'व्हाइट-बॉल फिनिशर' का रेड-बॉल में तहलका, टीम इंडिया से बाहर चल रहे रिंकू सिंह ने रणजी ट्रॉफी में जड़े लगातार 2 शतक
Ranji Trophy: क्रिकेट में सेलेक्टर्स तक अपनी आवाज पहुंचाने का एक ही जरिया होता है और वो आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह इस समय बिल्कुल इसी 'मिशन' पर हैं. हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के साथ-साथ मुख्य भारतीय स्क्वाड और इंडिया 'ए' टीम से बाहर रखे जाने के बाद, रिंकू ने रेड-बॉल क्रिकेट में लौटते ही तबाही मचा दी है. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के अपने पहले मुकाबले में बिहार के खिलाफ 112 रन और अब दूसरे मैच में गोवा के खिलाफ नाबाद 118 रनों की बैक-टू-बैक शतकीय पारियां खेलकर इस खिलाड़ी ने साबित कर दिया है कि वह केवल एक 'व्हाइट-बॉल फिनिशर' नहीं, बल्कि टेस्ट फॉर्मेट के भी मंझे हुए खिलाड़ी हैं.
रिंकू सिंह ने रणजी ट्रॉफी में जड़ा लगातार दूसरा शतक
रणजी ट्रॉफी के पहले राउंड में उत्तर प्रदेश के लिए खेलते हुए रिंकू सिंह ने बिहार के खिलाफ शानदार 112 रनों की पारी खेली थी. इसके ठीक बाद, जारी दूसरे राउंड के मुकाबले में उन्होंने कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में गोवा के खिलाफ 186 गेंदों में 11 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 118 रन बनाकर अपनी टीम को संभाला. जब-जब उत्तर प्रदेश की टीम मुश्किल में आई, रिंकू ने एक छोर थामकर न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना 11वां शतक भी पूरा किया.
Hundred in first match ✅
— Johns. (@CricCrazyJohns) October 18, 2026
Hundred in second match ✅
- No Place in India & India A team but Rinku Singh continues to make impact in Ranji Trophy ????
He is on a mission, What a batter, hoping BCCI picks him soon, he deserves a spot. pic.twitter.com/w4PnlTg3jX
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 59+ का बेमिसाल औसत
रिंकू सिंह को सीमित ओवरों (T20I और IPL) का धाकड़ फिनिशर माना जाता है, लेकिन आंकड़े गवाही देते हैं कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन उतना ही दमदार है. रिंकू सिंह का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में औसत लगभग 59.52 का है, जो घरेलू क्रिकेट खेलने वाले एक्टिव बल्लेबाजों में सबसे बेहतरीन में से एक है. अपने 55 मैचों के करियर की 77 से अधिक पारियों में 11 शतक और 23 अर्धशतक लगाना उनके गजब के नियंत्रण और निरंतरता को दर्शाता है.
- 55 Matches in First Class Cricket.
— Tanuj (@ImTanujSingh) October 18, 2026
- 60+ Batting Average.
- 11* Hundreds.
- 23 Fifties.
RINKU SINGH HAS BEEN JUST PHENOMENAL IN FIRST CLASS CRICKET. ???? pic.twitter.com/t3yhVgdZgJ
रिंकू सिंह को नहीं मिल रही टीम इंडिया और इंडिया-ए में जगह
इतने शानदार घरेलू रिकॉर्ड और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 156.35 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने के बावजूद, रिंकू सिंह को हाल के दौरों और यहां तक कि बैकअप खिलाड़ियों की लिस्ट में भी जगह नहीं मिल रही है. सोशल मीडिया पर फैंस लगातार बीसीसीआई और चयनकर्ताओं पर सवाल उठा रहे हैं. फैंस का मानना है कि जो खिलाड़ी हर मुश्किल परिस्थिति में परफॉर्म कर रहा है, वह जल्द से जल्द भारतीय टेस्ट सेटअप या तीनों फॉर्मेट में नियमित जगह पाने का हकदार है.
क्या रिंकू सिंह की पूरी होगी टेस्ट कैप की चाहत?
