Chennai में अगले 24 घंटे भारी, IMD Red Alert के बीच CM Vijay ने जांची व्यवस्था
तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय रहने के कारण चेन्नई के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया गया है, जिसके तहत रविवार दोपहर से अगले 24 घंटों के दौरान अत्यंत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने इसी अवधि के लिए पड़ोसी चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों के साथ-साथ पश्चिमी जिलों नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट भी जारी किया है। ‘रेड’ अलर्ट का मतलब 20 सेंटीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जबकि ‘ऑरेंज’ अलर्ट का मतलब 11 सेंटीमीटर से अधिक बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
चेन्नई स्थित आरएमसी ने रविवार दोपहर ढाई बजे जारी मौसम बुलेटिन में कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई। बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि शनिवार को उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि, चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों चेंगलपट्टू, कांचीपुरम तथा तिरुवल्लूर में भारी बारिश हुई।
इसे उत्तर-पूर्वी मानसून का पहला व्यापक और भारी बारिश वाला दौर माना जा रहा है। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान चेन्नई के पैरी कॉर्नर में सबसे अधिक 36 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पास के कातिवक्कम में इसी अवधि में 34 सेंटीमीटर बारिश हुई।
ग्रेटर चेन्नई नगर निगम (जीसीसी) की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महानगर के कुछ हिस्सों में 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने और मौसम की गंभीर परिस्थितियों के बावजूद समय रहते किए गए जमीनी प्रयासों, चौबीसों घंटे चलाए गए बचाव अभियानों और विभिन्न एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय के कारण प्रमुख सड़कों और सबवे से जलभराव हटा दिया गया। बयान के अनुसार, इस दौरान किसी के हताहत होने या बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली। बयान में कहा गया कि चेन्नई के सभी 22 सबवे से जलभराव हटाकर रविवार सुबह छह बजे तक उन्हें यातायात के लिए सुरक्षित रूप से खोल दिया गया।
इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम और तमिलनाडु आपदा मोचन बल (टीएनडीआरएफ) की चार टीम को तैनात किया गया। लोगों की सुरक्षा के लिए नौ राहत केंद्र स्थापित किए गए। शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार भोजन उपलब्ध कराया गया।
नगर निगम के बयान में दावा किया गया कि अब सभी प्रमुख बस मार्गों और अधिकांश सड़कों से बारिश का पानी पूरी तरह निकाल दिया गया है। कुछ निचले इलाकों में जल निकासी के लिए पंप चलाने का काम अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बयान में कहा गया कि कुल मिलाकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को ग्रेटर चेन्नई नगर निगम के रिपन बिल्डिंग स्थित एकीकृत राज्य कमान एवं नियंत्रण केंद्र में बारिश से हुए नुकसान, राहत कार्यों और बाढ़ की रोकथाम के उपायों की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान विजय ने स्थिति पर चर्चा की और राहत कार्यों तथा एहतियाती उपायों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को पहले जलभराव का सामना कर चुके इलाकों का निरीक्षण करने और वहां निवारक कार्य तेज करने का निर्देश दिया, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को चेन्नई सहित तमिलनाडु के अन्य हिस्सों को भारी बारिश और बाढ़ से बचाने के लिए एहतियाती उपाय जल्द से जल्द पूरे करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के बारे में भी निर्देश दिए। विजय ने कमान एवं नियंत्रण केंद्र में तैनात कर्मचारियों से बातचीत की, उनका उत्साह बढ़ाया और उनके काम की सराहना की।
लोक निर्माण, युवा कल्याण तथा खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने भी जीसीसी मुख्यालय रिपन बिल्डिंग का दौरा किया। इस दौरान अर्जुन ने बचाव अभियान में तैनात एनडीआरएफ और टीएनडीआरएफ की टीमों से मुलाकात की, अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया और बचाव तथा राहत उपायों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, People Against SIR का 23 अक्टूबर को देशव्यापी मार्च
‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को संसदीय प्रक्रिया के अनुसार पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और सभी पात्र नागरिकों के मतदान का अधिकार बहाल करने की मांग करते हुए 23 अक्टूबर को देशव्यापी मार्च निकालने का रविवार को आह्वान किया। इस मंच ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग किया है और एसआईआर के जरिए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार छीन लिए गए हैं। ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने आरोप लगाया कि कुमार ने संसदीय मंजूरी के बिना फॉर्म-6 सहित वैधानिक प्रपत्रों में बदलाव किए, ताकि वास्तविक नागरिकों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा सकें और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में बनाए रखा जा सके।
‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ का गठन 14 अक्टूबर को नयी दिल्ली के सुरजीत भवन में किया गया था। यह किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों तथा नेटवर्क को एक साथ लाने वाला अखिल भारतीय मंच है। मंच ने 23 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर कहा कि यह एक संयुक्त संघर्ष की शुरुआत होगी, जो एसआईआर रद्द होने, सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार बहाल होने और निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 में संशोधन किए जाने तक जारी रहेगा।
मंच ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर जिला और तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों तथा राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेने की अपील की।
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