Ankita Bhandari Case: Patiala House Court बाहर प्रदर्शन कर रहे कई लोग हिरासत में लिए गए
(तस्वीरों सहित) नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड में 2022 में 19-वर्षीय अंकिता भंडारी की हुई हत्या के मामले में पारदर्शी और अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर रविवार को यहां पटियाला हाउस अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सदस्यों समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही की मांग की और कथित वीआईपी पहलू की निष्पक्ष जांच की अपील की। दिल्ली कांग्रेस के सदस्य लक्ष्मण रावत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए।
रावत ने कहा, ‘‘अंकिता भंडारी को न्याय मिलना चाहिए और उसके परिवार को जवाब मिलने चाहिए। इस मामले से जुड़े गंभीर सवालों और आरोपों को राजनीतिक दबाव में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें दबाया जा सकता है।’’ रावत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से कई को जाफरपुर थाने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में करीब 100 से 150 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें उत्तराखंड के कांग्रेस पदाधिकारी और आम आदमी पार्टी तथा वामपंथी दलों के सदस्य शामिल थे।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए और अंकिता भंडारी हत्या मामले की सीबीआई जांच भारत के प्रधान न्यायाधीश की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए। जांच पारदर्शी होनी चाहिए और उसमें राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हो गया है। गौतम पर आरोप है कि वह वही वीआईपी हैं।
हालांकि अब तक इस संबंध में अपराध सिद्ध करने वाला कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। भंडारी का शव सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास चीला बैराज से बरामद किया गया था, जिसके बाद उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश फैल गया था। विपक्ष ने कथित मामले की जांच जारी रहते हुए गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।
Canada के Alberta सैन्य अड्डे पर युद्धाभ्यास के दौरान आग, 4 सैनिकों की मौत और 39 घायल
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर युद्ध अभ्यास के दौरान तेजी से फैली आग की चपेट में आने से चार सैनिकों की मौत हो गई और 39 घायल हो गए। घायलों में 19 की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मेजर जनरल वेड रटलैंड ने रविवार को बताया कि सैन्य अधिकारियों को आग लगने की जानकारी कई घंटे पहले ही मिल गई थी। हालांकि, उन्हें लगा कि आग पर पर्याप्त हद तक काबू पा लिया गया है और इसलिए अभ्यास जारी रखा जा सकता है। लेकिन अचानक हवा का रुख बदलने से आग तेजी से सैनिकों की ओर बढ़ने लगी।
रटलैंड ने एडमंटन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हवा का रुख बदलने से पहले आग एक किलोमीटर दूर थी। आग का 36 सेकंड में एक किलोमीटर तक फैलना सामान्य बात नहीं है।’’ उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद एक कमांडर के अनुसार सैनिकों को पहले कहीं आग दिखाई नहीं दे रही थी, लेकिन एक मिनट से भी कम समय में आग उनके ठीक सामने थी और वे लपटों में घिर गए। शनिवार को आग उस समय लगी, जब ‘प्रिंसेस पेट्रीसियास कनैडियन लाइट इन्फैंट्री’ की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी के सैनिक अत्यधिक गहन युद्ध अभ्यास कर रहे थे।
करीब 84 सैनिकों को दो समूहों में बांटा गया था। एक समूह ग्रेनेड चलाने के अभ्यास वाले क्षेत्र में था, जबकि दूसरा दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर हमले का अभ्यास कर रहा था। आग दूसरे अभ्यास क्षेत्र में फैली।
रटलैंड ने कहा कि जांचकर्ता अभी यह पता नहीं लगा पाए हैं कि घास में आग किस वजह से लगी। उन्होंने बताया कि बटालियन संकटों से निपटने के लिए तत्काल तैनाती की तैयारी कर रही थी। इसके अलावा अगले वसंत में लातविया में तैनात कनाडाई सैनिकों की मदद के लिए भी मिशन की तैयारी की जा रही थी।
अल्बर्टा प्रांत प्रमुख डेनियल स्मिथ ने बताया कि 39 लोगों का इलाज किया जा रहा है। एक्यूट केयर अल्बर्टा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सायह जेल्के ने कहा कि 19 की हालत गंभीर है, आठ की हालत स्थिर है और 12 अन्य को भी सामान्य उपचार दिया जा रहा है। स्मिथ ने कहा कि कुछ लोगों को गंभीर रूप से झुलसने के कारण कई सप्ताह या महीनों तक गहन उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को देश की धरती पर शांतिकाल में सेना के साथ हुई सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक बताया। उन्होंने देशभर में संघीय सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश दिया। कार्नी ने कहा कि मृतक सैनिकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
प्रभावित लोगों में नियमित सैन्य बलों के जवानों के अलावा रिजर्व सैनिक और कनाडा के विभिन्न सैन्य अड्डों पर तैनात जवान भी शामिल हैं। अल्बर्टा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि घायलों को वेनराइट से चार अस्पतालों में भेजा गया। इनमें एडमंटन के यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल और रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल, कैलगरी का फुटहिल्स मेडिकल सेंटर और रेड डियर रीजनल अस्पताल शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










