श्रीगंगानगर में नहर के पानी को लेकर प्रदर्शन, 10 किसान हिरासत में लिए गए
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई के लिए पानी और नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को रविवार शाम बिरधवाल हेड से करीब दो किलोमीटर पहले रोक दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले किसानों ने कई जगह पुलिस द्वारा लगाये गये अवरोधकों को हटाकर सड़क पर खड़े ट्रकों को आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक स्थान पर किसानों और पुलिस के बीच मामूली झड़प हुई। किसानों ने मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री और बीकानेर के सांसद के पुतले भी फूंके।
अधिकारियों के अनुसार, किसानों को रोकने के लिए सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग पर कई जगह नाकाबंदी की गई थी लेकिन किसान अवरोधकों को हटाकर आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग बंद कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर पुलिस बल के साथ बिरधवाल हेड पर तैनात रहे।
‘खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में किसान अनूपगढ़ शाखा नहर में पानी छोड़ने, रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। जयपुर में सिंचाई मंत्री सुरेश रावत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव पर सहमति नहीं बनने के बाद रविवार को घड़साना में भी वार्ता विफल रही। इसके बाद किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के काफिले के साथ बिरधवाल हेड की ओर कूच करने का फैसला किया।
रविवार दोपहर सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग पर आगे बढ़ रहे किसानों को 330 आरडी गोपालसर चौराहे के पास रोकने के लिए पुलिस ने अवरोधक लगाए और सड़क पर ट्रक खड़े कर दिए। किसानों ने आगे बढ़ना जारी रखा। अनूपगढ़ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अशोक सांगवा और पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की, लेकिन वे आगे बढ़ गए।
इसके बाद 285 आरडी बीरमाना से पहले तीन स्थानों पर अवरोधक लगाकर काफिले को रोकने का प्रयास किया गया। शाम करीब साढ़े चार बजे 270 आरडी के पास पुलिस ने फिर किसानों को रोकने की कोशिश की, जहां मामूली झड़प हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे किसानों को बिरधवाल हेड से लगभग दो किलोमीटर पहले रोक दिया गया।
इसके बाद किसान वन विभाग कार्यालय के सामने जमा हो गए। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिंचाई के लिए पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Manipur के Kamjong में हमले के बाद SP Tholu Rocky का तबादला
मणिपुर सरकार ने शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में एक कुकी नागरिक की मौत हो जाने के एक दिन बाद रविवार को कामजोंग जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के एक बयान के अनुसार, मणिपुर पुलिस सेवा के अधिकारी थोलू रॉकी का अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
वह कामजोंग के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाल रहे थे। उन्हें मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। बयान में कहा गया कि इंफाल पश्चिम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी जय बैरेज कामजोंग के प्रभारी पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालेंगे।
यह तबादला शनिवार को नगा बहुल जिले के चासाद गांव में हुए हमले के एक दिन बाद किया गया। इस गांव में कुकी समुदाय के लोग रहते हैं। हमले में 36 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात संदिग्ध उग्रवादियों ने पहाड़ी गांव में 15 घरों में भी आग लगा दी। इस बीच, रविवार शाम कामजोंग जिला मुख्यालय में कई नगा महिलाओं ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के तबादले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक कुकी विधायक ने मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम से अनुरोध किया था, जिसके बाद यह तबादला किया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