रिंकू सिंह के इस बेहतरीन फॉर्म ने चयनकर्ताओं को गहरी सोच में डाल दिया है. जिस तरह से उन्होंने रणजी ट्रॉफी के शुरुआती दोनों मैचों में बड़े शतक लगाए हैं, उसे देखकर यह साफ है कि वे टीम इंडिया के दरवाजे को खटखटा नहीं रहे बल्कि उसे तोड़ने के लिए तैयार हैं. क्रिकेट जगत को पूरी उम्मीद है कि BCCI रिंकू के इस क्लास को पहचानेगा और जल्द ही उन्हें टीम इंडिया में वह स्थान मिलेगा जिसके वे हकदार हैं.
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UP के कर्मचारियों की गई मौज, दीपावली से पहले बोनस और DA बढ़ने की उम्मीद
UP DA Hike: त्योहारों के मौसम में उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी सेवकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेश के 12 लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की प्रबल उम्मीद बंध गई है. शासन स्तर पर अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने के साथ-साथ महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों के घरों में खुशियों के दीये और अधिक जगमगाएंगे, बल्कि त्योहारी खरीदारी के लिए उनके हाथ में अतिरिक्त रकम भी उपलब्ध होगी.
बोनस को लेकर वित्त विभाग में हलचल तेज
राज्य सरकार हर साल की तरह इस बार भी अपने नॉन-राजपत्रित कार्मिकों को दीपावली से पहले बोनस की सौगात देने जा रही है. वित्त विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. माना जा रहा है कि कर्मचारियों को उनके पद और वेतनमान के आधार पर 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की बोनस राशि प्रदान की जा सकती है. यह रकम सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाती है ताकि त्योहार से पहले वे अपनी पारिवारिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें. शासन की मंशा यही है कि पर्व की खुशियों में किसी प्रकार की आर्थिक अड़चन सामने न आए.
महंगाई भत्ते और राहत में तीन प्रतिशत इजाफे की उम्मीद
बोनस के अलावा प्रदेश के नियमित कार्मिकों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते यानी डीए और महंगाई राहत यानी डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का इंतजार है. केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के जीवन स्तर को महंगाई के दबाव से राहत दिलाने के लिए यह फैसला ले सकती है. इस इजाफे के बाद कर्मचारियों के मासिक वेतन में अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी. पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत मिलने से बड़ी मदद पहुंचेगी. शासन के स्तर पर यह तय किया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी किस तारीख से प्रभावी मानी जाएगी और एरियर की राशि का भुगतान किस प्रकार से होगा.
नवंबर में आने वाले वेतन में जुड़ेगा लाभ
यदि शासन स्तर से दशहरे के तुरंत बाद या अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से पहले औपचारिक शासनादेश जारी हो जाता है, तो कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा नवंबर में मिलने वाली तनख्वाह में दिखने लगेगा. अक्टूबर महीने का वेतन जो नवंबर के पहले सप्ताह में खातों में आएगा, उसमें बढ़े हुए भत्ते की राशि शामिल होकर मिलेगी. इसके अलावा यदि एरियर की मंजूरी मिलती है तो वह भी कर्मचारियों के खाते में जमा करा दी जाएगी. अधिकारी स्तर पर फाइलों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है ताकि तय समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं और समय पर कर्मचारियों को लाभ मिल सके.
4 लाख आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में भी राहत
इस बार की दीवाली केवल स्थायी और नियमित कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे करीब चार लाख आउटसोर्स कार्मिकों के लिए भी खास रहने वाली है. लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की राह देख रहे इन संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में सुधार की योजना बनाई गई है. सरकार इनके न्यूनतम मानदेय और भत्तों में सकारात्मक बदलाव लाने पर विचार कर रही है. अगर त्योहार से पहले इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है तो निचले स्तर पर काम करने वाले इन संविदाकर्मियों के परिवारों के लिए यह बहुत बड़ा सहारा साबित होगा.
आधिकारिक शासनादेश का बेसब्री से इंतजार
प्रदेशभर के कर्मचारी संगठन और लाखों परिवार अब केवल सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक ऐलान की राह देख रहे हैं. सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक सभी विभागों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस फाइल को हरी झंडी कब मिलती है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि त्योहार से पर्याप्त समय पूर्व आदेश जारी कर दिया जाएगा ताकि ट्रेजरी और लेखा विभाग बिल पास करने की प्रक्रिया समय पर पूरी कर लें. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार की दीपावली उत्तर प्रदेश के सरकारी तंत्र से जुड़े हर वर्ग के कर्मचारियों के लिए खुशियों का दोहरा पैकेट लेकर आ सकती है.
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