Responsive Scrollable Menu

हादसे के बाद अब नहीं रुकेगी कमाई, 'गो-ग्रीन' योजना के तहत दिव्यांग श्रमिकों को मिलेगा अपना रोजगार

निर्माण स्थलों (कन्स्ट्रक्शन साइट) पर काम करते समय अक्सर हादसे हो जाते हैं. अगर कोई पंजीकृत श्रमिक ऐसे हादसे में विकलांग हो जाता है, तो उसकी कमाई का जरिया खत्म हो जाता है. ऐसी मुश्किल घड़ी में गुजरात सरकार की यह योजना श्रमिकों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए ई-रिक्शा (बैटरी से चलने वाला तिपहिया वाहन) खरीदने में आर्थिक मदद करती है.

योजना में मिलने वाले फायदे

इस योजना के तहत मिलने वाली मदद काफी राहत देने वाली है. ई-रिक्शा की शोरूम कीमत का50% हिस्सा या अधिकतम ₹48,000(दोनों में से जो कम हो) सरकार देगी. नया वाहन खरीदने पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स भी सरकार द्वारा वापस कर दिया जाएगा. खास बात यह है कि यह सब्सिडी सरकार की अन्य इलेक्ट्रिक वाहन (EV) योजनाओं के साथ अतिरिक्त तौर पर मिलेगी.

कौन ले सकता है लाभ? 

  • इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं.
  • श्रमिक कागुजरात भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण होना चाहिए.
  • काम के दौरान हादसे में विकलांग या अक्षम हुए श्रमिक ही इसके पात्र होंगे.
  • वाहनलिथियम-आयन बैटरी*वाला होना चाहिए और श्रमिक के खुद के नाम पर होना चाहिए.
  • आवेदन करने वाले के पास तिपहिया वाहन चलाने कावैध लाइसेंस होना जरूरी है.
  • यह लाभ एक श्रमिक को जीवन में केवल एक बार ही मिलेगा.

आवेदन कैसे करें?

  • फिलहाल इस योजना के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
  • अपने नजदीकी जिला कार्यालय (कल्याण बोर्ड) में जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करें.
  • फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें.
  • जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें.

आपका फॉर्म पहले जिला निरीक्षक, फिर राज्य परियोजना प्रबंधक और अंत में मुख्य कार्यालय के अधिकारियों द्वारा जांचा और मंजूर किया जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद सब्सिडी की रकम वापस मिल जाएगी.

जरूरी कागजात (Documents)

  • आधार कार्ड
  • ई-निर्माण कार्ड (e-Nirman Card)
  • सिविल सर्जन द्वारा दिया गया विकलांगता प्रमाण पत्र
  • वैध तिपहिया वाहन लाइसेंस की कॉपी
  • आरटीओ (RTO) से जुड़े दस्तावेज

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के पंजाब में ईसाई लड़की का जबरन धर्मांतरण, मुस्लिम युवक से कराई शादी

Continue reading on the app

'सॉवरेन एआई से होगा देश की वास्तविक चुनौतियों पर नियंत्रण और उनका समाधान'

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को वरिष्ठ नीति-निर्माताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सॉवरेनिटी यानी आत्मनिर्भरता से भारत को यह नियंत्रण मिलेगा कि एआई सिस्टम कैसे बनाए जाएं, कैसे लागू किए जाएं और कैसे संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और वित्तीय समावेशन जैसी वास्तविक चुनौतियों का समाधान किया जा सकेगा, ताकि नागरिक अपनी ही भाषाओं में सेवाओं का लाभ उठा सकें।

आधिकारिक बयान के अनुसार, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के महानिदेशक और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि सॉवरेन एआई का मतलब अलग-थलग होकर काम करना नहीं है। उनके अनुसार, सॉवरेन एआई से नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

भारतजेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषि बाल ने कहा कि एआई को चरणबद्ध तरीके से अपनाया जाना चाहिए और इसकी शुरुआत शासन, नागरिक सेवाओं और वित्त जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से होनी चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि साझा डिजिटल ढांचा और सामान्य मॉडल तेज और सुरक्षित नवाचार को बढ़ावा देंगे।

