बांग्लादेश: जमात के शफीकुर रहमान चुने गए नेता प्रतिपक्ष
ढाका, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की 13वीं राष्ट्रीय संसद के नवनिर्वाचित सांसदों ने मंगलवार को सदस्यता की शपथ ली। नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई और इसके साथ ही अब इस बात का भी फैसला हो गया है कि नेता प्रतिपक्ष की कमान कौन संभालेगा।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बाद जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन दूसरे पायदान पर रहा। यही वजह है कि जमात के अमीर शफीकुर रहमान को विपक्ष का नेता चुना गया है और पार्टी नायब-ए-अमीर सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर को विपक्ष का उप नेता बनाया गया है।
जमात के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन में सहयोगी, नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम को विपक्ष का चीफ व्हिप बनाया गया है।
द डेली स्टार के अनुसार, सहायक महासचिव और सेंट्रल पब्लिसिटी एंड मीडिया डिपार्टमेंट के अध्यक्ष अहसानुल महबूब जुबैर ने इसकी पुष्टि की।
इससे पहले, मंगलवार दोपहर जमात के नवनिर्वाचित उम्मीदवारों ने सांसद सदस्यों के तौर पर शपथ ली। दोपहर को उन्होंने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल मेंबर के तौर पर शपथ ली। समारोह जातीय संसद भवन के शपथ कक्ष में हुआ। चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन ने अलग-अलग शपथ दिलाई।
जमात के बाद एनसीपी के चुने हुए उम्मीदवारों ने भी शपथ ली। फिर 11-पार्टी गठबंधन के सदस्यों ने संसद परिसर में शफीकुर रहमान की अध्यक्षता में एक बैठक की। जुबैर ने कहा कि उसी बैठक में विपक्ष के नेता और उपनेता के साथ-साथ व्हिप को भी नॉमिनेट किया गया था।
जमात-ए-इस्लामी पर पहले शेख हसीना के राज में बैन लगा था और इस वजह से वो 2024 के चुनावों में नहीं लड़ पाई थी। हालिया चुनाव में पार्टी को 68 सीटें मिली हैं और इस तरह विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। रहमान के लगाए गए गड़बड़ियों के आरोपों के बावजूद, पार्टी ने नतीजे मान लिए और एक सतर्क विपक्ष के तौर पर काम करने का वादा किया है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम : घोड़े 'पारिस्थितिकी तंत्र इंजीनियर'
बीजिंग, 17 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी चंद्र अश्व वर्ष से एक दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने 16 फरवरी को अपनी वेबसाइट पर एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया कि घोड़े पारिस्थितिकी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और घोड़ों से जुड़े पारिस्थितिकी संरक्षण और सतत विकास के बारे में दुनिया भर में मिले अनुभवों और सीखों को बताया गया है।
लेख में कहा गया है कि घोड़े पारिस्थितिकी तंत्र इंजीनियर होते हैं। दुनिया के कई हिस्सों में, घास के मैदान, झाड़ियों वाले इलाके और सवाना जैसे पारिस्थितिकी व्यवस्था खराब हो रही है और जलवायु परिवर्तन का खतरा है। घोड़ों जैसे बड़े शाकाहारी जानवरों का सही मैनेजमेंट पारिस्थितिक संतुलन को ठीक करने में मदद कर सकता है।
घोड़े दुनिया के कई हिस्सों में रोजमर्रा की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बने हुए हैं, जो खराब मौसम में भी खुद को ढाल लेते हैं और लोगों को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने में मदद करते हैं।
लेख में कहा गया है कि घोड़े पिछले 4 हजार सालों से इंसानी सभ्यता के साथ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में 2025 में 11 जुलाई को विश्व अश्व दिवस के तौर पर निर्धारित किया है, और लोगों से घोड़ों की कीमत को पूरी तरह से पहचानने की अपील की है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















