UP के कर्मचारियों की गई मौज, दीपावली से पहले बोनस और DA बढ़ने की उम्मीद
UP DA Hike: त्योहारों के मौसम में उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी सेवकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेश के 12 लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की प्रबल उम्मीद बंध गई है. शासन स्तर पर अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने के साथ-साथ महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों के घरों में खुशियों के दीये और अधिक जगमगाएंगे, बल्कि त्योहारी खरीदारी के लिए उनके हाथ में अतिरिक्त रकम भी उपलब्ध होगी.
बोनस को लेकर वित्त विभाग में हलचल तेज
राज्य सरकार हर साल की तरह इस बार भी अपने नॉन-राजपत्रित कार्मिकों को दीपावली से पहले बोनस की सौगात देने जा रही है. वित्त विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. माना जा रहा है कि कर्मचारियों को उनके पद और वेतनमान के आधार पर 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की बोनस राशि प्रदान की जा सकती है. यह रकम सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाती है ताकि त्योहार से पहले वे अपनी पारिवारिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें. शासन की मंशा यही है कि पर्व की खुशियों में किसी प्रकार की आर्थिक अड़चन सामने न आए.
महंगाई भत्ते और राहत में तीन प्रतिशत इजाफे की उम्मीद
बोनस के अलावा प्रदेश के नियमित कार्मिकों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते यानी डीए और महंगाई राहत यानी डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का इंतजार है. केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के जीवन स्तर को महंगाई के दबाव से राहत दिलाने के लिए यह फैसला ले सकती है. इस इजाफे के बाद कर्मचारियों के मासिक वेतन में अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी. पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत मिलने से बड़ी मदद पहुंचेगी. शासन के स्तर पर यह तय किया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी किस तारीख से प्रभावी मानी जाएगी और एरियर की राशि का भुगतान किस प्रकार से होगा.
नवंबर में आने वाले वेतन में जुड़ेगा लाभ
यदि शासन स्तर से दशहरे के तुरंत बाद या अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से पहले औपचारिक शासनादेश जारी हो जाता है, तो कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा नवंबर में मिलने वाली तनख्वाह में दिखने लगेगा. अक्टूबर महीने का वेतन जो नवंबर के पहले सप्ताह में खातों में आएगा, उसमें बढ़े हुए भत्ते की राशि शामिल होकर मिलेगी. इसके अलावा यदि एरियर की मंजूरी मिलती है तो वह भी कर्मचारियों के खाते में जमा करा दी जाएगी. अधिकारी स्तर पर फाइलों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है ताकि तय समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं और समय पर कर्मचारियों को लाभ मिल सके.
4 लाख आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में भी राहत
इस बार की दीवाली केवल स्थायी और नियमित कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे करीब चार लाख आउटसोर्स कार्मिकों के लिए भी खास रहने वाली है. लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की राह देख रहे इन संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में सुधार की योजना बनाई गई है. सरकार इनके न्यूनतम मानदेय और भत्तों में सकारात्मक बदलाव लाने पर विचार कर रही है. अगर त्योहार से पहले इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है तो निचले स्तर पर काम करने वाले इन संविदाकर्मियों के परिवारों के लिए यह बहुत बड़ा सहारा साबित होगा.
आधिकारिक शासनादेश का बेसब्री से इंतजार
प्रदेशभर के कर्मचारी संगठन और लाखों परिवार अब केवल सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक ऐलान की राह देख रहे हैं. सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक सभी विभागों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस फाइल को हरी झंडी कब मिलती है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि त्योहार से पर्याप्त समय पूर्व आदेश जारी कर दिया जाएगा ताकि ट्रेजरी और लेखा विभाग बिल पास करने की प्रक्रिया समय पर पूरी कर लें. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार की दीपावली उत्तर प्रदेश के सरकारी तंत्र से जुड़े हर वर्ग के कर्मचारियों के लिए खुशियों का दोहरा पैकेट लेकर आ सकती है.
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Varanasi Ramleela: बेकाबू हुआ काशी नरेश का हाथी: महावत को सूंड से उठाकर पटका, कई दीवारें-दुकानें तोड़ीं
Varanasi Ramleela: वाराणसी की मशहूर रामलीला में शामिल हुआ एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया. वह इधर-उधर भागने लगा. आसपास रखी चीजों को सूंड से उठाकर फेंकने लगे. बिजली के खंभे तोड़ दिए. दीवारें और दुकानें भी तोड़ दीं. यह देखकर आसपास मौजूद लोग जान बचाकर भाग गए.
महावत को हाथी ने पटका
महावत ने हाथी को काबू में करने की कोशिश की तो हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया. पैरों से भी कुचलने की भी कोशिश की. उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. घटना पंचवटी मैदान में रविवार सुबह 10.30 बजे की है. महावत छापलू तीन हाथियों को खाना देने जा रहा था. इसी दौरान, उनमें से एक हाथी भड़क गया. वह मैदान से निकलकर सड़क पर भागने लगा.
रामनगर रामलीला का हाथी खाना खिलाते समय हुआ बेकाबू, महावत को उठाकर जमीन पर पटका, काटी गई क्षेत्र की बिजली, काबू करने को लगाये गए 500 लोग व पुलिस के जवान #Varanasi #Ramleela #Ramnagar pic.twitter.com/ioIPn6c065
— Dr Raghawendra Mishra (@RaghwendraMedia) October 18, 2026
200 लोग हाथी को काबू करने में जुटे
सूचना पर पहुंची पुलिस ने 2 किमी के इलाके को सील कर दिया है. आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है. लोगों से इलाके से दूर रहने के लिए कहा है. वन विभाग और एनडीआरएफ सहित 200 लोग हाथी को काबू करने में जुटे हुए हैं. रामनगर इलाके की बिजली भी काट दी गई है.
काशी नरेश के बेटे इन्हीं हाथी पर सवार होकर देखने जाते रामलीला
पंचवटी मैदान में आज भगवान राम और रावण का युद्ध हो रहा है. मैदान की दूरी जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर से 10 किलोमीटर है. यहां रामलीला के लिए आए हाथियों को रखा जाता है. रामलीला में हिस्सा लेने वाले एक्टर्स और अन्य लोग भी यहीं रहते हैं. काशी नरेश डॉ. अनंत नारायण सिंह के बेटे इसी हाथी पर सवार होकर रामलीला देखने जाते हैं.
13 साल से काशी नरेश का हाथी टकराया
महावत का नाम छपालु है. वह आजमगढ़ का रहने वाला है और पिछले 13 वर्षों से वह काशी नरेश के हाथी की देखभाल कर रहा है. रविवार सुबह रोज की तरह उन्होंने हाथी को नहलाया और खाना खिलाया. इस दौरान, हाथी अचानक बेकाबू हो गया. उसने छपालु को सूंड से उठाकर पटक दिया और दातों से शरीर के कई हिस्सों को चोट पहुंचाई. घायल महावत को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें करीब 50 टांके लगे हैं.
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