उन्होंने आगे कहा कि एआई सॉवरेनिटी के लिए ऐसे राष्ट्रीय मॉडल और बुनियादी ढांचे का निर्माण जरूरी है, जिनका व्यापक रूप से उपयोग किया जा सके। साथ ही, स्टार्टअप्स को भी नवाचार के अवसर मिलें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा इकोसिस्टम पूरे देश में आपसी सहयोग से ही तैयार किया जा सकता है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने ये बातें स्केलिंग इम्पैक्ट फ्रॉम इंडिया’स सॉवरेन एआई एंड डेटा नामक सत्र में कही। इस सत्र में इस बात पर चर्चा हुई कि भारत केवल एआई का उपभोक्ता बनकर न रहे, बल्कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण एआई सिस्टम का निर्माता भी बने।

चर्चा में गहन शोध प्रतिभा और दीर्घकालिक नवाचार निवेश की कमी को दूर करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पैनल ने कहा कि असली एआई क्षमता अल्पकालिक उपायों से नहीं, बल्कि मजबूत शोध व्यवस्था और बेहतर मार्गदर्शन से विकसित होती है।

सत्र में उन्नत एआई शोध को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं जैसे वित्तीय समावेशन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि एआई को भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि इसके परिणाम सार्थक और समावेशी हों।

पांच दिन तक चलने वाला यह समिट 20 फरवरी को समाप्त होगा। इस समिट में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उपमंत्री शामिल हैं। इसके अलावा 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ, जिनमें सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संस्थाएं भी भाग ले रही हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Ranji Trophy में Mohammed Shami की घातक वापसी, 8 विकेट लेकर Team India के लिए ठोका मजबूत दावा

घरेलू क्रिकेट के मौजूदा सत्र में मोहम्मद शमी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अनुभव और कौशल का कोई विकल्प नहीं होता। रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बंगाल के लिए खेलते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ कालयाणी में आठ विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

बता दें कि रणजी ट्रॉफी के इस अहम मुकाबले में शमी ने बंगाल क्रिकेट ग्राउंड पर शानदार गेंदबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। पहली पारी के 59वें ओवर में विकेटकीपर-बल्लेबाज कनहैया वाधवन को कैच आउट कर उन्होंने अपना पांचवां विकेट पूरा किया और साथियों के साथ जोरदार जश्न मनाया। पूरे मैच में उनके आठ विकेट इस बात का संकेत हैं कि वह लगातार लय में लौट रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय तेज गेंदबाज ने इस सत्र में अब तक सात मैचों में 38 विकेट हासिल किए हैं, जिसमें तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। इससे पहले सर्विसेज के खिलाफ उन्होंने दूसरी पारी में 5/51 का प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। ऐसे समय में जब भारतीय तेज आक्रमण की गहराई को लेकर चर्चा जारी है, शमी का यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला और आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की टीम में शमी को जगह नहीं मिली थी। चोट के कारण हरषित राणा के बाहर होने पर मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया। इसके अलावा उनका बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध भी समाप्त हो चुका है। भारत के लिए उनकी आखिरी उपस्थिति 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में रही थी।

शमी ने सीमित ओवरों के घरेलू टूर्नामेंट में भी प्रभाव छोड़ा है। विजय हजारे ट्रॉफी में सात मैचों में 15 विकेट लेकर उन्होंने यह दिखाया कि वह सिर्फ लाल गेंद ही नहीं, सफेद गेंद से भी असरदार साबित हो सकते हैं।

सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए, जिसमें सुदीप कुमार घरामी ने 146 रन की अहम पारी खेली। शमी की अगुआई में गेंदबाजी आक्रमण ने जम्मू-कश्मीर पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिससे बंगाल ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली।

रणजी ट्रॉफी के बाद शमी आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते नजर आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी तरह फिटनेस और प्रदर्शन बरकरार रखते हैं, तो 2026 में भारत के चुनौतीपूर्ण टेस्ट कार्यक्रम को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
Tue, 17 Feb 2026 20:50:58 +0530

  Videos
See all

Ishan Kishan किससे करेंगे शादी? #shorts #ishankishan #ishankishangirlfriend #shortsviral #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-17T15:36:57+00:00

Himanta Sarma on Congress: "राहुल की दिमागी हालत ठीक नहींं.." | #bjpvscongress #rahulgandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-17T15:40:50+00:00

Rajpal yadav Bail News| News Ki Pathshala | Sushant Siinha | राजपाल यादव 12 दिन बाद तिहाड़ से रिहा #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-17T15:37:17+00:00

CM Yogi Interview: Viksit Bharat | Avimukteshwaranand का नाम लेकर योगी ने Akhilesh को तगड़ा घेरा ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-17T15:43:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers