एआई समिट में कुप्रबंधन से प्रतिभागी परेशान, बीटीएस से सीखे केंद्र सरकार: मल्लिकार्जुन खड़गे
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में पूर्ण अराजकता और घोर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस) से सीखना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि एआई इम्पैक्ट समिट के प्रतिभागियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बैग पर बैन, साथ ही डिजिटल और यूपीआई पेमेंट के बजाय कैश इस्तेमाल करने की जरूरत।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, जो पूरी दुनिया के लिए भारत की डिजिटल और एआई क्षमताओं को दिखाने वाला एक शोपीस एआई समिट हो सकता था, वह पीआर की भूखी इस सरकार द्वारा पूरी तरह से अव्यवस्था और घोर मिसमैनेजमेंट में बदल गया है।
उन्होंने आगे कहा, संस्थापक, प्रदर्शक और आगंतुक, सभी को पीएम के पहले ही दिन फोटो खिंचवाने के मौके के लिए घुसने की वजह से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस चीफ ने आरोप लगाया, प्रदर्शकों के पास खाना और पानी नहीं है, उनके प्रोडक्ट्स चोरी हो जाते हैं, डिजी यात्रा बुरी तरह फेल हो जाती है। लैपटॉप, पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और यहां तक कि बैग भी बैन हैं। डिजिटल/यूपीआई पेमेंट के बजाय सिर्फ कैश लिया जाता है और फाउंडर्स को बिना बेसिक सुविधाओं के भारी रकम देनी पड़ती है और भी कई परेशानियां हैं।
उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत को अपनी ही सरकार की नाकाबिलियत की वजह से दुनियाभर में यह शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है।
खड़गे ने आगे कहा, शायद मोदी सरकार को बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस) से सीखना चाहिए, जो इतने बड़े पैमाने पर डिजिटल और टेक प्रोग्राम को आसानी से ऑर्गनाइज करने का एक सालाना इवेंट है।
एआई इम्पैक्ट समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक इंटरनेशनल समिट है, जो 16-20 फरवरी तक नई दिल्ली में हो रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समिट तीन सूत्रों, पीपुल, प्लानेट और प्रोग्रेस, पर आधारित है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भारत के फ्रेमवर्क को बताते हैं।
इस इवेंट का मकसद दुनियाभर के ग्लोबल लीडर्स, पॉलिसीमेकर्स, इनोवेटर्स और सब्जेक्ट-मैटर एक्सपर्ट्स को एक साथ लाना है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भविष्य की दिशा पर बातचीत की जा सके।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, समिट में 45 से ज्यादा देशों के मिनिस्टीरियल डेलीगेशन भी हिस्सा लेंगे। यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी-जनरल और कई इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के सीनियर रिप्रेजेंटेटिव शामिल होंगे।
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ब्रिटेन के डिप्टी पीएम लैमी और एआई मंत्री नारायण का भारत दौरा, एआई इम्पैक्ट समिट में होंगे शामिल
नई दिल्ली/लंदन, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने मंगलवार को तकनीक और नवाचार पर सहयोग को भारत-ब्रिटेन विजन 2035 का मुख्य स्तंभ बताया। वहीं, देश के उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आने वाले हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक बयान में हाई कमिश्नर कैमरन ने कहा, इस हफ्ते इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 के लिए दिल्ली में उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण का स्वागत करने का इंतजार है। तकनीक और नवाचार पर सहयोग ब्रिटेन-भारत विजन- 2035 का एक अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा, मैं 2023 में ब्लेचले पार्क में थी, जब ब्रिटेन ने दुनिया का पहला एआई सेफ्टी समिट आयोजित किया था। इस हफ्ते भारत को इन चर्चाओं का नेतृत्व करते हुए देखना बहुत अच्छा लगा क्योंकि भारत एआई को कैसे देखता है, यह दुनिया के लिए मायने रखता है।
एक आधिकारिक बयान में ब्रिटेन की सरकार ने कहा, ब्रिटेन इस हफ्ते भारत में एआई इम्पैक्ट समिट का इस्तेमाल यह बताने के लिए करेगा कि एआई कैसे विकास को बढ़ा सकता है, नई नौकरियां दिला सकता है, पब्लिक सेवा को बेहतर बना सकता है और दुनिया भर के लोगों को फायदे पहुंचा सकता है।
इसमें आगे कहा गया, उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण के नेतृत्व में ब्रिटेन का प्रतिनिधिमंडल एक हफ्ते की बातचीत शुरू कर रहा है, जिसका फोकस इस बात पर होगा कि एआई रोजमर्रा की जिंदगी को कैसे बेहतर बना सकता है, सिर्फ एडवांस्ड इकॉनमी में ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर कोने में।
समिट के दौरान, लैमी और नारायण इस बात पर जोर देंगे कि एआई रिन्यूअल का इंजन है क्योंकि यह डॉक्टरों को तेजी से डायग्नोसिस करने, टीचरों को लर्निंग को पर्सनलाइज करने, काउंसिल को मिनटों में सर्विस देने और बिजनेस को अगली पीढ़ी की अच्छी नौकरियां बनाने में मदद करता है।
एक बयान में, डेविड लैमी ने कहा, यह समिट यह तय करने का एक जरूरी मौका है कि हम अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एआई के पूरे फायदों और क्षमताओं को अनलॉक करने के लिए कैसे काम कर सकते हैं, साथ ही मजबूत और सही सेफ्टी स्टैंडर्ड भी बना सकते हैं, जो हम सभी की रक्षा करे।
उन्होंने कहा, हम ब्रिटेन में नौकरियां, विकास और खुशहाली लाने के लिए एम्बिशन को एक्शन में बदल रहे हैं। भारत में हमारे साथ जुड़ने वाले बिजनेस लीडर्स पक्की साझेदारी बनाएंगे और निवेश सुरक्षित करेंगे, जिससे ब्रिटेन, भारत और दुनिया भर में काम करने वाले लोगों को मौके मिलेंगे।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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