जिम, मार्केट, यूनिवर्सिटीज में जाना बैन! इस्लाम में औरतों की क्या हैसियत?
Islamic Rules: पूरी दुनिया में इस्लाम में महिलाओं के दर्जे को लेकर अक्सर बहस छिड़ती रहती है. शिक्षा, विरासत, गवाही, हिजाब, तलाक और चार शादियों जैसे मुद्दों पर कई सवाल उठाए जाते हैं. आइए इन विषयों पर विस्तार से यह समझाने की कोशिश करते हैं कि इस्लाम के मूल सिद्धांत क्या कहते हैं और समाज में प्रचलित धारणाएं कितनी सही हैं.
इस्लाम में शिक्षा का अधिकार किसे-किसे?
इस्लाम में शिक्षा पुरुष और महिला दोनों के लिए अनिवार्य मानी गई है. महिलाओं को संपत्ति रखने, व्यापार करने और विरासत में हिस्सा पाने का अधिकार 1400 साल पहले ही दिया गया था. वहीं, गवाही के मामले में दो महिलाओं की बराबरी एक पुरुष से किए जाने की बात को सिर्फ आर्थिक लेन-देन से जुड़ा बताया गया, न कि सामान्य मामलों से.
तलाक और हलाला को लेकर भी कई गलतफहमियों पर बहस होती है. इस्लाम में तलाक एक प्रक्रिया है, जबकि 'हलाला' जैसी प्रथा इस्लाम का मूल हिस्सा नहीं है. चार शादियों को भी अनिवार्य नहीं बल्कि विशेष परिस्थितियों में विकल्प बताया गया है.
पूरी बात वीडियो रिपोर्ट में जानिए
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फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है: प्रधानमंत्री मोदी
मुंबई, 17 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस के एच 125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली का वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध बहुत ही विशेष हैं। फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है, और प्रेसीडेंट मैक्रॉन के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। इसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर, आज हम अपने संबंधों को एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंध वास्तव में अद्वितीय हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रोन के नेतृत्व में हमने इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और गतिशीलता प्रदान की है। आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण की नींव पर निर्मित, हम अब अपने संबंधों को एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं। यह सहयोग मात्र रणनीति से परे है। इन अशांत समयों में, यह वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध साझेदारी के रूप में खड़ा है।
उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर, आज हम अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर रहे हैं। हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने वाला विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और पूरे विश्व को निर्यात करेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026, भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है। कुछ ही दिन पहले, हमने यूरोपियन यूनियन के साथ, भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। ये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और फ्रांस संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा।
उन्होंने कहा कि हम हेल्थ में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर, डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर और एयरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च करेंगे। ये भविष्य-निर्माण के प्लेटफार्म हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऐसे में, भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक ताकत है।
--आईएएनएस
एमएस/
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