड' (जनहित) के तौर पर बनाएं और इसे बड़े स्केल के लिए डिजाइन करें। एआई गवर्नेंस को तेज और कुशल बनाएगा। इससे कल्याणकारी योजनाओं को सही लोगों तक पहुंचाने और फ्रॉड पकड़ने में मदद मिलेगी। तकनीक का फायदा आखिरी व्यक्ति (किसान, छात्र, महिला उद्यमी) तक पहुंचे और वह सशक्त बने। सवाल: एआई के दौर में भारत अपने इंजीनियरिंग टैलेंट को और मजबूत कैसे करेगा? जवाब: भारत अब एआई का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा। हमारे युवा भारतीय जरूरतों के लिए एआई समाधान बनाएंगे।बजट 2026-27 के जरिए डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाई जा रही है। 'इंडिया एआई' फ्रेमवर्क के तहत स्टार्टअप्स को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संसाधन मिल रहे हैं। भारत एआई क्रांति में केवल भागीदार नहीं, बल्कि इसे आकार देने वाला बनेगा। सवाल: आईटी सेक्टर पर एआई का क्या असर होगा और सरकार इसे कैसे बढ़ावा दे रही है? जवाब: एआई आईटी सेक्टर को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि उसे बदल रहा है। यह एक बड़ा अवसर है। 2030 तक भारत का आईटी सेक्टर 400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। जटिल समस्याओं को सुलझाने में आईटी कंपनियों की भूमिका अहम बनी रहेगी। 'इंडिया एआई मिशन' के तहत स्टार्टअप्स को वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और GPUs दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाए गए हैं। हमारा आईटी सेक्टर सिर्फ सर्विस न दे, बल्कि दुनिया के लिए एआई प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाए। सवाल: आप एआई का आईटी सेक्टर पर क्या असर देखते हैं? जवाब: IT सेक्टर के लिए AI बड़ा अवसर भी है और चुनौती भी। 2030 तक भारत का IT सेक्टर 400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। AI इसे खत्म नहीं, बस बदल रहा है। सामान्य AI टूल्स तो आम हो गए हैं, लेकिन जटिल बिजनेस प्रॉब्लम्स सॉल्व करने में IT कंपनियां की भूमिका अभी भी बहुत अहम रहेगी। सरकार ने इंडिया AI मिशन से पूरी प्लानिंग की है। GPU टारगेट पार कर लिया और स्टार्टअप्स को वर्ल्ड क्लास AI इंफ्रा दे रहे हैं। हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए हैं। हम चाहते हैं कि IT सेक्टर सिर्फ सर्विस नहीं, दुनिया के लिए AI प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म बनाए। सवाल: AI के दुरुपयोग के कई मामले आए हैं। सुरक्षा के लिए हम क्या कर रहे हैं? जवाब: तकनीक एक पावरफुल टूल है, लेकिन ये इंसान की नीयत पर डिपेंड करता है। AI पावर बढ़ा सकता है, लेकिन फैसले हमेशा इंसान के हाथ में रहने चाहिए। भारत इनोवेशन के साथ मजबूत सेफ्टी दिखा रहा है। हमें AI पर ग्लोबल एग्रीमेंट चाहिए, जिसमें इंसानी निगरानी, सेफ्टी बाय डिजाइन और डीपफेक या टेररिज्म के लिए AI यूज पर सख्त बैन हो।भारत ने जनवरी 2025 में इंडिया AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट लॉन्च किया। फोकस लोकल रिस्क पर है- महिलाओं को टारगेट करने वाले डीपफेक, बच्चों की सेफ्टी और बुजुर्गों पर असर वाले खतरे। डीपफेक की बाढ़ देखकर भारत ने AI कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और हानिकारक मीडिया हटाने के रूल्स बनाए। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट भी डेटा सेफ रखता है। एविएशन जैसे ग्लोबल रूल्स की तरह AI के लिए भी दुनिया को कॉमन प्रिंसिपल्स बनाने होंगे। सवाल: युवाओं में डर है कि AI उनकी नौकरियां छीन लेगा। सरकार इस चुनौती से कैसे निपट रही है? जवाब: इस डर का सबसे अच्छा इलाज तैयारी है। इसलिए हम स्किलिंग और री-स्किलिंग पर बड़ा निवेश कर रहे हैं। सरकार ने दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी स्किलिंग स्कीम्स में से एक शुरू की है।हम AI को कल की समस्या नहीं, आज की जरूरत मानते हैं। मैं इसे 'फोर्स मल्टीप्लायर' देखता हूं, जो डॉक्टरों, टीचर्स और वकीलों को ज्यादा लोगों की मदद करने की ताकत देगा। इतिहास गवाह है कि तकनीक नौकरियां खत्म नहीं करती, उनका रूप बदलती है और नई नौकरियां पैदा करती है। इनोवेशन से नौकरियां जाने का डर सदियों से रहा है, लेकिन हर बार नए मौके आए हैं। AI में भी यही होगा। भारत इसके लिए तैयार है। स्टैनफोर्ड ग्लोबल AI इंडेक्स 2025 में हम तीसरे नंबर पर हैं, जो हमारी तेज ग्रोथ दिखाता है। इनोवेशन और इनक्लूजन से AI हमारी वर्कफोर्स को मजबूत बनाएगा। सही स्किल्स से हमारे युवा फ्यूचर ऑफ वर्क लीड करेंगे। सवाल: आत्मनिर्भर भारत के लिए AI पर आपका विजन क्या है? जवाब: तकनीक का सिर्फ उपभोग नहीं, निर्माण करना चाहिए। AI में मेरा विजन तीन पिलर्स पर टिका है- संप्रभुता, समावेशिता और इनोवेशन। मेरा विजन है कि भारत AI निर्माण में दुनिया की टॉप-3 महाशक्तियों में शामिल हो। हमारे AI मॉडल ग्लोबल हों, अपनी भाषा में अरबों की सेवा करें और स्टार्टअप्स अरबों वैल्यू के साथ लाखों नौकरियां पैदा करें। हर भारतीय को AI अवसर और गरिमा का सेवक लगे, न कि खतरा। आत्मनिर्भर AI का मतलब- भारत डिजिटल सदी का अपना कोड खुद लिखे।

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  Sports

'सब परफेक्ट नहीं', जीत का चौका लगाकर भी टेंशन में कप्तान सूर्या, बोले- बैठकर बात करेंगे

Suryakumar Yadav Statement: टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड पर जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि टीम इंडिया को सुपर-8 राउंड के लिए कुछ कमियों को दूर करना होगा. उन्होंने कहा कि हर जीत में सीख मिलती है और टीम ने इस मैच से भी कुछ चीजें सीखी हैं. भारत अपने सुपर-8 अभियान की शुरुआत 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच से करेगा. Wed, 18 Feb 2026 23:40:51 +0530

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