सड़कों पर रीलबाजों का आतंक, चलती बस और ऑटो का गेट खोलकर किया स्टंट, वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर आजकल रील बनाने का भूत युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. दिल्ली से एक ऐसा ही चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें दो बाइक सवार युवक अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ये युवक बीच सड़क पर खुलेआम स्टंटबाजी कर रहे हैं और ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
चलती बस का दरवाजा खोला
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बाइक सवार युवक तेज रफ्तार में बाइक चला रहा है. हद तो तब हो गई जब उसने चलती हुई बस के करीब जाकर उसका दरवाजा खोल दिया. वहीं, उसका दूसरा साथी एक ऑटो (टेंपू) का दरवाजा खोलता हुआ दिखाई दे रहा है. इन युवकों की इस हरकत से बस और ऑटो में बैठे यात्री भी सहम गए. यह वीडियो साफ दिखाता है कि इन लड़कों के मन में कानून का कोई डर नहीं है.
बस के आगे अड़ाई बाइक
स्टंटबाजी यहीं नहीं रुकी एक युवक ने तो अपनी बाइक सीधे एक डीटीसी (DTC) बस के आगे ले जाकर रोक दी, जिससे बस ड्राइवर को अचानक ब्रेक लगाने पड़े. इस वजह से सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई. वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है. लोगों ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा है कि ऐसे 'रीलबाजों' पर भारी जुर्माना और जेल की सजा होनी चाहिए ताकि दूसरों को सबक मिल सके.
पुलिस कर रही है जांच
दावा किया जा रहा है कि यह पूरा मामला दिल्ली का ही है. वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस अब एक्टिव हो गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए इन बाइक सवारों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर इस तरह की हरकतें करना न सिर्फ गैर-कानूनी है, बल्कि यह दूसरों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है. जल्द ही इनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकता है.
बांग्लादेश: जनमत-संग्रह की वैधता को चुनौती, हाईकोर्ट में याचिका दायर
ढाका, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनकी कैबिनेट में 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को जगह दी गई है। इसी शपथग्रहण के बीच हाल ही में संपन्न हुए चुनाव के साथ कराए गए जनमत संग्रह की वैधता को चुनौती देते हुए एक याचिका कोर्ट में दाखिल की गई है।
मीडिया आउटलेट द डेली स्टार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दाखिल की, जिसमें 12 फरवरी को हुए देश भर में कराए जनमत संग्रह की वैधता को चैलेंज किया गया और अगले दिन ऐलान किए गए नतीजे को रद्द करने की मांग उठाई गई।
वकील मोहम्मद अताउल मजीद ने याचिका एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के तौर पर पेश की, जिसमें कहा गया कि “संविधान जनमत संग्रह की इजाजत नहीं देता और निर्वाचन आयोग के पास इसे कराने का कोई अधिकार नहीं है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह नियम के तहत संबंधित अधिकारियों से यह पूछे कि रेफरेंडम को गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक क्यों नहीं घोषित किया जाना चाहिए?
पिटीशन के हवाले से अताउल मजीद ने बताया कि रेफरेंडम गैर-संवैधानिक था।
ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त, कैबिनेट सचिव और कानून मंत्रालय के सचिव को रेस्पोंडेंट बनाया गया है। याचिका पर अगले हफ्ते जस्टिस फातिमा नजीब की अगुवाई में हाई कोर्ट खंडपीठ सुनवाई कर सकती है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 12 फरवरी को हुए जनमत-संग्रह में 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने ‘हां’ में मतदान किया। कुल 48,074,429 वोटर्स ने बदलावों के पक्ष में वोट डाला, जबकि 22,565,627 वोटर्स ने उनके खिलाफ वोट दिया था।
बांग्लादेश के चुनाव में विजयी हुई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्य के रूप में शपथ लेने से मना करने के बाद जमात-ए-इस्लामी के नवनिर्वाचित संसद सदस्यों ने मंगलवार को शपथ लेने से इनकार कर दिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने संसद भवन (जातीय संसद भवन) में बीएनपी सांसदों को पद की शपथ दिलाई।
--आईएएनएस
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