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मंत्री हाथ में गन लिए ड्रग अड्डे की तरफ दौड़ा! सोशल मीडिया पर छापे का वीडियो हो रहा वायरल

ढाका की एक झुग्गी बस्ती में शनिवार को नशीले पदार्थों के संदिग्ध अड्डे पर बांग्लादेश के एक मंत्री ने छापा मारा. इसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. इस छापे के दौरान मंत्री के पास एक पिस्तौल थी और उनके साथ कुछ साथी भी थे, इसमें से कम से कम एक के पास हैंडगन देखी गई. मुक्ति युद्ध मामलों के राज्य मंत्री इशराक हुसैन ने इस छापे का एक वीडियो साझा किया. इसमें वे एक गाड़ी से बाहर निकलते दिख रहे हैं. एक हाथ में मेगाफोन और दूसरे में पिस्तौल लिए हुए. इसके बाद फिर गंडारिया रेलवे स्टेशन के पास लोगों के एक समूह का पीछा करते नजर आते हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में 39 वर्षीय हुसैन को एक समूह से यह कहते हुए सुना गया, "तुम पूरे शहर को बर्बाद कर रहे हो, पूरे इलाके को नष्ट कर रहे हो." उसके साथियों को पकड़ लिया गया है. कुछ लोगों ने दावा किया कि वे बेकसूर हैं. इस पर हुसैन को यह कहते हुए सुना गया, "पुलिस को आने दो, फिर बात होगी."

छह लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने जानकारी दी कि मंत्री ने उन्हें छापेमारी के बारे में पहले से किसी तरह की जानकारी नहीं दी थी. अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने छह लोगों को हिरासत में लिया. उन्हें स्थानीय पुलिस थाने को सौंप दिया गया. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त मसूद राणा ने मीडिया को बताया, "मंत्री ने हमें छापेमारी के बारे में पहले से नहीं बताया था; हमें इसके बारे में बाद में पता चला."

अभियान को जारी रखने का संकल्प

प्रधानमंत्री तारिक रहमान की 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी'(BNP) के सदस्य हुसैन, 12 फरवरी के चुनावों में इस इलाके से संसद के लिए चुने गए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसके साथ कैप्शन  लिखा था, "इशराक का एक्शन: नशीले पदार्थों के अड्डों को को तोड़ा गया और तस्करों को पुलिस के हवाले   किया गया. के हवाले कर दिया गया." पोस्ट में यह भी बताया गया कि उन्होंने पहले भी ढाका के अपने चुनावी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में नशीले पदार्थों के खिलाफ छापेमारी की थी, और इलाके को नशा-मुक्त बनाने के लिए इस अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया. 

पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे

गंडारिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मुनिरुज्जमान मुनिर ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने  की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा, "छह लोगों को हिरासत में लिया गया है.  ऐस दावा किया जा रहा है कि वे नशा करते हैं, इसलिए हम वहां गए और उन्हें अपने साथ ले आए." उन्होंने आगे बताया, "उनके पास से कुछ पाउडर मिला है. इसके जांच की जाएगी. इस तरह से यह पता चल सकेगा कि वह कोई नशीला पदार्थ है या नहीं."

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सितंबर में रूस से कच्चे तेल का आयात 13 प्रतिशत घटा, बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया संकट का असर: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। बढ़ती तेल कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सितंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात 13 प्रतिशत घट गया। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की रिपोर्ट के अनुसार, यह लगातार दूसरा महीना है जब रूसी कच्चे तेल का आयात कम हुआ है और अप्रैल के बाद यह सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते लाल सागर (रेड सी) के व्यापार मार्ग और होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों प्रभावित हुए, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ा और कीमतों में उछाल आया।

भारत में रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित जामनगर रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात 27 प्रतिशत घटा। वहीं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की पारादीप रिफाइनरी में आयात 21 प्रतिशत कम हुआ, जबकि नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में इसमें 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सितंबर में भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा जीवाश्म ईंधन खरीदार बना रहा। इस दौरान भारत ने 4.1 अरब यूरो मूल्य के रूसी हाइड्रोकार्बन का आयात किया, जिसमें 88 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल का था। रूस से इससे अधिक खरीद केवल चीन ने की।

सीआरईए की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2022 से अब तक रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही है, जबकि चीन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत रही।

