₹2200 किलो घी, फिर भी मिल रहे देशभर से ऑर्डर, रांची के आकीब ने शुद्धता से बनाई पहचान
Business Idea: झारखंड की राजधानी रांची के आकीब ने MBA करने के बाद शुद्ध देसी घी और शहद के कारोबार को अपनी पहचान बना लिया है. बचपन में घी वाला पराठा खाने के शौकीन आकीब ने बाजार में मिलावट की चिंता के बीच गांव की महिलाओं से पारंपरिक बिलोना विधि से A2 घी बनवाने की शुरुआत की. उनके ब्रांड के घी की कीमत 2,200 रुपये प्रति किलो है, जबकि वे झारखंड के जंगलों से प्राप्त शहद भी बेचते हैं. शुरुआत में मॉर्निंग वॉक करने वालों को अपने उत्पाद की गुणवत्ता समझाने वाले आकीब को अब पुणे, मुंबई और दिल्ली तक से ऑर्डर मिल रहे हैं. उनके मुताबिक, हर महीने करीब 2 से 2.5 लाख रुपये की बिक्री होती है और इस काम से 50 से अधिक घरेलू महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें रोजगार का अवसर मिल रहा है.
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