दो दशक बाद बांग्लादेश में बनने जा रही है बीएनपी की सरकार, देश को मिलेगा नया प्रधानमंत्री
ढाका, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) लगभग दो दशकों के बाद दक्षिण एशियाई देश में सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है। मंगलवार को बीएनपी के नए चुने गए सांसद शपथ ग्रहण करेंगे। आज बांग्लादेश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट के लिए शपथ ग्रहण समारोह पार्लियामेंट बिल्डिंग के साउथ प्लाजा में होगा। आम तौर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन प्रेसिडेंशियल पैलेस में होता है, लेकिन आज ये शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन साउथ प्लाजा में किया जा रहा है। साउथ प्लाजा में इस कार्यक्रम का आयोजन उन लोगों को याद करने के लिए किया जा रहा है जिन्होंने जुलाई 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाई थी।
यह समारोह बांग्लादेश के लिए एक अहम राजनीतिक पल होने की उम्मीद है। सभी 297 नए चुने गए सांसदों को सुबह 10:00 बजे चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन पार्लियामेंट के शपथ कक्ष में शपथ दिलाएंगे। बांग्लादेशी अखबार द ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, इसके बाद वे कॉन्स्टिट्यूशनल रिफॉर्म काउंसिल की सदस्यता लेंगे।
बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान हैं और उन्होंने राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है, जिससे नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। बांग्लादेश और विदेश से करीब 1,200 बड़े लोगों के नई चुनी हुई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की उम्मीद है, जो मंगलवार को शाम 4:00 बजे ढाका में नेशनल पार्लियामेंट बिल्डिंग के साउथ प्लाजा में होगा।
समारोह में कई जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय हस्तियां मौजूद रहेंगी। जिन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, उनमें भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भारतीय लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल शामिल हैं। इसके साथ ही नेपाल के विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा, श्रीलंका की स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिसा, ब्रिटेन की इंडो-पैसिफिक की अवर सचिव सीमा मल्होत्रा और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू भी समारोह में शामिल हो सकते हैं।
बता दें, बांग्लादेश का 13वां संसदीय चुनाव 12 फरवरी को हुआ था और चुनाव आयोग ने 13 फरवरी की रात को 297 सीटों पर जीतने वाले उम्मीदवारों का ऐलान किया था। 13वें पार्लियामेंट्री चुनाव में 300 में से 299 सीटों पर वोटिंग हुई थी। इलेक्शन कमीशन ने 297 चुनाव क्षेत्रों के लिए अनौपचारिक नतीजे घोषित किए। हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद चटगांव-2 और चटगांव-4 के लिए नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।
अब तक घोषित नतीजों के अनुसार, बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीती हैं, और उसके उम्मीदवार चटगांव-2 और 4 सहित दो चुनाव क्षेत्रों में आगे चल रहे हैं, जहां नतीजे रोक दिए गए हैं। उनके सहयोगियों ने तीन सीटों पर दावा किया है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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Surya Grahan 2026: साल के पहले सूर्य ग्रहण पर भूलकर भी न करें ये गलतियां , वरना झेलना पड़ सकता है नुकसान
Surya Grahan 2026: आज यानी 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है जो खगोल विज्ञान की नजर से एक अहम घटना मना जा रहा है. जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य प्रकाश को ढक लेता है तब सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है. इस बार यह संयोग फाल्गुन अमावस्या के दिन बन रहा है इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी बढ़ गया है. मान्यता है इस दिन कुछ गलतियां करने से आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने लगती है. चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारें में.
कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण 2026?
17 फरवरी 2026 को यह सूर्य ग्रहण शाम 03 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और रात को 07 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा. यह साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण होगा लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा. इसी कारण इसका धार्मिक प्रभाव भी यहाँ नहीं माना जाएगा.
क्या भारत में लगेगा सूतक काल?
सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें शुभ काम, पूजा पाठ और आदि जैसी चीजों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा. सामान्य दिनचर्या पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा. यह सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर की तरह दिखाई देगा. इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता बल्कि उसके बीच में आकर सूर्य के किनारों को चमकीले अग्नि की तरह चमकने देता है. यह नजारा बेहद आकर्षक होता है.
सूर्य ग्रहण के दिन न करें ये गलतियां
आज सूर्य ग्रहण को धार्मिक नजरिए से संवेदनशील समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है इसलिए कुछ कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है.
नए काम की शुरुआत न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज सूर्य ग्रहण के दिन पूजा-पाठ, गृह प्रवेश और शुभ कार्य या किसी नए काम की शुरुआत भूलकर भी नहीं करना चाहिए. इस दिन मंदिरों के कपाट भी बंद रखे जाते हैं.
भोजन पकाने से बचें
सूर्य ग्रहण के दिन भोजन पकाने और खाने से भी बचना चाहिए. अगर भोजन पहले से बना हो तो उसमें तुलसी के पत्ते डालकर सुरक्षित जगह पर रख दें.
यात्रा न करें
इसके अलावा, सूर्य ग्रहण के दिन यात्रा करना भी अशुभ माना जाता है. खासकर लंबी यात्राएं तो बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. नए वस्त्र पहनना, श्रृंगार करना या कोई जरूर खरीदारी भी करने से बचना चाहिए.
गर्भवती महिलाएं बरते सावधानी
मान्यता है कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखने की सलाह दी जाती है. जैसे तेज धार वाली चीजों का इस्तेमाल न करना और घर से बाहर न निकलना.
सोने से भी बचें
इसके अलावा सूर्य ग्रहण के समय भूलकर भी नहीं सोना चाहिए. कई लोग इस दौरान मंत्र जाप, ध्यान या ईश्वर के स्मरण को अधिक शुभ मानते हैं. ग्रहण खत्म होने के बाद साफ-सफाई करना और दान करना शुभ माना जाता है.
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