इस बीच भारत और चीन के लिए बड़ी राहत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश जारी कर रूसी तेल निर्यात से जुड़े कई प्रतिबंधों और शुल्कों में छूट दे दी। ये प्रतिबंध अगले दिन लागू होने वाले थे। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय अमेरिका के “राष्ट्रीय हित” में लिया गया है। इससे भारत और चीन को मौजूदा स्तर पर रूसी तेल आयात जारी रखने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में रूस के यूराल ग्रेड कच्चे तेल की औसत कीमत महीने-दर-महीने 32 प्रतिशत बढ़कर 90.7 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। यह अप्रैल 2026 के बाद सबसे ऊंचा मासिक औसत स्तर है और यूरोपीय संघ तथा ब्रिटेन द्वारा निर्धारित 44.1 डॉलर प्रति बैरल की मूल्य सीमा से दोगुने से भी अधिक है। यह मूल्य सीमा 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हुई थी और यूरोपीय संघ के 21वें प्रतिबंध पैकेज के तहत इसे बरकरार रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले तेल परिवहन में महीने-दर-महीने 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई, इसके बावजूद वैश्विक जीवाश्म ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहीं। हालांकि, यह स्तर अभी भी अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से पहले के स्तर से नीचे है।

सीआरईए के अनुसार, होर्मुज ऊर्जा संकट ने रूस की जीवाश्म ईंधन निर्यात आय को भी बड़ा बढ़ावा दिया है। संस्था के विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद के छह महीनों में तेल और गैस की ऊंची कीमतों के कारण रूस की समुद्री मार्ग से होने वाली निर्यात आय में लगभग 35.9 अरब डॉलर (करीब 31 अरब यूरो) की अतिरिक्त वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस का जीवाश्म ईंधन निर्यात अभी भी कुछ प्रमुख खरीदारों पर अत्यधिक निर्भर है। चीन कच्चे तेल और कोयले का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, तुर्किये तेल उत्पादों की सबसे बड़ी खरीद कर रहा है, जबकि यूरोपीय संघ तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और पाइपलाइन गैस का सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि मॉस्को का ऊर्जा निर्यात कुछ चुनिंदा बाजारों पर काफी हद तक निर्भर है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

उम्र नहीं फिटनेस और फॉर्म देखें, Sunil Gavaskar ने Team India के लिए की Krunal Pandya की वकालत

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की है, जिसके बाद अब दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को भी दोबारा मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो उसकी उम्र को टीम में चयन के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर करीब 1,425 दिन बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके चयन से यह संकेत मिला है कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों को फिर से मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की संभावित वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस चर्चा के बीच क्रुणाल पांड्या का नाम आगे रखा है, जो पिछले कुछ समय से अपने खेल से प्रभावित कर रहे हैं।

क्रुणाल ने 2026 के आईपीएल सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 16 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत 30.35 और रन देने की दर 8.45 रही। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 226 रन बनाए। इसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई मैच जिताने वाली अर्धशतकीय पारी भी शामिल है। बता दें कि क्रुणाल अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पिछली 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

जियोस्टार से बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने क्रुणाल की गेंदबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्रुणाल गेंद को बहुत ज्यादा घुमाने वाले गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन वह अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करते हैं। वह बल्लेबाज के इरादे को समझकर गेंदबाजी करते हैं और कभी पैड की तरफ गेंद डालते हैं, तो कभी बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं। उनका मकसद केवल विकेट लेना ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकना भी होता है।

गावस्कर के मुताबिक, क्रुणाल खेल को समझने वाले खिलाड़ी हैं और मैदान पर हमेशा कोई न कोई योजना बनाकर उतरते हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी क्रुणाल के योगदान की सराहना की। गावस्कर का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी है, जो अपने प्रदर्शन से जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि टीम चुनते समय खिलाड़ियों की उम्र के बजाय उनके प्रदर्शन और फिटनेस को महत्व दिया जाना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तो उसे भारतीय टीम में मौका देने पर विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए चयन का आधार खिलाड़ी की उपयोगिता होनी चाहिए, न कि उसकी उम्र।

गौरतलब है कि क्रुणाल पांड्या ने आखिरी बार 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। अब गावस्कर के समर्थन के बाद उनके दोबारा भारतीय टीम में चुने जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Sun, 18 Oct 2026 23:24:00 +0530

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